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इसी माह जमीनी स्तर पर शुरू होगा अरुण जेटली मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का काम
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हीरानगर। देश के बेहतरीन स्पोटर्स स्टेडियमों में से एक होने के साथ ही अरुण जेटली मेमोरियल मल्टी स्पोटर्स कांप्लेक्स उत्तर भारत का अपनी ही तरह का पहला कांप्लेक्स बनने जा रहा है। यूं तो अप्रैल महीने में ही इसका काम जमीनी स्तर पर शुरू करने की तैयारी थी लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह परियोजना अब इसे महीने परवान चढ़नी शुरू हो जाएगी।
271 कनाल कुल जमीन पर बनने जा रहे इस मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में 144 कनाल सरकारी और शेष घास चराई और निजी जमीन है। प्रशासन की तैयारी है कि पहले चरण में सरकारी जमीन का कब्जा स्पोर्ट्स काउंसिल को देकर इसका जमीनी स्तर पर काम जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो स्टेडियम में सरकारी जमीन के हिस्से पर बनने वाले ढांचों पर काम इसी महीने शुरू करने की तैयारी कर ली गई है।
जम्मू कश्मीर में अनुछेद 370 हटने के बाद यह विशेष रूप से युवाओं के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी परियोजना बनकर सामने आई है। इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की ओर से भी परियोजना को मंजूरी दिलाने से लेकर जमीनी स्तर पर शुरू करने को लेकर रुची दिखाए जाने के बाद काम शुरू होने जा रहा है।
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परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर दस्तावेज बनाकर इसी सप्ताह भेज दिए जाएंगे। परियोजना का काम धरातल पर तत्काल शुरू किया जा सके, इसके लिए उपलब्ध सरकारी जमीन जल्द से जल्द स्पोर्ट्स काउंसिल को सौंपी जाएगी।
-राहुल यादव, डीसी कठुआ
हीरानगर में अरुण जेटली मेमोरियल मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को लेकर सोमवार को भी प्रशासन के साथ बैठक रखी गई है। उम्मीद है कि जल्द स्पोर्ट्स काउंसिल को प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
-नजाहत गुल, सचिव स्पोर्ट्स काउंसिल
क्रिकेट के साथ अन्य खेलों की सुविधाएं होंगी
प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत इस योजना में अंतराष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रिकेट स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, लॉन टेनिस, साइकिल ट्रैक, एथलीट्स ट्रैक, हॉकी, फुटबाल, हैंडबाल, वॉलीबाल सहित इंडोर खेलों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी
यह स्टेडियम भारत पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है। विशेष रूप से जम्मू कश्मीर के युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मंच दिलाने का काम यह स्टेडियम करेगा। निस्संदेह ही सीमा पार से गोलाबारी प्रभावित रहने वाले इस इलाके में विकास की यह नई सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा भारत को समर्पित है। जहां गोले बरसते थे वहां अब अगले कुछ ही वर्षों में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होकर निकलेंगे।
-डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री
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271 कनाल कुल जमीन पर बनने जा रहे इस मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में 144 कनाल सरकारी और शेष घास चराई और निजी जमीन है। प्रशासन की तैयारी है कि पहले चरण में सरकारी जमीन का कब्जा स्पोर्ट्स काउंसिल को देकर इसका जमीनी स्तर पर काम जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो स्टेडियम में सरकारी जमीन के हिस्से पर बनने वाले ढांचों पर काम इसी महीने शुरू करने की तैयारी कर ली गई है।
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जम्मू कश्मीर में अनुछेद 370 हटने के बाद यह विशेष रूप से युवाओं के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी परियोजना बनकर सामने आई है। इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की ओर से भी परियोजना को मंजूरी दिलाने से लेकर जमीनी स्तर पर शुरू करने को लेकर रुची दिखाए जाने के बाद काम शुरू होने जा रहा है।
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परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर दस्तावेज बनाकर इसी सप्ताह भेज दिए जाएंगे। परियोजना का काम धरातल पर तत्काल शुरू किया जा सके, इसके लिए उपलब्ध सरकारी जमीन जल्द से जल्द स्पोर्ट्स काउंसिल को सौंपी जाएगी।
-राहुल यादव, डीसी कठुआ
हीरानगर में अरुण जेटली मेमोरियल मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को लेकर सोमवार को भी प्रशासन के साथ बैठक रखी गई है। उम्मीद है कि जल्द स्पोर्ट्स काउंसिल को प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
-नजाहत गुल, सचिव स्पोर्ट्स काउंसिल
क्रिकेट के साथ अन्य खेलों की सुविधाएं होंगी
प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत इस योजना में अंतराष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रिकेट स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, लॉन टेनिस, साइकिल ट्रैक, एथलीट्स ट्रैक, हॉकी, फुटबाल, हैंडबाल, वॉलीबाल सहित इंडोर खेलों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी
यह स्टेडियम भारत पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है। विशेष रूप से जम्मू कश्मीर के युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मंच दिलाने का काम यह स्टेडियम करेगा। निस्संदेह ही सीमा पार से गोलाबारी प्रभावित रहने वाले इस इलाके में विकास की यह नई सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा भारत को समर्पित है। जहां गोले बरसते थे वहां अब अगले कुछ ही वर्षों में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होकर निकलेंगे।
-डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री