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सेना ने कोरोना योद्धाओं के लिए बढ़ाया हाथ
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राजोरी। जिला प्रशासन ने लगभग एक माह पहले जिले में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों की सैंपलिंग करने के लिए उपायुक्त राजेश कुमार शवन के निर्देश पर जिले में पांच कोरोना सैंपल कलेक्शन सेंटर की स्थापना की। लेकिन तब से बुद्धल में बनाए गए कलेक्शन प्वाइंट पर तैनात कोरोना योद्धाओं को वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न होने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। क्योंकि नागरिक प्रशासन उन्हें पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और बुनियादी ढांचा प्रदान करने में विफल रहा है।
बीजेपी युवा इकाई के प्रवक्ता मंजूर अहमद नाइक ने लगातार जिला प्रशासन से अपील की कि वह बुद्धल परीक्षण बिंदु पर कोरोना योद्धाओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करें, लेकिन सभी व्यर्थ रहे। कोविड परीक्षण टीम ने बिना किसी बैठने की व्यवस्था और अपेक्षित बुनियादी ढांचे के सड़क पर खडे़ होकर सैंपल लिए। जब ये मुद्दा सेना के कमांडिंग ऑफिसर के साथ उठाया गया तो टीसीपी टेस्टिंग प्वाइंट बुद्धल में कोरोना योद्धाओं को बैठने की व्यवस्था और टेंट की सुविधा उपलब्ध कराए और सेना ने तत्काल टेंट लगा कर कोरोना योद्धाओं के बैठने के लिए कुर्सियां और अन्य बुनियादी ढांचा प्रदान कर दिया।
स्थानीय लोगों ने सेना के इस कार्य के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सेना है जो नागरिकों और साथ ही नागरिक प्रशासन को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जब भी नागरिकों को सेना की सहायता की आवश्यकता होती है, सेना हमेशा अवाम के लिए आगे रहती है।
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बीजेपी युवा इकाई के प्रवक्ता मंजूर अहमद नाइक ने लगातार जिला प्रशासन से अपील की कि वह बुद्धल परीक्षण बिंदु पर कोरोना योद्धाओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करें, लेकिन सभी व्यर्थ रहे। कोविड परीक्षण टीम ने बिना किसी बैठने की व्यवस्था और अपेक्षित बुनियादी ढांचे के सड़क पर खडे़ होकर सैंपल लिए। जब ये मुद्दा सेना के कमांडिंग ऑफिसर के साथ उठाया गया तो टीसीपी टेस्टिंग प्वाइंट बुद्धल में कोरोना योद्धाओं को बैठने की व्यवस्था और टेंट की सुविधा उपलब्ध कराए और सेना ने तत्काल टेंट लगा कर कोरोना योद्धाओं के बैठने के लिए कुर्सियां और अन्य बुनियादी ढांचा प्रदान कर दिया।
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स्थानीय लोगों ने सेना के इस कार्य के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सेना है जो नागरिकों और साथ ही नागरिक प्रशासन को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जब भी नागरिकों को सेना की सहायता की आवश्यकता होती है, सेना हमेशा अवाम के लिए आगे रहती है।
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