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Kathua News: चड़वाल और घगवाल में बन रहे दो फ्लाईओवर से यातायात होगा सुगम

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Two Flyover Construct at Chadwal And Ghagwal
- दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर बन रहे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे के दो बड़े फ्लाईओवर
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- घगवाल और चड़वाल को करेंगे बाईपास, घनी आबादी वाले इलाकों में हाईवे जारी रहने के बीच सीधे तैयार सेग्मेंट पुल पर रख दिए जाएंगे



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साहिल खजूरिया

कठुआ। जम्मू-कश्मीर में दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर पहली बार दो ऐसे पुल बनने जा रहे हैं जो यातायात को और भी सुगम बना देंगे। अपनी ही तरह के पहले फ्लाईओवर सांबा और कठुआ जिले में होंगे।
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के पैकेज 14 में चड़वाल और पैकेज 15 में घगवाल में कम चौड़ाई और अधिक लंबाई के दो ऐसे ढांचे तैयार किए जा रहे हैं जो एक्सप्रेस वे पर यातायात को और भी सुगम कर देंगे। चड़वाल में 840 मीटर लंबा जबकि घगवाल में 1.6 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर तैयार किया जा रहा है। घनी आबादी वाले इलाकों को बाईपास करते हुए यह फ्लाईओवर जहां जाम से निजात दिलाएंगे वहीं कम चौड़ाई में भी सुपरस्ट्रक्चर के रूप में जम्मू-कश्मीर में मिसाल भी पेश करेंगे। दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे के यह दोनों फ्लाईओवर ब्राउन फील्ड को बाईपास करने जा रहे हैं। घनी आबादी होने के चलते एक्सप्रेस वे पर कम चौढ़ाई का भी दबाव था। लिहाजा इन्हें इसी तरह से डिजाइन किया गया है कि इनमें राजमार्ग के साथ-साथ एक्सप्रेस वे भी सुचारू रूप से चलता रहे।
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निर्माण एजेंसी के अनुसार चड़वाल में तैयार हो रहे फ्लाईओवर में 18 स्पैन होंगे जिससे यह 840 मीटर की दूरी को बाईपास कर देगा। प्रति स्पैन लंबाई जहां 44.11 मीटर की रहने वाली है तो चुनौतीपूर्ण चौढ़ाई 34.5 मीटर की रहेगी। इसके बाद राजमार्ग को आठ मीटर की चौड़ाई वाली सड़क पर चलाया जाएगा। इसी तरह का ढांचा घगवाल में भी तैयार किया जा रहा है। यह लंबाई के लिहाज से अपनी ही तरह का एक अनूठा ढांचा होगा।
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कायदे से इसमें प्री स्ट्रेस्ड केबल होगी जिसका इस्तेमाल दिल्ली मेट्रो निर्माण के लिए किए गए फ्लाईओवर में किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घनी आबादी वाले इलाके में निर्माण कार्य को पारंपरिक तरीके से करने की जगह इसमें अलग जगह पर सेग्मेंट तैयार कर पिलर पर रखा जाता है। इससे रुटीन में हाईवे पर चलने वाला ट्रैफिक बाधित नहीं होगा। ज्ञात रहे कि 670 किलोमीटर लंबे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे का निर्माण तेजी से जारी है जो श्री माता वैष्णो देवी से दिल्ली तक की दूरी को और भी कम करते हुए यात्रा समय को भी कम कर देगा।

कोट...
चड़वाल और घगवाल के दोनों फ्लाईओवर के निर्माण का तरीका पारंपरिक पुल निर्माण से बिल्कुल अलग है। इसके सेगमेंट को निर्माण यार्ड में प्री कास्ट किया जाता है। इसके बाद ट्रेलर में रखकर ढांचे पर लगा दिया जाता है। इसके बाद इस पर सिर्फ तारकोल ही डाले जाने का काम शेष रह जाता है।
-राजीव कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई जम्मू
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