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Kathua News: टीसी लेकर घरों में बैठे बच्चे, केवी रामकोट में नहीं बुनियादी सुविधाएं
Sat, 11 Oct 2025 01:51 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 11 Oct 2025 01:51 AM IST
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केंद्रीय विद्यालय रामकोट की इन पांच कमरों की चलेंगी कक्षाएंसंवाद
न शौचालय, न जंगल की हुई कटाई, पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं
प्रशासन की ओर से 15 कमरों को लेकर दिया गया आश्वासन, फिलहाल पांच ही उपलब्ध
कठुआ। केंद्रीय विद्यालय रामकोट में पहली बार कक्षाएं बैठाए जाने की व्यवस्था लंबी खिंचती जा रही है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे टीसी लेकर घरों में बैठे हैं तो वहीं कक्षाएं अब दीपावली के बाद और न्यूनतम सुविधाएं केवी मानकों के अनुरूप पूरी होने पर ही चलाने की बात सामने आ रही है। ऐसा तब है कि जबकि आधा सत्र बीत चुका है और ज्यादातर स्कूलों में अर्ध वार्षिक परीक्षाओं का दौर भी पूरा हो गया है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने प्रदेश में 13 केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी थी। भलेसा के बाद कठुआ जिले के रामकोट में राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय विद्यालय को लेकर आनन-फानन में खोले जाने को लेकर प्रक्रिया तो शुरू हो गई लेकिन बुनियादी सुविधाएं प्रशासन की ओर से आज तक मुहैया नहीं करवाई गई हैं। सूत्रों के अनुसार आलम यह है कि केंद्रीय विद्यालय रामकोट की प्रस्तावित कक्षाओं के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल रामकोट के जिस परिसर को चुना गया है वहां पांच ही कमरे उपलब्ध करवाए गए हैं। पहली से पांचवीं तक कक्षाओं को चलाया जाना है। इसके अलावा हेडमास्टर कक्ष, एक्टिविटी कक्ष और परीक्षा हॉल की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। महीनों के आश्वासन के बाद भी जिला प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था अबतक न तो प्राइमरी के बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था कर पाए हैं और न ही परिसर के आसपास घने जंगल की सफाई की गई है।
दाखिला दिए गए 200 विद्यार्थियों के लिए पांच पांच कनेक्शन के न्यूनतम दो वॉटर प्वाइंट की भी जरूरत है। उधर, केंद्रीय विद्यालय मिलने से उत्साहित और दाखिला प्रक्रिया के बाद अभिभावकों की चिंता भी कक्षाओं को लेकर बढ़ती जा रही है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो कक्षाएं केंद्रीय विद्यालय संगठन के न्यूनतम मानकों को पूरा करने के बाद ही शुरू होंगी। ऐसे में फिर मामला दीपावली के आगे बढ़ चला है।
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रामकोट के हालात के बाद बनी में केंद्रीय विद्यालय की राह भी नहीं आसान
जिले में दो केंद्रीय विद्यालयों को एक साथ मंजूरी मिली थी। रामकोट में जैसे तैसे केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है लेकिन प्रक्रिया के शुरू होने के बाद भी जम्मू कश्मीर के सरकारी विभागों की ओर से मिलने वाले सहयोग की कमी के चलते बनी में खुलने वाले केंद्रीय विद्यालय की राह भी मुश्किल हो चली है। यहां के हालात के बाद साफ है कि केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन बनी में प्रशासन की ओर से न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने के बाद ही विद्यालय को खोलने का फैसला लेगा। हालांकि जिला प्रशासन ने बनी केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकन बुनियादी और केंद्रीय विद्यालय संगठन के मानकों को पूरा करने के लिए व्यवस्था को शुरू तक नहीं किया है। ऐसे में अगले सत्र में भी कक्षाओं को लगाया जाना संभव होता नजर नहीं आ रहा है।
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प्रशासन की ओर से 15 कमरों को लेकर दिया गया आश्वासन, फिलहाल पांच ही उपलब्ध
कठुआ। केंद्रीय विद्यालय रामकोट में पहली बार कक्षाएं बैठाए जाने की व्यवस्था लंबी खिंचती जा रही है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे टीसी लेकर घरों में बैठे हैं तो वहीं कक्षाएं अब दीपावली के बाद और न्यूनतम सुविधाएं केवी मानकों के अनुरूप पूरी होने पर ही चलाने की बात सामने आ रही है। ऐसा तब है कि जबकि आधा सत्र बीत चुका है और ज्यादातर स्कूलों में अर्ध वार्षिक परीक्षाओं का दौर भी पूरा हो गया है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने प्रदेश में 13 केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी थी। भलेसा के बाद कठुआ जिले के रामकोट में राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय विद्यालय को लेकर आनन-फानन में खोले जाने को लेकर प्रक्रिया तो शुरू हो गई लेकिन बुनियादी सुविधाएं प्रशासन की ओर से आज तक मुहैया नहीं करवाई गई हैं। सूत्रों के अनुसार आलम यह है कि केंद्रीय विद्यालय रामकोट की प्रस्तावित कक्षाओं के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल रामकोट के जिस परिसर को चुना गया है वहां पांच ही कमरे उपलब्ध करवाए गए हैं। पहली से पांचवीं तक कक्षाओं को चलाया जाना है। इसके अलावा हेडमास्टर कक्ष, एक्टिविटी कक्ष और परीक्षा हॉल की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। महीनों के आश्वासन के बाद भी जिला प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था अबतक न तो प्राइमरी के बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था कर पाए हैं और न ही परिसर के आसपास घने जंगल की सफाई की गई है।
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दाखिला दिए गए 200 विद्यार्थियों के लिए पांच पांच कनेक्शन के न्यूनतम दो वॉटर प्वाइंट की भी जरूरत है। उधर, केंद्रीय विद्यालय मिलने से उत्साहित और दाखिला प्रक्रिया के बाद अभिभावकों की चिंता भी कक्षाओं को लेकर बढ़ती जा रही है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो कक्षाएं केंद्रीय विद्यालय संगठन के न्यूनतम मानकों को पूरा करने के बाद ही शुरू होंगी। ऐसे में फिर मामला दीपावली के आगे बढ़ चला है।
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रामकोट के हालात के बाद बनी में केंद्रीय विद्यालय की राह भी नहीं आसान
जिले में दो केंद्रीय विद्यालयों को एक साथ मंजूरी मिली थी। रामकोट में जैसे तैसे केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है लेकिन प्रक्रिया के शुरू होने के बाद भी जम्मू कश्मीर के सरकारी विभागों की ओर से मिलने वाले सहयोग की कमी के चलते बनी में खुलने वाले केंद्रीय विद्यालय की राह भी मुश्किल हो चली है। यहां के हालात के बाद साफ है कि केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन बनी में प्रशासन की ओर से न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने के बाद ही विद्यालय को खोलने का फैसला लेगा। हालांकि जिला प्रशासन ने बनी केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकन बुनियादी और केंद्रीय विद्यालय संगठन के मानकों को पूरा करने के लिए व्यवस्था को शुरू तक नहीं किया है। ऐसे में अगले सत्र में भी कक्षाओं को लगाया जाना संभव होता नजर नहीं आ रहा है।