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लखनपुर से पाबंदियां हटाने को लेकर सर्वदलीय प्रदर्शन
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कठुआ। प्रदेश में कोरोना जांच के बाद ही लोगों को मिल रहे प्रवेश और इससे लगातार हो रही परेशानी के चलते अब लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। अब तक जहां विपक्षी दल ही लखनपुर कॉरिडोर को खोले जाने की मांग कर रहे थे, वहीं इस आंदोलन में अब भाजपा भी कूद पड़ी है। सोमवार को भाजपा, कांग्रेस, पैंथर्स पार्टी सहित क्रांति दल और करनी सेना के सदस्यों ने एक साथ लखनपुर कस्बे से कॉरिडोर तक रोष रैली निकाली।
इस दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए उन्होंने तत्काल लखनपुर टोल प्लाजा हटाए जाने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के बावजूद लोगों को परेशान करने के लिए लखनपुर से प्रतिबंध नहीं हटाए जा रहे हैं। इससे साफ है कि प्रदेश में नौकरशाही हावी हो चुकी है। प्रदेश प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोलते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सप्ताह के भीतर यदि लखनपुर से प्रतिबंध नहीं हटाए गए तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में शामिल भाजयुमो नेता गौरव शर्मा ने कहा कि पुलिस और प्रदेश प्रशासन तानाशाही का रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को चपेट में लिया है। सरकार के दिशा-निर्देशों का प्रत्येक नागरिक ने पालन किया है, लेकिन सरकार के निर्देशानुसार राज्यों की सीमाओं को खोला जाना चाहिए, लेकिन प्रदेश प्रशासन इस निर्देश का पालन नहीं कर रहा है। व्यापारी और आम लोग परेशान हैं। यहां पर सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। इन प्रतिबंधों से भाजपा की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की बात भी नहीं मानी जा रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डोगरा ने कहा कि पूरा भारत खुला है। केंद्र सरकार और प्रदेश प्रशासन तानाशाही के चलते लोगों को लखनपुर में परेशान कर रहा है। देश और दुनिया से जम्मू-कश्मीर को काटा जा रहा है। नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कोरोना जांच के नाम पर लखनपुर में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए प्रदेश प्रशासन ने लखनपुर में नाका लगाया है। बीमार लोगों को भी घंटों लखनपुर में रोका जाता है। उन्होंने कहा कि चहेतों को ही लखनपुर से आने-जाने की अनुमति है, जबकि आम लोग बेहाल हैं। उन्होंने मांग की है कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से जम्मू कश्मीर की बदहाली शुरू हो गई है, जिसे समाप्त किया जाए।
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पैंथर्स जिला अध्यक्ष रॉबिन शर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ा रही है। अब प्रदेश में लौट रहे मजदूरों और क्षेत्र के श्रमिकों को काम भी नहीं करने दिया जा रहा है। लखनपुर में अव्यवस्था के चलते लोग परेशान हैं और केंद्र सरकार व प्रदेश प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। लखनपुर यूथ फेडरेशन के युवा सदस्य सन्नी शर्मा ने कहा कि अनुछेद 370 हटाकर प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। महंगाई बढ़ रही है और युवा नौकरियों से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। आम लोग परेशान हैं और घंटों लखनपुर में परेशान होने को विवश हो रहे हैं। यहां न तो कोई इंतजाम हैं और न ही कोई सुविधा।
क्रांति दल के सुशील गुप्ता ने कहा कि अनलॉक तीन के बाद से देश में व्यवस्था बहाली के प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरा देश खुलने के बाद भी अपनी मनमर्जी चलाए हुए है। लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है। हालात नहीं बदले गए तो जम्मू बंद का आह्वान किया जाएगा। उधर, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कॉरिडोर में दाखिल होने से रोकते हुए वापस लौटा दिया।
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इस दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए उन्होंने तत्काल लखनपुर टोल प्लाजा हटाए जाने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के बावजूद लोगों को परेशान करने के लिए लखनपुर से प्रतिबंध नहीं हटाए जा रहे हैं। इससे साफ है कि प्रदेश में नौकरशाही हावी हो चुकी है। प्रदेश प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोलते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सप्ताह के भीतर यदि लखनपुर से प्रतिबंध नहीं हटाए गए तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में शामिल भाजयुमो नेता गौरव शर्मा ने कहा कि पुलिस और प्रदेश प्रशासन तानाशाही का रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को चपेट में लिया है। सरकार के दिशा-निर्देशों का प्रत्येक नागरिक ने पालन किया है, लेकिन सरकार के निर्देशानुसार राज्यों की सीमाओं को खोला जाना चाहिए, लेकिन प्रदेश प्रशासन इस निर्देश का पालन नहीं कर रहा है। व्यापारी और आम लोग परेशान हैं। यहां पर सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। इन प्रतिबंधों से भाजपा की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की बात भी नहीं मानी जा रही है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डोगरा ने कहा कि पूरा भारत खुला है। केंद्र सरकार और प्रदेश प्रशासन तानाशाही के चलते लोगों को लखनपुर में परेशान कर रहा है। देश और दुनिया से जम्मू-कश्मीर को काटा जा रहा है। नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कोरोना जांच के नाम पर लखनपुर में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए प्रदेश प्रशासन ने लखनपुर में नाका लगाया है। बीमार लोगों को भी घंटों लखनपुर में रोका जाता है। उन्होंने कहा कि चहेतों को ही लखनपुर से आने-जाने की अनुमति है, जबकि आम लोग बेहाल हैं। उन्होंने मांग की है कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से जम्मू कश्मीर की बदहाली शुरू हो गई है, जिसे समाप्त किया जाए।
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पैंथर्स जिला अध्यक्ष रॉबिन शर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ा रही है। अब प्रदेश में लौट रहे मजदूरों और क्षेत्र के श्रमिकों को काम भी नहीं करने दिया जा रहा है। लखनपुर में अव्यवस्था के चलते लोग परेशान हैं और केंद्र सरकार व प्रदेश प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। लखनपुर यूथ फेडरेशन के युवा सदस्य सन्नी शर्मा ने कहा कि अनुछेद 370 हटाकर प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। महंगाई बढ़ रही है और युवा नौकरियों से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। आम लोग परेशान हैं और घंटों लखनपुर में परेशान होने को विवश हो रहे हैं। यहां न तो कोई इंतजाम हैं और न ही कोई सुविधा।
क्रांति दल के सुशील गुप्ता ने कहा कि अनलॉक तीन के बाद से देश में व्यवस्था बहाली के प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरा देश खुलने के बाद भी अपनी मनमर्जी चलाए हुए है। लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है। हालात नहीं बदले गए तो जम्मू बंद का आह्वान किया जाएगा। उधर, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कॉरिडोर में दाखिल होने से रोकते हुए वापस लौटा दिया।