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Kathua News: शिक्षा के साथ मिलेगा कौशल का प्रशिक्षण
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कठुआ के ब्वायज हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शिक्षकों का क्षमता वर्धन कार्यशाला।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अब जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यवसायिक कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि शिक्षा ग्रहण के उपरांत वह रोजगार तलाश करने के बजाय रोजगार देने वाले बन पाएं।
नई शिक्षा नीति के तहत आए इस बदलाव की जानकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कठुआ में आयोजित तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के दौरान दी गई है।
डाइट बसोहली की ओर से करवाए जाने वाले कार्यक्रम के समापन सत्र में रिसोर्स पर्सन विनय कुमार ने 21वीं सदी में कौशल के महत्व की जानकारी देते हुए जिले भर के 60 हाई स्कूल के मुख्य अध्यापकों को बताया कि शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य विद्यार्थी को केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि उसमें ऐसी क्षमताओं को विकसित करना है जिनसे वे अप्रत्याशित परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों का सामना कर सकें। साथ ही साथ वह ऐसे नागरिक बनें, जो समाज को दिशा देने में सहायक हो सकें। उन्होंने कक्षा में भी प्रौद्योगिकी का भरपूर उपयोग किए जाने पर बल देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी शिक्षा का एक अभिन्न अंग है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड रियलिटी, ऑटोमेशन, रोबोटिक वर्चुअल रियलिटी व डिजिटल मार्केटिंग इन सभी का एकीकरण 21वीं सदी की शिक्षा प्रणाली में मुख्य भूमिका निभाता है। जो संपूर्ण शिक्षा जगत में एक नई क्रांति को जन्म देता है।
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मुख्य अध्यापकों को उनके संस्थान के वित्तीय मामलों के लिए बनाए पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए उनका सरल उपयोग किस प्रकार करना है, इसके बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें जेम पोर्टल, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली पीए-श्री, कर्मचारी अवकाश नियमों, जेकेबीईएएम और जेकेपेसिस को संचालित करने के तरीके के बारे में जानकारी दी गई।
इस मौके पर मुख्य अतिथि रहे जिला के मुख्य शिक्षा अधिकारी मंगत राम शर्मा ने अपने संबोधन में मुख्य अध्यापकों को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित और ईमानदार रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि तीन दिनों के इस कार्यक्रम में उन्होंने जो नया सीखा है उसे वह स्कूलों और वहां आने वाले विद्यार्थियों के विकास में उपयोग करें। ताकि हम अपने स्कूलों से ऐसी पौध तैयार कर सकें। जो भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में योगदान दें।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी मुख्य अध्यापकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं, प्रशिक्षण कार्यक्रम के समग्र प्रभारी जय भारत प्रमुख डाइट बसोहली ने मुख्य अतिथि व हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य तारा चंद शर्मा का आभार जताया। जबकि राकेश दुबे ने तीन दिवसीय कार्यक्रम में समन्वयक और विकास मलपोत्रा कार्यक्रम के सह-समन्वयक की भूमिका अदा की।
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कठुआ। अब जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यवसायिक कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि शिक्षा ग्रहण के उपरांत वह रोजगार तलाश करने के बजाय रोजगार देने वाले बन पाएं।
नई शिक्षा नीति के तहत आए इस बदलाव की जानकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कठुआ में आयोजित तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के दौरान दी गई है।
डाइट बसोहली की ओर से करवाए जाने वाले कार्यक्रम के समापन सत्र में रिसोर्स पर्सन विनय कुमार ने 21वीं सदी में कौशल के महत्व की जानकारी देते हुए जिले भर के 60 हाई स्कूल के मुख्य अध्यापकों को बताया कि शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य विद्यार्थी को केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि उसमें ऐसी क्षमताओं को विकसित करना है जिनसे वे अप्रत्याशित परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों का सामना कर सकें। साथ ही साथ वह ऐसे नागरिक बनें, जो समाज को दिशा देने में सहायक हो सकें। उन्होंने कक्षा में भी प्रौद्योगिकी का भरपूर उपयोग किए जाने पर बल देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी शिक्षा का एक अभिन्न अंग है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड रियलिटी, ऑटोमेशन, रोबोटिक वर्चुअल रियलिटी व डिजिटल मार्केटिंग इन सभी का एकीकरण 21वीं सदी की शिक्षा प्रणाली में मुख्य भूमिका निभाता है। जो संपूर्ण शिक्षा जगत में एक नई क्रांति को जन्म देता है।
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मुख्य अध्यापकों को उनके संस्थान के वित्तीय मामलों के लिए बनाए पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए उनका सरल उपयोग किस प्रकार करना है, इसके बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें जेम पोर्टल, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली पीए-श्री, कर्मचारी अवकाश नियमों, जेकेबीईएएम और जेकेपेसिस को संचालित करने के तरीके के बारे में जानकारी दी गई।
इस मौके पर मुख्य अतिथि रहे जिला के मुख्य शिक्षा अधिकारी मंगत राम शर्मा ने अपने संबोधन में मुख्य अध्यापकों को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित और ईमानदार रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि तीन दिनों के इस कार्यक्रम में उन्होंने जो नया सीखा है उसे वह स्कूलों और वहां आने वाले विद्यार्थियों के विकास में उपयोग करें। ताकि हम अपने स्कूलों से ऐसी पौध तैयार कर सकें। जो भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में योगदान दें।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी मुख्य अध्यापकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं, प्रशिक्षण कार्यक्रम के समग्र प्रभारी जय भारत प्रमुख डाइट बसोहली ने मुख्य अतिथि व हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य तारा चंद शर्मा का आभार जताया। जबकि राकेश दुबे ने तीन दिवसीय कार्यक्रम में समन्वयक और विकास मलपोत्रा कार्यक्रम के सह-समन्वयक की भूमिका अदा की।

आकाश सक्सेना

आकाश सक्सेना

आकाश सक्सेना