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1.64 करोड़ रुपये हवाला राशि के मामले मे यूएपीए की धारा 17 और 21 के तहत दर्ज मामले का आरोपी
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राजोेरी। नौशेरा के गांव सरिया का आरोपी मंजूर हुसैन के खिलाफ 7 सितंबर को धारा 17 और 21 (आतंकवादी कृत्य के लिए धन जुटाने) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) के तहत मामला दर्ज हुआ था। अभी तक वह पुलिस की पहुंच से बाहर है। पुलिस उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
सात सितंबर को पुलिस और सेना ने एलओसी पर तलाशी अभियान के दौरान 1, 64, 70, 600 रुपये की से भरे दो बैग बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच के दौरान यह दोनों बैग गांव सरिया निवासी मंजूर अहमद के हैं। जो ड्रग पेडलर सिकंदर का भाई है। सिकंदर को अगस्त में नशीली दवाओं की तस्करी करते पंजाब में गिरफ्तार किया गया। चार सितंबर को नौशेरा और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान सिकंदर के घर में छापा मार व तलाशी में 29.5 लाख रुपये बरामद किए और कानूनी औपचारिकताओं के बाद, नकदी को जांच के लिए पंजाब पुलिस को सौंप दिया। फिलहाल राजोरी पुलिस दोनों भाइयों के पास से बरामद की गई रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साथ ही पुलिस यूएपीए के आरोपी मंजूर हुसैन को भी तलाश रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
अतिरिक्त एसपी अमित वर्मा ने बताया कि पुलिस ने नकदी से जुड़े कुछ लिंक विकसित कर पहचाने हैं। पहचाना गया है कि आरोपी (मंजूर) अभी भी फरार है। एएसपी ने बताया कि जांच के इस मोड़ पर कोई और जानकारी साझा नहीं की जा सकती, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर देगी।
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सूत्रों ने बताया कि यह नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादी समूहों द्वारा नियंत्रित किए जा रहे हवाला धन को जुटाने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी नेटवर्क हो सकता है। ये नेटवर्क विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नियंत्रण रेखा के इस तरफ संचालित आतंकियों के ओजीडब्ल्यू के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। बता दें कि वर्ष 2018 मई में हिजबूल मुजाहिद के दो ओजीडब्ल्यू के साथ एक पूर्व आतंकवादी और राजोरी के केरी निवासी एक कुख्यात तस्कर को राजोेरी पुलिस ने एक लाख रुपये हवाला राशि के साथ उस समय गिरफ्तार किया था जब वो राशि को घाटी ले जा रहे थे। ये ाशि गिरफ्तार किए गए कुख्यात तस्कर मोहम्मद आरिफ द्वारा ड्रग्स बेच कर एकत्र की गई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान चारों ने खुलासा किया था कि मोहम्मद आरिफ राजोेरी में नशीली दवाओं के अवैध धंधे से हवाला का पैसा इकट्ठा कर रहा था और शोपियां के एचएम ओजीडब्ल्यू उससे पैसे लेकर घाटी जा रहे थे।
राजोरी पुलिस को पूरा विश्वास है कि नौशेरा के सरिया से बरामद करोड़ों रुपये भी हवाला रुपये हैं। इनको भी आतंकवादियों को आपूर्ति करने की योजना थी, जो पूरी नहीं हो सकी।
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सात सितंबर को पुलिस और सेना ने एलओसी पर तलाशी अभियान के दौरान 1, 64, 70, 600 रुपये की से भरे दो बैग बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच के दौरान यह दोनों बैग गांव सरिया निवासी मंजूर अहमद के हैं। जो ड्रग पेडलर सिकंदर का भाई है। सिकंदर को अगस्त में नशीली दवाओं की तस्करी करते पंजाब में गिरफ्तार किया गया। चार सितंबर को नौशेरा और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान सिकंदर के घर में छापा मार व तलाशी में 29.5 लाख रुपये बरामद किए और कानूनी औपचारिकताओं के बाद, नकदी को जांच के लिए पंजाब पुलिस को सौंप दिया। फिलहाल राजोरी पुलिस दोनों भाइयों के पास से बरामद की गई रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साथ ही पुलिस यूएपीए के आरोपी मंजूर हुसैन को भी तलाश रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
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अतिरिक्त एसपी अमित वर्मा ने बताया कि पुलिस ने नकदी से जुड़े कुछ लिंक विकसित कर पहचाने हैं। पहचाना गया है कि आरोपी (मंजूर) अभी भी फरार है। एएसपी ने बताया कि जांच के इस मोड़ पर कोई और जानकारी साझा नहीं की जा सकती, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर देगी।
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सूत्रों ने बताया कि यह नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादी समूहों द्वारा नियंत्रित किए जा रहे हवाला धन को जुटाने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी नेटवर्क हो सकता है। ये नेटवर्क विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नियंत्रण रेखा के इस तरफ संचालित आतंकियों के ओजीडब्ल्यू के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। बता दें कि वर्ष 2018 मई में हिजबूल मुजाहिद के दो ओजीडब्ल्यू के साथ एक पूर्व आतंकवादी और राजोरी के केरी निवासी एक कुख्यात तस्कर को राजोेरी पुलिस ने एक लाख रुपये हवाला राशि के साथ उस समय गिरफ्तार किया था जब वो राशि को घाटी ले जा रहे थे। ये ाशि गिरफ्तार किए गए कुख्यात तस्कर मोहम्मद आरिफ द्वारा ड्रग्स बेच कर एकत्र की गई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान चारों ने खुलासा किया था कि मोहम्मद आरिफ राजोेरी में नशीली दवाओं के अवैध धंधे से हवाला का पैसा इकट्ठा कर रहा था और शोपियां के एचएम ओजीडब्ल्यू उससे पैसे लेकर घाटी जा रहे थे।
राजोरी पुलिस को पूरा विश्वास है कि नौशेरा के सरिया से बरामद करोड़ों रुपये भी हवाला रुपये हैं। इनको भी आतंकवादियों को आपूर्ति करने की योजना थी, जो पूरी नहीं हो सकी।