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जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार
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कठुआ। जिले में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर लंबी आयु की ईश्वर से कामना की। भाइयों ने भी अपने बहनों की आजीवन रक्षा के संकल्प का वचन दिया। पर्व को लेकर शहर में सुबह से ही लोग लोगों की चहलकदमी तेज दिखी। खासकर छोटे बच्चों में गजब का उत्साह दिखा। वहीं, बाजार में मिठाई की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली।
बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर उम्र के लोगों ने त्योहार को अपने-अपने तरीके से मनाया। बच्चे जहां विभिन्न खिलौनों की आकृति वाले राखी बांधे, वहीं युवा और बुजुर्गों की कलाई पर क्लासिकल और फैंसी राखियां बंधी थीं। भाई-बहन राखी के लिए सुबह से ही एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे थे। दुकानों पर रक्षाबंधन के गीत इस त्योहार के महत्व की लोगों को याद दिला रहे थे।
बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की तो वहीं भाइयों ने उन्हें विभिन्न उपहार तथा आशीर्वाद दिए। राखी बांधने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। बीते साल के मुकाबले इस बार कोरोना का प्रकोप कम रहने से रौनक अधिक देखने को मिली। बहनें सार्वजनिक परिवहन के साथ-साथ निजी वाहनों से भी दिनभर भाइयों को राखी बांधने आती जाती दिखाई दीं। इसके अलावा भाई को राखी बांधने के लिए न पहुंच पाने वाली बहनों ने ऑनलाइन राखी भेजी।
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दूसरे राज्यों में रहने वाली बहनें भी पहुंचीं
लखनपुर कॉरिडोर से बहनों के भाइयों को राखी बांधने के लिए जम्मू कश्मीर में पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। आम दिनों के मुकाबले सुबह से ही लखनपुर कॉरिडोर पर वाहनों की भारी भीड़ देखी गई। पुलिस की ओर से भी त्योहार को सुगम बनाने के लिए लोगों की आवाजाही में मदद की गई।
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बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर उम्र के लोगों ने त्योहार को अपने-अपने तरीके से मनाया। बच्चे जहां विभिन्न खिलौनों की आकृति वाले राखी बांधे, वहीं युवा और बुजुर्गों की कलाई पर क्लासिकल और फैंसी राखियां बंधी थीं। भाई-बहन राखी के लिए सुबह से ही एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे थे। दुकानों पर रक्षाबंधन के गीत इस त्योहार के महत्व की लोगों को याद दिला रहे थे।
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बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की तो वहीं भाइयों ने उन्हें विभिन्न उपहार तथा आशीर्वाद दिए। राखी बांधने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। बीते साल के मुकाबले इस बार कोरोना का प्रकोप कम रहने से रौनक अधिक देखने को मिली। बहनें सार्वजनिक परिवहन के साथ-साथ निजी वाहनों से भी दिनभर भाइयों को राखी बांधने आती जाती दिखाई दीं। इसके अलावा भाई को राखी बांधने के लिए न पहुंच पाने वाली बहनों ने ऑनलाइन राखी भेजी।
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दूसरे राज्यों में रहने वाली बहनें भी पहुंचीं
लखनपुर कॉरिडोर से बहनों के भाइयों को राखी बांधने के लिए जम्मू कश्मीर में पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। आम दिनों के मुकाबले सुबह से ही लखनपुर कॉरिडोर पर वाहनों की भारी भीड़ देखी गई। पुलिस की ओर से भी त्योहार को सुगम बनाने के लिए लोगों की आवाजाही में मदद की गई।