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स्पीडगन से नापी तेज वाहनों की रफ्तार, की कार्रवाई
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शहर के सावन चक क्षेत्र में लगाए नाके दौरान बसों की गति की जांच करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। सवा महीने के भीतर तीन मौत के बाद आखिरकार अब यातायात विभाग भी गहरी नींद से जाग गया है। शहर में तेज गति से दौड़ रहे वाहनों पर लगाम लगाने के लिए यातायात विभाग ने स्पीडगन से वाहनों की रफ्तार की जांच किया। इस दौरान 15 वाहनों को यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। बता दें कि कुछ दिनों पूर्व ही लोगों ने नौ वर्षीय बच्ची की बस से कुचलने से हुई मौत के बाद हाईवे जाम करते हुए तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग की थी।
वीरवार को शहर के पारलीवंड क्षेत्र में पुलिस ने नाका लगाकर बसों की गति को जांचने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही इस दौरान सड़क पर चलने वाले लोगों को चौंका देने वाले प्रेशर हार्न की भी जांच की गई। सावन चक गुरुद्वारा के पास लगे नाके के दौरान ज्यादातर बसों में प्रेशर हार्न पाए गए। वहीं पुलिस को चकमा देने के लिए बसों में प्रेशर हार्न के अतिरिक्त एक और हार्न लगाया गया था। जिसे जांच के दौरान दिखावे के तौर पर बस चालकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। नाके केे दौरान एक हैवी टिप्पर भी सड़क पर यातायात नियमों की अवहेलना कर दौड़ती पाई गई। पूरी तरह से निर्माण सामग्री से लोड टिप्पर पर न तो नंबर प्लेट थी और न ही उसके चालक के पास कोई दस्तावेज। कार्रवाई के संबंध में डीटीआई घनश्याम सिंह का कहना है कि सड़क पर यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए की गई इस कार्रवाई में कुल 15 भारी वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया है। जिसमें से 6 बसों की जांच के दौरान उसमें प्रेशर हार्न पाए गए जो कि पूरी तरह से अवैध है। इसके अलावा एक टिप्पर पर नंबर प्लेट नही लगी थी। इसके अलावा आठ अन्य को यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाया गया है। जिनके खिलाफ ट्रैफिक नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
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स्थानीय शशि शर्मा ने कहा कि शहर में अब तक ट्रैफिक पुलिस को उन्होंने सिर्फ दोपहिया वाहन चालकों के चालान करते देखा था। आज बसों को रोका जाना काफी विस्मयकारी दृश्य रहा। जिससे लग रहा है कि लगातार सड़क हादसों में हुई तीन मौतों का परिणाम है। आज पहली बार कठुआ ट्रैफिक पुलिस ने स्पीडगन के साथ सड़क पर तेज गति से दौड़ रहे वाहनों की जांच कर कार्रवाई की। लेकिन अभी भी उन्हें पुलिस के व्यवहार पर विश्वास नही है। अगर ऐसी ही कार्रवाई वह लगातार जारी रखे तभी उन्हें लगेगा कि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हुई है।
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वीरवार को शहर के पारलीवंड क्षेत्र में पुलिस ने नाका लगाकर बसों की गति को जांचने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही इस दौरान सड़क पर चलने वाले लोगों को चौंका देने वाले प्रेशर हार्न की भी जांच की गई। सावन चक गुरुद्वारा के पास लगे नाके के दौरान ज्यादातर बसों में प्रेशर हार्न पाए गए। वहीं पुलिस को चकमा देने के लिए बसों में प्रेशर हार्न के अतिरिक्त एक और हार्न लगाया गया था। जिसे जांच के दौरान दिखावे के तौर पर बस चालकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। नाके केे दौरान एक हैवी टिप्पर भी सड़क पर यातायात नियमों की अवहेलना कर दौड़ती पाई गई। पूरी तरह से निर्माण सामग्री से लोड टिप्पर पर न तो नंबर प्लेट थी और न ही उसके चालक के पास कोई दस्तावेज। कार्रवाई के संबंध में डीटीआई घनश्याम सिंह का कहना है कि सड़क पर यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए की गई इस कार्रवाई में कुल 15 भारी वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया है। जिसमें से 6 बसों की जांच के दौरान उसमें प्रेशर हार्न पाए गए जो कि पूरी तरह से अवैध है। इसके अलावा एक टिप्पर पर नंबर प्लेट नही लगी थी। इसके अलावा आठ अन्य को यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाया गया है। जिनके खिलाफ ट्रैफिक नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
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स्थानीय शशि शर्मा ने कहा कि शहर में अब तक ट्रैफिक पुलिस को उन्होंने सिर्फ दोपहिया वाहन चालकों के चालान करते देखा था। आज बसों को रोका जाना काफी विस्मयकारी दृश्य रहा। जिससे लग रहा है कि लगातार सड़क हादसों में हुई तीन मौतों का परिणाम है। आज पहली बार कठुआ ट्रैफिक पुलिस ने स्पीडगन के साथ सड़क पर तेज गति से दौड़ रहे वाहनों की जांच कर कार्रवाई की। लेकिन अभी भी उन्हें पुलिस के व्यवहार पर विश्वास नही है। अगर ऐसी ही कार्रवाई वह लगातार जारी रखे तभी उन्हें लगेगा कि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हुई है।
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