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Kathua News: जनविरोधी है सरकार, चुनावों में करेंगे बहिष्कार
Tue, 31 Oct 2023 04:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 31 Oct 2023 04:30 AM IST
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जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने बैठक कर सरकार पर कई आरोप लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अपनी लंबित मांगों को लेकर वर्ष 2022 की 22 जून से हड़ताल पर चल रहे जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कर्मचारी नेता शक्ति सिंह ने कहा कि करीब 20 वर्षों से विभाग के अस्थायी कर्मचारी लगातार उन्हें नियमित किए जाने के साथ-साथ उनका बकाया वेतन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार हर बार सिर्फ झूठे आश्वासन देकर अस्थायी कर्मचारियों के संघर्ष को रुकवा देती है। लेकिन गत वर्ष से पीएचसी इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले होने वाली उनकी हड़ताल लगातार जारी है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक कि सरकार अस्थायी कर्मचारियों को उनका हक नहीं देती है। वही, इस मौके पर जयदेव ने रोष जताते हुए कहा कि आज उनकी हड़ताल को 4 सौ दिन से भी ज्यादा हो चुके हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई भी ऐसी घोषणा नहीं की गई है, जिससे लगे की सरकार अस्थायी कर्मचारियों के प्रति गंभीर है। इस दौरान सरकार के प्रतिनिधि बनकर आए अधिकारी हड़ताल को बंद करने की बात तो करते हैं, लेकिन उनके पास अस्थायी कर्मचारियों की समस्या का निदान करने के लिए कोई योजना नहीं है। इससे लगता है कि सरकार आज भी सिर्फ आश्वासन के सहारे ही उनकी हड़ताल को तुड़वाना चाहती है। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। जब तक अस्थायी कर्मचारियों को उनका हक नहीं दे दिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बैठक में नरेश सिंह, सुरेंद्र कुमार, भवनीत सिंह, प्रदीप सिंह, हीरा सिंह, दर्शन शर्मा, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, सुरेंद्र शर्मा, मुनीर अहमद, सतीश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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कठुआ। अपनी लंबित मांगों को लेकर वर्ष 2022 की 22 जून से हड़ताल पर चल रहे जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कर्मचारी नेता शक्ति सिंह ने कहा कि करीब 20 वर्षों से विभाग के अस्थायी कर्मचारी लगातार उन्हें नियमित किए जाने के साथ-साथ उनका बकाया वेतन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार हर बार सिर्फ झूठे आश्वासन देकर अस्थायी कर्मचारियों के संघर्ष को रुकवा देती है। लेकिन गत वर्ष से पीएचसी इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले होने वाली उनकी हड़ताल लगातार जारी है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक कि सरकार अस्थायी कर्मचारियों को उनका हक नहीं देती है। वही, इस मौके पर जयदेव ने रोष जताते हुए कहा कि आज उनकी हड़ताल को 4 सौ दिन से भी ज्यादा हो चुके हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई भी ऐसी घोषणा नहीं की गई है, जिससे लगे की सरकार अस्थायी कर्मचारियों के प्रति गंभीर है। इस दौरान सरकार के प्रतिनिधि बनकर आए अधिकारी हड़ताल को बंद करने की बात तो करते हैं, लेकिन उनके पास अस्थायी कर्मचारियों की समस्या का निदान करने के लिए कोई योजना नहीं है। इससे लगता है कि सरकार आज भी सिर्फ आश्वासन के सहारे ही उनकी हड़ताल को तुड़वाना चाहती है। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। जब तक अस्थायी कर्मचारियों को उनका हक नहीं दे दिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बैठक में नरेश सिंह, सुरेंद्र कुमार, भवनीत सिंह, प्रदीप सिंह, हीरा सिंह, दर्शन शर्मा, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, सुरेंद्र शर्मा, मुनीर अहमद, सतीश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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