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Rajouri News: बड्डाल का दुस्वप्न समाप्त, लेकिन भय बरकरार

Tue, 18 Feb 2025 01:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी Updated Tue, 18 Feb 2025 01:27 AM IST
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Baddal's nightmare ends, but fear remains
गांव के 300 से अधिक परिवार तीन हफ्तों तक अलग-थलग रहने के बाद घर लौटे, 18 लोग अब भी क्वारेंटाइन केंद्र में
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राजोरी। राजोरी के दूरदराज के बड्डाल गांव में बीते दिसंबर में परिवार के सदस्यों को खोने वाले लोगों का दुस्वप्न भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन अनसुलझे सवाल और डर अब भी कायम हैं। गांव के 300 से अधिक परिवार तीन हफ्तों तक अलग-थलग रहने के बाद अपने घर लौट आए हैं, मगर 18 लोग अब भी जीएमसी राजोरी के क्वारंटाइन केंद्र में हैं।
अब भी अनसुलझे हैं मौत के रहस्य
बड्डाल में हुए हादसे में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जांचों के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन मौतों की असली वजह क्या थी। एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञों की एक टीम ने जीएमसी राजोरी के डॉक्टरों की मदद से एक प्रोटोकॉल तैयार किया है। इसके तहत क्वारंटाइन में रखे गए लोगों को चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जा रहा है।
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जहर का संदेह, लेकिन स्रोत अज्ञात
जीएमसी राजोरी के सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. सैयद शुजा अख्तर कादरी के अनुसार किसी भी विषाक्तता या जहर के संदेह पर 21 दिनों का क्वारंटीन प्रोटोकॉल अनिवार्य होता है, जिसे पूरा करने के बाद सभी लोगों को घर भेज दिया गया है।
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न्यूरोटॉक्सिन से जुड़ा हो सकता है मामला
विशेषज्ञों की दो टीमें – एक केंद्रीय गृह मंत्रालय से और दूसरी जम्मू-कश्मीर सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस त्रासदी के कारणों और किसी संभावित साजिश की जांच कर रही हैं। अब तक सामने आई पर्यावरण और मृतकों की सैंपलिंग रिपोर्ट के आधार पर यह माना जा रहा है कि इन मौतों के पीछे न्यूरोटॉक्सिन का हाथ हो सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक ऑर्गनोफॉस्फेट, कार्बामेट, सल्फॉन, क्लोरफेनेपायर जैसे कुछ अन्य जहरीले तत्व इस घटना से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन विषाक्त पदार्थों का स्रोत अभी तक पता नहीं चल पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।

डॉ. कादरी का कहना है कि विषाक्तता के मामलों में जल्दी रिपोर्ट करना बेहद जरूरी है। हमने ग्रामीणों को जागरूक किया है कि लक्षणों को जल्द पहचानें और समय पर चिकित्सा सहायता लें। संवाद
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