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Kathua News: तीन माह से अटकी तनख्वाह रक्षाबंधन पर मिली, मिली राहत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। तीन माह से वेतन के लिए तरस रहे जल शक्ति विभाग के सैकड़ों अस्थायी कर्मचारियों के चेहरों पर आखिरकार खुशी लौट आई। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों का लंबित वेतन जारी कर दिया गया। रक्षाबंधन के पर्व पर खाते में वेतन पहुंचने से कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों ने इसके लिए कार्यकारी अभियंता और न्यायालय का आभार जताया।
पीएचई एम्प्लॉयी यूनाइटेड फ्रंट के सदस्यों गगनदीप सिंह प्रिंस, शक्ति सिंह, जयदेव, सुनील वर्मा, चुश्म कुमार, संजीव सिंह, शिवकरण सिंह और राकेश कुमार आदि ने बताया कि तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्चों का भुगतान तक करना मुश्किल हो रहा था। परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर इलाज का खर्च जुटाना भी चुनौती बन गया था।
कर्मचारियों ने बताया कि कम वेतन में ही वे किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में लगातार तीन माह तक वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया था। कई कर्मचारियों को उधार लेकर घर का खर्च चलाना पड़ा। इसके बावजूद कर्मचारी विभाग की जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाते रहे। उनका कहना था कि ड्यूटी के दौरान किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी। वेतन मिलने से काफी राहत महसूस हो रही है।
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न्यायालय के हस्तक्षेप से खुला वेतन का रास्ता
-- न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना के चलते जल शक्ति विभाग का वेतन मद बंद हो गया था। इसके बाद विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन अटक गया। इसका सबसे ज्यादा असर अस्थायी कर्मचारियों पर पड़ा। जिनके सामने परिवार के भरण-पोषण तक का संकट खड़ा हो गया था। कर्मचारी लगातार विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर वेतन जारी करने की मांग कर रहे थे।
इसी बीच 21 अगस्त को न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के हस्तक्षेप से रुके हुए वेतन को जारी करने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद तीन माह से लंबित वेतन कर्मचारियों को जारी कर दिया गया।
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कार्यकारी अभियंता से मिले कर्मचारी, जताया आभार
-- वेतन जारी होने के बाद पीएचई एम्प्लॉयी यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य एकत्रित होकर कार्यकारी अभियंता से मिले। कर्मचारियों ने उनका आभार जताकर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अभियंता के निरंतर सहयोग और प्रयासों से लंबित वेतन जारी करवाने में मदद मिली।
कर्मचारियों ने न्यायालय के माननीय न्यायाधीश का भी विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उनकी परेशानी को गंभीरता से समझा और लंबित वेतन जारी करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में उन्हें वेतन के लिए इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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कठुआ। तीन माह से वेतन के लिए तरस रहे जल शक्ति विभाग के सैकड़ों अस्थायी कर्मचारियों के चेहरों पर आखिरकार खुशी लौट आई। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों का लंबित वेतन जारी कर दिया गया। रक्षाबंधन के पर्व पर खाते में वेतन पहुंचने से कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों ने इसके लिए कार्यकारी अभियंता और न्यायालय का आभार जताया।
पीएचई एम्प्लॉयी यूनाइटेड फ्रंट के सदस्यों गगनदीप सिंह प्रिंस, शक्ति सिंह, जयदेव, सुनील वर्मा, चुश्म कुमार, संजीव सिंह, शिवकरण सिंह और राकेश कुमार आदि ने बताया कि तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्चों का भुगतान तक करना मुश्किल हो रहा था। परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर इलाज का खर्च जुटाना भी चुनौती बन गया था।
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कर्मचारियों ने बताया कि कम वेतन में ही वे किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में लगातार तीन माह तक वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया था। कई कर्मचारियों को उधार लेकर घर का खर्च चलाना पड़ा। इसके बावजूद कर्मचारी विभाग की जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाते रहे। उनका कहना था कि ड्यूटी के दौरान किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी। वेतन मिलने से काफी राहत महसूस हो रही है।
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न्यायालय के हस्तक्षेप से खुला वेतन का रास्ता
इसी बीच 21 अगस्त को न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के हस्तक्षेप से रुके हुए वेतन को जारी करने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद तीन माह से लंबित वेतन कर्मचारियों को जारी कर दिया गया।
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कार्यकारी अभियंता से मिले कर्मचारी, जताया आभार
कर्मचारियों ने न्यायालय के माननीय न्यायाधीश का भी विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उनकी परेशानी को गंभीरता से समझा और लंबित वेतन जारी करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में उन्हें वेतन के लिए इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।