फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Unlock

लखनपुर कॉरिडोर से होने लगा अंतरराज्यीय बसों का आवागमन

विज्ञापन
Unlock
ग्राहकों की कमी के कारण लखनपुर में सूनी पड़ी दुकानें, संवाद। - फोटो : KATHUA
कठुआ। डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर प्रवेशद्वार से एसआरटीसी की बसों को आवाजाही की अनुमति दे दी गई है। इस संदर्भ में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राहुल यादव की ओर से आदेश जारी किए गए।
विज्ञापन

आदेश जारी होने के बाद से एसआरटीसी बसों की आवाजाही का सिलसिला तेज हो गया। देर शाम तक दर्जनों बसों ने लखनपुर कॉरिडोर के रास्ते प्रदेश में आवाजाही की। पहले ये बसें माधोपुर और उसके बाद लखनपुर कॉरिडोर तक ही रुक जाती थीं। निजी बसों से आने वाले यात्रियों को किराया जम्मू तक का चुकाना पड़ता था। जबकि, उन्हें लखनपुर कॉरिडोर से पहले ही उतार दिया जाता था। ऐसे में यह सुविधा यात्रियों के लिए बड़ी राहत है।
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से जारी आदेशानुसार इन बसों से सफर करने वालों के लिए कोरोना टीकाकरण की दोनों खुराकें या 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर रिपोर्ट होना अनिवार्य है। इसके अलावा मौके पर ही रैपिड जांच कराई जा सकेगी। एसआरटीसी के महाप्रबंधक सुदेश गुप्ता ने बताया कि अंतरराज्यीय परिवहन को अनुमति मिल गई है। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर आरटीसी की दिल्ली के लिए एक, बसोहली के लिए एक, अमृतसर के लिए सात और 14 वाहन पठानकोट के लिए चलाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि अगले एक महीने तक जम्मू-कश्मीर एसआरटीसी के बेड़े में 70 से 80 नई बसें शामिल हो जाएंगी। कुल मिलाकर विभिन्न मार्गों पर सौ के लगभग बसों को उतार दिया जाएगा। ऐसे में जम्मू-कश्मीर एसआरटीसी को आने वाले समय में अन्य मार्गों पर भी चलाया जा सकेगा। नए बेडे़ में सेमी डीलक्स और 19 सीटों वाली एसी बसें भी शामिल हैं।
-----
लखनपुर में लौटेगी रौनक
डेढ़ साल की लंबी अवधि के बाद लखनपुर में अंतरराज्यीय यात्री वाहनों के चलने से रौनक लौटने लगी है। जम्मू-कश्मीर से अन्य प्रदेशों के लिए गई बसें जैसे-जैसे वापस लौटना शुरू होंगी, उसके साथ ही अन्य राज्यों और प्रदेशों से भी बसें जम्मू और कटड़ा तक चलना शुरू हो जाएंगी। ऐसे में स्थानीय व्यवसायियों को भी उम्मीद है कि डेढ़ साल से न के बराबर हो चुके लखनपुर में व्यवसाय में फिर तेजी आएगी।
-----
पिछले दो सालों से लखनपुर में पहले कोरोना लॉकडाउन के चलते व्यवसाय पूरी तरह से ठप रहा। बाद में जब दुकानें खोलने की इजाजत मिली, तो बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर पाबंदी रही। जिससे रोजगार पूरी तरह से प्रभावित है। बाहरी राज्यों की बसों के कस्बे में रुकने के बाद अच्छे रोजगार की उम्मीद जगी है।
- गोविंद मेहरा
----
कोरोना महामारी के बाद भले ही दुकान खुल रही है, लेकिन यात्रियों के न आने से अब तक कामकाज पटरी पर नहीं आ सका है। नियमित रूप से होने वाली दुकानदारी में 80 प्रतिशत तक कमी लगातार चली आ रही है। ऐसे में कस्बे के हर दुकानदार को बाहरी राज्यों से आने वाली बसों का इंतजार है।
- रवि कुमार।
---
छोटे-छोटे रोजगार करने वालों के पास ज्यादा जमापूंजी नहीं थी। लॉकडाउन के दौरान कस्बे के इस श्रेणी के दुकानदार पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। कई कर्ज के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। अब अंतरराज्यीय बसों के आगमन शुरू होने के बाद ही इनकी दशा में सुधार होगा।

- शमशेर सिंह
----
लॉकडाउन के बाद से कस्बे में दुकानें तो खुल गईं, लेकिन यहां ग्राहकों का अकाल लगातार बना हुआ है। ऐसे में यहां रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले लोगों को बाहरी राज्यों से सवारियां लेकर आने वाली बसों का लंबे समय से इंतजार है।
- बिल्लू कुमार

बाहरी राज्यों से बसों के न आने से सूना पड़ा लखनपुर का मुख्य अड्डा, संवाद।

बाहरी राज्यों से बसों के न आने से सूना पड़ा लखनपुर का मुख्य अड्डा, संवाद।- फोटो : KATHUA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed