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Kathua News: जिले के 1150 पेंशनधारकों का नहीं हुआ भौतिक सत्यापन
Thu, 21 Nov 2024 01:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 21 Nov 2024 01:52 AM IST
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रामकोट में 100 फीसदी सत्यापन, शहरी क्षेत्र कठुआ में सबसे कम 88 फीसदी सत्यापन
कुल 13,373 पेंशनधारक, 12 हजार से ज्यादा करवा चुके हैं सत्यापन
गोल्डी शर्मा
कठुआ। जिले में आखिरी मौका मिलने के बाद भी 1150 पेंशनधारक फिलहाल सत्यापन सूची से लापता चल रहे हैं। 30 नवंबर के बाद गैर सत्यापित पेंशनधारकों की पेंशन बंद हो जाएगी।
ऑनलाइन माध्यम से भी सत्यापन करवाए जाने की सुविधा देने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में जिले के पेंशनधारकों का सत्यापन के लिए सामने न आना कोष कार्यालयों के लिए चुनौती बन गया है। यह अपने आप में एक गंभीर मामला भी है।
वित्त विभाग के अकाउंट्स एंड ट्रेजरी के निदेशक जनरल की ओर से जारी एक आदेश में पेंशनधारकों को भौतिक सत्यापन करवाने के लिए आखिरी मौका दिया गया है। इसके लिए तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई है। मगर जिला कठुआ में अभी भी 1150 पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन होना बाकी है। इसमें सबसे ज्यादा 12 फीसदी पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन कठुआ ट्रेजरी के तहत होना बाकी है। रामकोट ट्रेजरी ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।
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बता दें कि जिलेभर की छह ट्रेजरी में कुल 13,373 पेंशनधारक पंजीकृत हैं। इसमें से अभी तक 12,223 पेंशनधारक अपना भौतिक सत्यापन करवा चुके हैं। इसमें से सिर्फ पांच पेंशनधारक ने राज्य से बाहर होने के कारण ऑनलाइन माध्यम से सत्यापन करवाया है, जबकि 380 पेंशनधारकों का ट्रेजरी कर्मचारियों ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया है। बाकी शेष बचे पेंशनधारकों को जिला ट्रेजरी अधिकारी की ओर से सूचना दी जा रही है। ट्रेजरी अधिकारियों को इन पेंशनधारकों का उचित पता और फोन नंबर न होने के चलते पेंशनधारकों तक सूचना पहुंचाने में मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा है। इस संबंध में ट्रेजरी अधिकारियों ने संबंधित बैंकों से संपर्क साधा है।
अधिकारियों की मानें तो नोटिस देने के अलावा पेंशनधारकों के बैंकों से संपर्क साध रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष नवंबर महीने में पेंशनधारकों अपने संबंधित बैंक में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए आते हैं। ऐसे में संबंधित बैंक इकाइयों से संपर्क साधा जा रहा है।
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ट्रेजरी सत्यापित पेंशनधारक
रामकोट 100 फीसदी
बनी 99 फीसदी
बिलावर 97 फीसदी
हीरानगर 91 फीसदी
बसोहली 90 फीसदी
कठुआ 88 फीसदी
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पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन करवाने के लिए ट्रेजरी अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मगर फिर भी 1100 पेंशनधारकों ने सत्यापन नहीं करवाया है। संबंधित बैंकों सहित सूचना के अन्य माध्यमों से पेंशनधारकों से राब्ता किया जा रहा है। मगर उचित फोन नंबर और उचित पता न होने से नोटिस देने में मुश्किलें आ रही हैं। उम्मीद है कि अंतिम तिथि तक ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संपर्क साधा जा सके।
-अनिरुद्ध खजूरिया, जिला ट्रेजरी अधिकारी।
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कुल 13,373 पेंशनधारक, 12 हजार से ज्यादा करवा चुके हैं सत्यापन
गोल्डी शर्मा
कठुआ। जिले में आखिरी मौका मिलने के बाद भी 1150 पेंशनधारक फिलहाल सत्यापन सूची से लापता चल रहे हैं। 30 नवंबर के बाद गैर सत्यापित पेंशनधारकों की पेंशन बंद हो जाएगी।
ऑनलाइन माध्यम से भी सत्यापन करवाए जाने की सुविधा देने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में जिले के पेंशनधारकों का सत्यापन के लिए सामने न आना कोष कार्यालयों के लिए चुनौती बन गया है। यह अपने आप में एक गंभीर मामला भी है।
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वित्त विभाग के अकाउंट्स एंड ट्रेजरी के निदेशक जनरल की ओर से जारी एक आदेश में पेंशनधारकों को भौतिक सत्यापन करवाने के लिए आखिरी मौका दिया गया है। इसके लिए तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई है। मगर जिला कठुआ में अभी भी 1150 पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन होना बाकी है। इसमें सबसे ज्यादा 12 फीसदी पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन कठुआ ट्रेजरी के तहत होना बाकी है। रामकोट ट्रेजरी ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।
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बता दें कि जिलेभर की छह ट्रेजरी में कुल 13,373 पेंशनधारक पंजीकृत हैं। इसमें से अभी तक 12,223 पेंशनधारक अपना भौतिक सत्यापन करवा चुके हैं। इसमें से सिर्फ पांच पेंशनधारक ने राज्य से बाहर होने के कारण ऑनलाइन माध्यम से सत्यापन करवाया है, जबकि 380 पेंशनधारकों का ट्रेजरी कर्मचारियों ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया है। बाकी शेष बचे पेंशनधारकों को जिला ट्रेजरी अधिकारी की ओर से सूचना दी जा रही है। ट्रेजरी अधिकारियों को इन पेंशनधारकों का उचित पता और फोन नंबर न होने के चलते पेंशनधारकों तक सूचना पहुंचाने में मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा है। इस संबंध में ट्रेजरी अधिकारियों ने संबंधित बैंकों से संपर्क साधा है।
अधिकारियों की मानें तो नोटिस देने के अलावा पेंशनधारकों के बैंकों से संपर्क साध रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष नवंबर महीने में पेंशनधारकों अपने संबंधित बैंक में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए आते हैं। ऐसे में संबंधित बैंक इकाइयों से संपर्क साधा जा रहा है।
ट्रेजरी सत्यापित पेंशनधारक
रामकोट 100 फीसदी
बनी 99 फीसदी
बिलावर 97 फीसदी
हीरानगर 91 फीसदी
बसोहली 90 फीसदी
कठुआ 88 फीसदी
पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन करवाने के लिए ट्रेजरी अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मगर फिर भी 1100 पेंशनधारकों ने सत्यापन नहीं करवाया है। संबंधित बैंकों सहित सूचना के अन्य माध्यमों से पेंशनधारकों से राब्ता किया जा रहा है। मगर उचित फोन नंबर और उचित पता न होने से नोटिस देने में मुश्किलें आ रही हैं। उम्मीद है कि अंतिम तिथि तक ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संपर्क साधा जा सके।
-अनिरुद्ध खजूरिया, जिला ट्रेजरी अधिकारी।