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Rajouri News: क्वारंटीन सेंटर से लौटे 62 परिवारों को नया राशन मिला, पुराना सील
Sat, 15 Feb 2025 02:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 15 Feb 2025 02:25 AM IST
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बड्डाल में राशन से भरा डिपो और लोगों को पानी की आपूर्ति करते विभागीय कर्मी। संवाद
- फोटो : rajauri
बड्डाल में अज्ञात बीमारी के चलते क्वरंटीन किए गए 330 लोग वीरवार को घर लौटे
राजोरी। कोटरंका सब-डिवीजन के बड्डाल गांव में अज्ञात बीमारी से क्वारंटीन किए गए 62 परिवारों के 330 लोगों को प्रशासन की तरफ से राशन दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से इनके घर में रखा पुराना राशन सील कर दिया गया।
बड्डाल गांव में अज्ञात बीमारी से 17 लोगों की मौत के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए 62 परिवारों के 330 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। 22 दिन बाद वीरवार को इन्हें घर लौटने की अनुमति दी गई। इससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।
डीसी के आदेशानुसार घर लौटने वाले लोग पहले से रखे गए राशन का उपयोग नहीं कर सकते थे। एडीसी कोटरंका को निर्देश दिए गए कि वे इन परिवारों के घरों में रखे पुराने राशन को सील करें। विशेष टीमों ने इस आदेश का पालन करते हुए राशन को सील कर दिया। सरकारी राशन डिपो से नया राशन वितरित किया गया।
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इसके अलावा प्रशासन उन 20 परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने सदस्यों को खो दिया। अन्य 61 परिवारों को भी नया राशन दिया गया क्योंकि उनका पुराना राशन जब्त कर लिया गया था। प्रशासन ने विशेष टैंकरों से पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी है, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रभावित परिवारों को अन्य आवश्यक सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।
22 दिन बाद घर लौटे लोगों ने जताई राहत और चिंता
क्वारंटीन सेंटर से लौटे स्थानीय निवासी जमाल दीन ने घर पहुंचने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, 22 दिनों तक प्रशासन ने हमारी पूरी देखभाल की, लेकिन अपने पशुओं और फसलों की चिंता हमें सताती रही। अब घर लौटकर देखा कि हमारे मवेशी सही सलामत हैं, तो सुकून मिला।
वहीं, वाहिद इकबाल ने कहा कि प्रशासन का सहयोग करने के बावजूद गांव में फैली इस अज्ञात बीमारी की असली वजह जानने की उत्सुकता बनी हुई है। यह बीमारी हमारे गांव में 13 मासूम बच्चों समेत 17 लोगों की जान ले चुकी है। हम चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इसकी असली वजह पता लगाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई त्रासदी न हो। अज्ञात बीमारी के कारणों की जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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राजोरी। कोटरंका सब-डिवीजन के बड्डाल गांव में अज्ञात बीमारी से क्वारंटीन किए गए 62 परिवारों के 330 लोगों को प्रशासन की तरफ से राशन दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से इनके घर में रखा पुराना राशन सील कर दिया गया।
बड्डाल गांव में अज्ञात बीमारी से 17 लोगों की मौत के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए 62 परिवारों के 330 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। 22 दिन बाद वीरवार को इन्हें घर लौटने की अनुमति दी गई। इससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।
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डीसी के आदेशानुसार घर लौटने वाले लोग पहले से रखे गए राशन का उपयोग नहीं कर सकते थे। एडीसी कोटरंका को निर्देश दिए गए कि वे इन परिवारों के घरों में रखे पुराने राशन को सील करें। विशेष टीमों ने इस आदेश का पालन करते हुए राशन को सील कर दिया। सरकारी राशन डिपो से नया राशन वितरित किया गया।
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इसके अलावा प्रशासन उन 20 परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने सदस्यों को खो दिया। अन्य 61 परिवारों को भी नया राशन दिया गया क्योंकि उनका पुराना राशन जब्त कर लिया गया था। प्रशासन ने विशेष टैंकरों से पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी है, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रभावित परिवारों को अन्य आवश्यक सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।
22 दिन बाद घर लौटे लोगों ने जताई राहत और चिंता
क्वारंटीन सेंटर से लौटे स्थानीय निवासी जमाल दीन ने घर पहुंचने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, 22 दिनों तक प्रशासन ने हमारी पूरी देखभाल की, लेकिन अपने पशुओं और फसलों की चिंता हमें सताती रही। अब घर लौटकर देखा कि हमारे मवेशी सही सलामत हैं, तो सुकून मिला।
वहीं, वाहिद इकबाल ने कहा कि प्रशासन का सहयोग करने के बावजूद गांव में फैली इस अज्ञात बीमारी की असली वजह जानने की उत्सुकता बनी हुई है। यह बीमारी हमारे गांव में 13 मासूम बच्चों समेत 17 लोगों की जान ले चुकी है। हम चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इसकी असली वजह पता लगाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई त्रासदी न हो। अज्ञात बीमारी के कारणों की जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।