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समय पर टीकाकरण के लिए नहीं पहुंची टीम, ग्रामीणों ने जताया रोष
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वैक्सीनेशन की अव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन करते लाहड़ी गांव के लोग
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। लाहड़ी गांव में शुक्रवार को टीकाकरण का शिविर लगाए जाने का वादा कर समय दिए जाने और फिर टीम के न पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यवस्था से निराश लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे ठाकुर मोहिंद्र सिंह ने बताया कि गत दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें सूचना दी थी कि शुक्रवार को टीकाकरण शिविर लगाया जाएगा। जिसके लिए ग्रामीणों को जानकारी देकर बुलावा भेज दिया गया। पंचायत घर में कई घंटे इंतजार करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। जिससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।
उन्होंने बताया कि इस बारे में जब स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया गया तो वहां से पता चला कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के लिए आई तो है, लेकिन सड़क खराब होने के कारण गांव से तीन किलोमीटर पहले ही रुक गई। लिहाजा गांव के लोग वहां जाकर अपना टीकाकरण करवाएं। ग्रामीणों ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण लोगों के पास रोजगार कम हो गया है। लोग जैसे तैसे अपना गुजारा कर रहे हैं। आज जब लोग इकट्ठा हुए हैं तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की आराम तलबी के कारण ग्रामीणों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि अगर गांव की सड़क खराब है तो वह भी ठीक कराना प्रशासन का काम है। ग्रामीणों की जिम्मेदारी सड़क ठीक कराना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए ही वेतन लेते हैं। लिहाजा उनकी जिम्मेदारी है कि वह गांव के पंचायत घर तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांव में नहीं आते हैं, तो गांव का कोई भी व्यक्ति टीकाकरण कराने नहीं जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे ठाकुर मोहिंद्र सिंह ने बताया कि गत दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें सूचना दी थी कि शुक्रवार को टीकाकरण शिविर लगाया जाएगा। जिसके लिए ग्रामीणों को जानकारी देकर बुलावा भेज दिया गया। पंचायत घर में कई घंटे इंतजार करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। जिससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।
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उन्होंने बताया कि इस बारे में जब स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया गया तो वहां से पता चला कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के लिए आई तो है, लेकिन सड़क खराब होने के कारण गांव से तीन किलोमीटर पहले ही रुक गई। लिहाजा गांव के लोग वहां जाकर अपना टीकाकरण करवाएं। ग्रामीणों ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण लोगों के पास रोजगार कम हो गया है। लोग जैसे तैसे अपना गुजारा कर रहे हैं। आज जब लोग इकट्ठा हुए हैं तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की आराम तलबी के कारण ग्रामीणों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि अगर गांव की सड़क खराब है तो वह भी ठीक कराना प्रशासन का काम है। ग्रामीणों की जिम्मेदारी सड़क ठीक कराना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए ही वेतन लेते हैं। लिहाजा उनकी जिम्मेदारी है कि वह गांव के पंचायत घर तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांव में नहीं आते हैं, तो गांव का कोई भी व्यक्ति टीकाकरण कराने नहीं जाएगा।