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Kathua News: नालों के टूटे ढक्कन, हादसों का बना है खौफ

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कठुआ। शहर में आम लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए डीप कवर्ड ड्रेन के टूटे ढक्कन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। कई साल से टूटे इन ढक्कनों के कारण जहां गलियों की हालत बदहाल होती जा रही है, वहीं इसमें मवेशियों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। इस पर न तो नगर परिषद ध्यान दे रही है और न ही लोक निर्माण विभाग।
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दरअसल एक दशक के दौरान शहर में लेन और ड्रेन का विकास करने के नाम पर जितने भी निर्माण करवाए गए हैं, वहां डीप कवर्ड ड्रेन को ही प्राथमिकता दी गई है लेकिन इन डीप कवर्ड ड्रेन की न तो सफाई के लिए कोई व्यवस्था है और न ही टूटने पर इनकी तत्काल मरम्मत की कोई व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे में अगर कहीं भी ड्रेन के ढक्कन को कोई नुकसान होता है तो उसे बदलने में कई बार सालों तक भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे में जगह-जगह खुली ड्रेन असुविधा का कारण बन रही हैं।
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नगर परिषद के पिछले पांच साल के कार्यकाल के दौरान शहर के सभी 21 वार्डों में पांच करोड़ की राशि से विकास कार्य करवाए गए। इनमें जहां भी पानी की निकासी के प्रबंध के नालियों का निर्माण करने की जरूरत पड़ी, वहां डीप कवर्ड ड्रेन को ही प्राथमिकता दी गई लेकिन अब उनके टूट रहे ढक्कनों की मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं हो रही है।
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बता दें कि शहर के कॉलेज रोड के विस्तारीकरण के बाद मुख्य सड़क के साथ बनाई गई डीप कवर्ड ड्रेन पर जगह-जगह सफाई के लिए लोहे के ढक्कन लगाए थे। जो या तो चोरी हो गए या फिर समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गए। रही सही कसर तब पूरी हो गई, जब इन डीप कवर्ड ड्रेन की सफाई के नाम पर नगर परिषद ने जेसीबी से तोड़ दिया। इसी तरह से गलियों का भी हाल रहा है। जहां लोहे के ढक्कनों के टूटने के बाद उनकी मरम्मत करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। परिणाम स्वरूप जिन गलियों और नालियों का निर्माण लोगों की सुविधा के नाम पर किया गया था, वहीं, ये अब आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। इससे दुर्घटना होने की भी आशंका बन रही है।
खुले पड़े नाले में मवेशी और स्कूटर सवार गिरे
शहर में खुले पड़े नालों के कारण गत माह ही जिला पुलिस मुख्यालय के पास एक मवेशी इस गिर पड़ा था। उसे नगर परिषद की जेसीबी की मदद लेकर स्थानीय लोगों ने निकाला था। इसी तरह शहर के वार्ड 13 में गत दिनों हुई बारिश के दौरान हुए जलभराव के दौरान एक स्कूटी सवार वहां खुले पड़े नाले में जा घुसा था। इस घटना में हालांकि स्कूटी सवार तो बाल-बाल बच गया था लेकिन उसकी स्कूटी को काफी नुकसान हुआ था। इसके अलावा भी कई ऐसी घटनाएं होती हैं, जो प्रकाश में नहीं आ पाती हैं।
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शहर में लोगों की सुविधा के नाम पर अगर डीप कवर्ड ड्रेन बनाए जा रहे हैं तो उनके रखरखाव की भी प्रबंध होना चाहिए, जो कि दुर्भाग्य से कठुआ शहर में नहीं है। इसी का परिणाम है कि शहर की सड़कों के साथ गलियों में सैकड़ों ऐसे स्थान हैं, जहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
-अरुण सिंह जसरोटिया, युवा
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शहर में जनसुविधा की देखरेख का जिम्मा नगर परिषद का है लेकिन इसके बावजूद डीप कवर्ड ड्रेन के ढक्कन नदारद हैं। इनमें से कई स्थानों पर तो सालों से ढक्कन की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों की सुविधा के प्रति अनदेखी बरतने वाले अधिकारियों काे जब तक जवाबदेह नहीं बनाया जाएगा, लोगों की समस्या का समाधान नहीं होगा।
-शशि शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
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शहर में साफ-सफाई और लोगों की सुविधा का हवाला देते हुए बनाए जाने वाले डीप कवर्ड ड्रेन की स्थिति कहीं भी ठीक नहीं कही जा सकती है। नाले के ऊपर लगाई गई ग्रिल की स्थिति इतनी जर्जर है कि यहां कोई हादसा भी हो सकता है। नगर परिषद को ऐसी कोई व्यवस्था जरूर करनी चाहिए ताकि तुरंत उसे दुरुस्त किया जा सके।
-अनिल भारद्वाज, स्थानीय

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शहर में टूटे ढक्कनों के कारण पेश आने वाली समस्या नगर परिषद के संज्ञान में है। इस बारे में नगर परिषद ने 9.5 लाख रुपये का काम लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया है। अब लोक निर्माण विभाग इसके टेंडर जारी करेगा। इसके बाद टूटे ड्रेन और ढक्कनों की मरम्मत होगी।
-अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ
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