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Kathua News: जेजेबी के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर वकीलों ने ठप रखा कामकाज
Sun, 07 Sep 2025 03:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 07 Sep 2025 03:00 AM IST
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अतिआवश्यक मामलों जैसे जमानत, सिविल अंतरिम राहत में अधिवक्ता कोर्ट की पेशी के दौरान रहे मौजूद रहे
कठुआ। किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) शहर से दूर नगरी स्थित आबकारी इमारत में स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ वकीलों ने सोमवार को न्यायालयों के कामकाज ठप रखा। वहीं, अतिआवश्यक मामलों जैसे जमानत, सिविल अंतरिम राहत में अधिवक्ता कोर्ट की पेशी के दौरान मौजूद रहे लेकिन रोजमर्रा के कामकाजों से दूरी बनाए रखी।
बता दें कि शनिवार और रविवार के दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को जैसे ही न्यायालय खुला तो वकीलों ने न्यायालय का कामकाज ठप रखने का फैसला किया। न्यायालय का कामकाज बंद रखने का फैसला 28 जून को एक सामूहिक बैठक में लिया था। पहले यह निर्णय चार जून तक था जिसे सोमवार को भी जारी रखा गया।
यह हड़ताल जिला न्यायालय परिसर के नजदीक एक निजी इमारत में चल रहे जेजीबी को नगरी स्थित 15 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ की जा रही है। वकीलों का मानना है कि जिला प्रशासन का यह निर्णय उचित नहीं है इसलिए जिला प्रशासन को इसे वापस लेना चाहिए। प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना है कि 200 किलोमीटर दूर बिलावर, बसोहली और बनी के दूरदराज इलाकों से न्याय पाने के लिए आने वाले फरियादियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वकीलों ने जिला प्रशासन से प्रस्तावित निर्णय को रद्द कर किशोर न्याय बोर्ड को परिसर के नजदीक रखने की मांग की है।
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कठुआ। किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) शहर से दूर नगरी स्थित आबकारी इमारत में स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ वकीलों ने सोमवार को न्यायालयों के कामकाज ठप रखा। वहीं, अतिआवश्यक मामलों जैसे जमानत, सिविल अंतरिम राहत में अधिवक्ता कोर्ट की पेशी के दौरान मौजूद रहे लेकिन रोजमर्रा के कामकाजों से दूरी बनाए रखी।
बता दें कि शनिवार और रविवार के दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को जैसे ही न्यायालय खुला तो वकीलों ने न्यायालय का कामकाज ठप रखने का फैसला किया। न्यायालय का कामकाज बंद रखने का फैसला 28 जून को एक सामूहिक बैठक में लिया था। पहले यह निर्णय चार जून तक था जिसे सोमवार को भी जारी रखा गया।
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यह हड़ताल जिला न्यायालय परिसर के नजदीक एक निजी इमारत में चल रहे जेजीबी को नगरी स्थित 15 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ की जा रही है। वकीलों का मानना है कि जिला प्रशासन का यह निर्णय उचित नहीं है इसलिए जिला प्रशासन को इसे वापस लेना चाहिए। प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना है कि 200 किलोमीटर दूर बिलावर, बसोहली और बनी के दूरदराज इलाकों से न्याय पाने के लिए आने वाले फरियादियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वकीलों ने जिला प्रशासन से प्रस्तावित निर्णय को रद्द कर किशोर न्याय बोर्ड को परिसर के नजदीक रखने की मांग की है।
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