{"_id":"b29126e9fcc819f8b3322a917f1ff75c","slug":"after-work-did-not-get-paid-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम के बाद भी नहीं मिला भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम के बाद भी नहीं मिला भुगतान
मेंढर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील के सिटी क्षेत्र के सरपंच देवेन्द्र कुमार टंडन की अगुवाई में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें गोलद पंचायत के सभी पंचों ने भाग लिया।
विज्ञापन
बैठक का मुख्य मुद्दा बीते वर्ष में हुए कई पंचायती कार्यों की बकाया राशि का आज तक भुगतान नहीं होना था। पंचों का कहना था कि बीते वित्तीय वर्ष में उन्होंने कई कार्य अपना खर्चा कर करवाए मगर सरकार की ओर से हमें उस राशि का भुगतान नहीं किया गया।
विज्ञापन
अब नए वर्ष के काम करवाने को कहा जा रहा है जिसके लिए हमें इस बैठक का आयोजन करना पड़ा। सिटी सरपंच देवेन्द्र कुमार टंडन ने कहा कि हमने पूरी पंचायत में पिछले वर्ष के प्लान में काम करवाए और सभी काम पंचों और स्थानीय नरेगा कार्ड धारकों ने करवाए।
विज्ञापन
मगर उनके बिल का कोई भुगतान करे बगैर नए कार्यों के लिए प्लान तैयार करवाए जा रहे हैं। हमें सरकार द्वारा कहा जा रहा है कि आप नए काम भी करवाओ। ऐसे में पहले भुगतान नहीं होने पर हम नए कार्य कैसे शुरू करवाएं। उन्होंने सरकार से बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने पास से रकम लगाकर कितना काम करवा सकते हैं। इसकी एक सीमा है और इसका असर उनके परिवार पर भी पड़ता है।
हालत यह है कि वे बकाया जारी न होने से कर्ज के नीचे दबते चले जा रहे हैं। सरकार को लोगों की समस्याओं काे समझना चाहिए।