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सरकार की नीतियों के खिलाफ अस्थाई कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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जलशक्ति विभाग में सेवारत अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार पर उनकी अनदेखी किए जाने का आरोप लगाकर लगाया है। सोमवार को विभाग के अधीक्षक अभियंता कार्यालय में जमा हुए दर्जनों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। कर्मचारियों के रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पीएचसी इंपलाइज एसोसिएशन के कठुआ डिवीजन प्रधान कुलदीप राज ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि गत वर्ष सितंबर माह में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आश्वासन दिया था कि विभाग में सेवा देने वाले सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए 15 जनवरी 2021 से पहल की जाएगी। एक कमेटी का गठन कर क्रमवार नियमित कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। पिछले 70 महीनों के बकाया वेतन को देने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शन के दौरान कहा कि तीन महीनों के बाद अब सरकार द्वारा अस्थायी कर्मचारियों को एक बार फिर एक माह का वेतन देने के लिए फंड भेजे गए हैं, जिसे भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते वितरित नहीं किया गया है। सरकार आवश्यक सेवा के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के प्रति जिस तरह का रवैया अपना रही है उससे पता चलता है कि वह आम लोगों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। जल शक्ति विभाग को म्यूनिसिपल कारपोरेशन के हवाले किए जाने की खबरों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार अपने रवैए में सुधार करें अन्यथा आने वाले दिनों में अस्थाई कर्मचारी इसके खिलाफ एक बार फिर सड़कों पर उतर सकते हैं। जिससे होने वाली परेशानी के लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर एसोसिएशन के खेमराज, विजय कुमार, शिवराम, हरबंस लाल, राकेश कुमार, राजेंद्र कुमार, अश्वनी कुमार, जोगिंदर पाल आदि कर्मचारी नेता भी मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान कहा कि तीन महीनों के बाद अब सरकार द्वारा अस्थायी कर्मचारियों को एक बार फिर एक माह का वेतन देने के लिए फंड भेजे गए हैं, जिसे भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते वितरित नहीं किया गया है। सरकार आवश्यक सेवा के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के प्रति जिस तरह का रवैया अपना रही है उससे पता चलता है कि वह आम लोगों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। जल शक्ति विभाग को म्यूनिसिपल कारपोरेशन के हवाले किए जाने की खबरों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार अपने रवैए में सुधार करें अन्यथा आने वाले दिनों में अस्थाई कर्मचारी इसके खिलाफ एक बार फिर सड़कों पर उतर सकते हैं। जिससे होने वाली परेशानी के लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर एसोसिएशन के खेमराज, विजय कुमार, शिवराम, हरबंस लाल, राकेश कुमार, राजेंद्र कुमार, अश्वनी कुमार, जोगिंदर पाल आदि कर्मचारी नेता भी मौजूद रहे।
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