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Kathua News: जल शक्ति विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
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कठुआ। ट्यूबवेल में आने वाली बार-बार की खराबी के चलते पर जल संकट का सामना कर रहे चक रिज्जु गांव के लोगों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जल शक्ति विभाग के खिलाफ कड़ा रोष जताते हुए नारेबाजी की।
विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन में शामिल आशा देवी ने कहा कि आए दिन उनके गांव में जल शक्ति विभाग की ओर से लगाया गया ट्यूबवेल खराब होता रहता है। इसके कारण जल संकट गहरा जाता है। इससे सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित होती हैं क्योंकि उनको ही घरों के सभी काम निपटाना होते हैं। उन्होंने कहा कि उनके गांव में कोई पानी का अन्य स्रोत भी नहीं है, जिसके माध्यम से गांव के लोग अपनी जरूरत को पूरा कर सकें। ऐसी हालत में अगर ट्यूबवेल खराब हो जाता है तो गांव में रहने वाले करीब एक हजार परिवारों के सामने जल संकट की समस्या पैदा हो जाती है। वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बोनी शर्मा ने विभाग की कार्यप्रणाली को पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा के पिछले एक साल के दौरान उनके गांव में जलापूर्ति करने के लिए विभाग की ओर से लगाया गया ट्यूबवेल छह बार खराब हो चुका है। हर बार मरम्मत के नाम पर विभाग की ओर से जो मोटर लगाई जाती है, वह दो चार या फिर 10 दिन चलकर खराब हो जाती है। इसके कारण वहां रहने वालों के लिए पेयजल संकट आज भी बना हुआ है। मजबूर होकर उन्हें विभाग के कार्यालय में आना पड़ा है। अगर जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय लोग सड़क पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस मौके पर शीलो देवी, विमला देवी, सुरेश कुमार, अभिषेक शर्मा, कविता देवी, पूनम शर्मा, सुमनलता और किरण देवी आदि भी मौजूद रहीं।
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विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन में शामिल आशा देवी ने कहा कि आए दिन उनके गांव में जल शक्ति विभाग की ओर से लगाया गया ट्यूबवेल खराब होता रहता है। इसके कारण जल संकट गहरा जाता है। इससे सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित होती हैं क्योंकि उनको ही घरों के सभी काम निपटाना होते हैं। उन्होंने कहा कि उनके गांव में कोई पानी का अन्य स्रोत भी नहीं है, जिसके माध्यम से गांव के लोग अपनी जरूरत को पूरा कर सकें। ऐसी हालत में अगर ट्यूबवेल खराब हो जाता है तो गांव में रहने वाले करीब एक हजार परिवारों के सामने जल संकट की समस्या पैदा हो जाती है। वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बोनी शर्मा ने विभाग की कार्यप्रणाली को पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा के पिछले एक साल के दौरान उनके गांव में जलापूर्ति करने के लिए विभाग की ओर से लगाया गया ट्यूबवेल छह बार खराब हो चुका है। हर बार मरम्मत के नाम पर विभाग की ओर से जो मोटर लगाई जाती है, वह दो चार या फिर 10 दिन चलकर खराब हो जाती है। इसके कारण वहां रहने वालों के लिए पेयजल संकट आज भी बना हुआ है। मजबूर होकर उन्हें विभाग के कार्यालय में आना पड़ा है। अगर जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय लोग सड़क पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस मौके पर शीलो देवी, विमला देवी, सुरेश कुमार, अभिषेक शर्मा, कविता देवी, पूनम शर्मा, सुमनलता और किरण देवी आदि भी मौजूद रहीं।
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