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Kathua News: पर्वतारोही सुमन ने केदारकांठा ट्रैक को आठ घंटे 30 मिनट में किया मुकम्मल
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पर्वतारोही सुमन वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। उत्तराखंड के गढ़वाल में कठुआ की बेटी पर्वतारोही सुमन ने केदारकांठा ट्रैक को आठ घंटे तीन मिनट में पूरा किया है। 20 किलोमीटर के इस ट्रैक को अधिकांश ट्रैकर्स चार से पांच दिन में पूरा करते हैं।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात कांस्टेबल सुमन वर्मा ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय शृंखलाओं की भी चढ़ाई की है। ऐसें में अपनी शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन से उन्होंने इस ट्रैक को पूरा किया। सुमन वर्मा ने कहा कि वे अपनी उपलब्धि से रोमांचित और गौरवान्वित हैं। बताया कि केदारकांठा ट्रैक को एक ही दिन में पूरा करने के लिए अत्यधिक शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की आवश्यकता थी। अनुभव और अपनी सीमाओं का परीक्षण करते हुए उन्होंने इसे पूरा किया है।
बताया कि उन्होंने सुबह 11:30 बजे यात्रा शुरू की और रात 20:09 बजे शिखर पर पहुंचीं। सुमन ने बताया कि शिखर का तापमान न्यूनतम माइनस 10 डिग्री से 12 डिग्री था जिस वजह से वहां ज्यादा देर रुकना सही नहीं था क्योंकि तेज हवाओं के कारण और भारी बर्फबारी होने से मौसम बहुत ठंडा हो गया था।
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उन्होंने दावा किया है कि एक्सपीडिशन को किसी ने भी एक दिन या इस समय के अंतर्गत नहीं किया है। इसके बाद उनका लक्ष्य अनक्लाइंबड ट्रैक विजय टॉप पर जाना था लेकिन लगातार दो दिन तक रेकी करने के बाद पाया कि बर्फबारी बहुत हो चुकी थी और फिर भारी बर्फबारी के साथ भारी बारिश होना शुरू हो गई और उन्हें वहीं से लौटना पड़ा।
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कठुआ। उत्तराखंड के गढ़वाल में कठुआ की बेटी पर्वतारोही सुमन ने केदारकांठा ट्रैक को आठ घंटे तीन मिनट में पूरा किया है। 20 किलोमीटर के इस ट्रैक को अधिकांश ट्रैकर्स चार से पांच दिन में पूरा करते हैं।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात कांस्टेबल सुमन वर्मा ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय शृंखलाओं की भी चढ़ाई की है। ऐसें में अपनी शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन से उन्होंने इस ट्रैक को पूरा किया। सुमन वर्मा ने कहा कि वे अपनी उपलब्धि से रोमांचित और गौरवान्वित हैं। बताया कि केदारकांठा ट्रैक को एक ही दिन में पूरा करने के लिए अत्यधिक शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की आवश्यकता थी। अनुभव और अपनी सीमाओं का परीक्षण करते हुए उन्होंने इसे पूरा किया है।
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बताया कि उन्होंने सुबह 11:30 बजे यात्रा शुरू की और रात 20:09 बजे शिखर पर पहुंचीं। सुमन ने बताया कि शिखर का तापमान न्यूनतम माइनस 10 डिग्री से 12 डिग्री था जिस वजह से वहां ज्यादा देर रुकना सही नहीं था क्योंकि तेज हवाओं के कारण और भारी बर्फबारी होने से मौसम बहुत ठंडा हो गया था।
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उन्होंने दावा किया है कि एक्सपीडिशन को किसी ने भी एक दिन या इस समय के अंतर्गत नहीं किया है। इसके बाद उनका लक्ष्य अनक्लाइंबड ट्रैक विजय टॉप पर जाना था लेकिन लगातार दो दिन तक रेकी करने के बाद पाया कि बर्फबारी बहुत हो चुकी थी और फिर भारी बर्फबारी के साथ भारी बारिश होना शुरू हो गई और उन्हें वहीं से लौटना पड़ा।