फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Last rites of two victims of Chishoti disaster performed

Kathua News: चिशोती आपदा के शिकार हुए दो लोगों का किया अंतिम संस्कार

Sun, 17 Aug 2025 01:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sun, 17 Aug 2025 01:23 AM IST
विज्ञापन
Last rites of two victims of Chishoti disaster performed
रामनगर। किश्तवाड़ में मचैल माता यात्रा के मार्ग में आते चिशोती में बादल फटने के बाद रामनगर के दो लोग पानी व मलबे की चपेट में आ गए थे जिससे उनकी मौत हो गई। इन दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में शाम को किया गया।
विज्ञापन

वीरवार को चिशोती गांव में बादल फटने से तेज पानी और दलदल की चपेट में कई श्रद्धालु आ गए थे। इसी हादसे में रामनगर के कोगड़मड़ के रहने वाले उत्तमचंद और बरमीन गांव के सुनील कुमार की भी मृत्यु हो गई। इन दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया गया। हादसे में जान गंवाने वाले बरमीन गांव के रहने वाले सुनील कुमार के दादा सुखदेव ने बताया सुनील पिछले चार वर्षों से जम्मू के त्रिकुटा नगर में एक दुकान पर काम कर रहा था।
विज्ञापन

तीन वर्ष पहले पिता पुरुषोत्तम दास की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी बड़ी बहन की भी शादी हो चुकी है। अब घर पर मां और छोटा भाई था। परिवार का पालन पोषण करने वाला सुनील ही इनका एकमात्र सहारा था। उसे भी इस आपदा ने छीन लिया। 12 अगस्त को सुनील जम्मू से एक लड़की की शादी में शामिल होने के लिए उधमपुर लडाना पावर हाउस रिश्तेदारों के घर आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

13 अगस्त शिव पैलेस में लड़कों वालों की तरफ से खाने में शामिल हुआ। रात दस बजे जैखेनी से बस में सवार होकर मचैल मां के दरबार की ओर रवाना हो गया। उसने बताया था जम्मू से बस आई है। इस बस में मेरे दोस्त भी आ रहे हैं। वीरवार सुनील से सुबह बात हुई। उसने बताया मैं गुलाबगढ़ में पहुंच गया हूं और अब छोटे वाहन में बैठकर चिशोती गांव तक जा रहा हूं। वहां से पैदल ही मचैल माता के दरबार की ओर निकलूंगा। उसे क्या पता था कि आगे मौत उसका इंतजार कर रही है।
शुक्रवार को सुनील का शव पैतृक गांव लोअर बरमीन मोडा अपर डंडी दोपहर तीन बजे पहुंचा। घर पर मां, भाई व अन्य रिश्तेदार शव देखकर रोने लगे। हर ग्रामीण की आंख नम थी। शाम छह बजे बैसाखी दबड़ के पास अंतिम संस्कार किया गया। इसमें काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों के साथ सुनील को विदाई दी।

दूसरी और कोगड़मड़ वार्ड नंबर एक के रहने वाले उत्तम चंद का भी अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को किया गया। उत्तम चंद पत्नी व बेटी के साथ मचैल माता के दर्शन के लिए गए थे लेकिन चिशोती गांव में वह हादसे की चपेट में आ गए। अभी तक उनकी पत्नी मखना देवी और बेटी अंजलि देवी का भी कुछ पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed