फारूक अब्दुल्ला से ईडी की पूछताछ, उमर ने कार्रवाई को बताया गुपकार समझौते का बदला
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला 'जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन' (जेकेसीए) में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। ईडी की टीम श्रीनगर स्थित अपने कार्यालय में पूर्व सीएम से पूछताछ कर रही है। इस मामले में पहले भी उन्हें ईडी ने तलब किया था। वहीं, फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि यह पूछताछ गुपकार समझौते को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए की जा रही है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में कथित 112 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला काफी पुराना है। इसकी जांच का जिम्मा जम्मू कश्मीर पुलिस को दिया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट ने इसे सीबीआई को सौंप दिया। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ने के बाद इसकी जांच में ईडी भी शामिल हुई।
Jammu and Kashmir: National Conference leader Farooq Abdullah arrives at Enforcement Directorate (ED) office in Srinagar. More details awaited. pic.twitter.com/GQStWxlmCN
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 19, 2020
वहीं, ईडी की पूछताछ को लेकर फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस शीघ्र ही ईडी समन को लेकर जवाब देगी। यह गुपकार समझौते के लिए हुए अलायंस के गठन को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए की जा रही है। बताना चाहता हूं कि डॉ साहब के आवास पर छापा नहीं मारा जा रहा है।
The party will be responding to this ED summons shortly. This is nothing less then political vendetta coming days after the formation of the People’s Alliance for Gupkar Declaration. To set the record straight no raids are being conducted at Dr Sahib’s residence.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) October 19, 2020
यह है मामला
बीसीसीआई ने 2002 से 2011 के बीच जम्मू कश्मीर में क्रिकेट सुविधाओं के विकास के लिए 112 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन आरोप है कि इस राशि में से 43.69 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। मामले को लेकर रणजी ट्राफी कोच और सेलेक्टर व कश्मीर के क्रिकेट खिलाड़ी माजिद अहमद ने 2015 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल फाइल की थी।
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इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस की जांच करने के आदेश दिए। सीबीआई ने आदेश के बाद मामला दर्ज किया। सीबीआई ने जांच कर जेकेसीए अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद सलीम खान (महासचिव), एहसान अहमद मिर्जा (खजांची) और बशीर अहमद मिसगर (बैंक में एग्जीक्यूटिव) के खिलाफ षड्यंत्र और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के आरोप लगाते हुए अदालत में चार्जशीट दायर की थी। करीब 8 हजार पन्नों की चार्जशीट में धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने आरोपों को खारिज किया है।