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नरेश शर्मा इस्तीफा दें, पांच मिनट बाद ही बन जाएगा नया अध्यक्ष
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कठुआ। नगर परिषद कठुआ में राजनैतिक उठापटक ने अध्यक्ष नरेश शर्मा के बयान के बाद आमने-सामने की लड़ाई का रूप ले लिया है। अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देने के लिए नगर परिषद के बागी पार्षदों ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता बुलाई। हालांकि, इस प्रेसवार्ता में पार्षदों ने अपनी ओर से कोई रुख साफ नहीं किया।
दरअसल, सोमवार को वार्ड 5 में लेन ड्रेन के काम का शुभारंभ कराते हुए अध्यक्ष ने कहा था कि बागी पार्षद पहले अपना नेता चुन लें। फिर बात करें। इसी बयान का जवाब देने के लिए 12 बागी पार्षदों ने प्रेसवार्ता का आयोजन किया। कयास लगाए जा रहे थे इस दौरान वे अपने नेता का नाम घोषित करेंगे। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नगर परिषद का नया प्रधान उन 12 पार्षदों में से ही कोई एक होगा।
12 पार्षदों की ओर अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद एक ओर नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अध्यक्ष को सात दिन का समय फ्लोर टेस्ट के लिए विशेष बैठक बुलाने को दिया गया है। उसी के बीच यह जुबानी लड़ाई नए मुकाम पर है। बागी पार्षदों का कहना है कि नरेश शर्मा को यह पूछने का कोई अधिकार नहीं है कि 12 पार्षदों में से कौन अध्यक्ष बनेगा? यह 12 पार्षद एकजुट होकर फैसला लेंगे।
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प्रेसवार्ता में उन्होंने दो टूक कहा कि नरेश शर्मा इस्तीफा दें, और पांच मिनट बाद घोषणा कर दी जाएगी कि कौन अध्यक्ष बन रहा है? अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को लेकर जिज्ञासा 12 पार्षदों में होनी चाहिए। लेकिन, नरेश शर्मा ज्यादा उत्सुक हैं। पार्षद राजिंद्र सिंह बब्बी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट बुलाने के लिए अध्यक्ष को मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सात दिन दिए हैं। इनमें से चार दिन निकल गए हैं। अब अध्यक्ष के पास तीन दिन का समय है। जिसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी खुद बैठक बुलाएंगे। ऐसे में उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए।
बब्बी ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष के समर्थन में तीन ही पार्षद हैं। जबकि, अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 11 पार्षद चाहिए। ऐसे में जब वह खुद कह रहे हैं कि वह थक चुके हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर अब आराम करना चाहिए। कोर्ट के चक्कर लगाने छोड़ देने चाहिए। इस दौरान अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले अन्य पार्षद भी मौजूद रहे।
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दरअसल, सोमवार को वार्ड 5 में लेन ड्रेन के काम का शुभारंभ कराते हुए अध्यक्ष ने कहा था कि बागी पार्षद पहले अपना नेता चुन लें। फिर बात करें। इसी बयान का जवाब देने के लिए 12 बागी पार्षदों ने प्रेसवार्ता का आयोजन किया। कयास लगाए जा रहे थे इस दौरान वे अपने नेता का नाम घोषित करेंगे। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नगर परिषद का नया प्रधान उन 12 पार्षदों में से ही कोई एक होगा।
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12 पार्षदों की ओर अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद एक ओर नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अध्यक्ष को सात दिन का समय फ्लोर टेस्ट के लिए विशेष बैठक बुलाने को दिया गया है। उसी के बीच यह जुबानी लड़ाई नए मुकाम पर है। बागी पार्षदों का कहना है कि नरेश शर्मा को यह पूछने का कोई अधिकार नहीं है कि 12 पार्षदों में से कौन अध्यक्ष बनेगा? यह 12 पार्षद एकजुट होकर फैसला लेंगे।
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प्रेसवार्ता में उन्होंने दो टूक कहा कि नरेश शर्मा इस्तीफा दें, और पांच मिनट बाद घोषणा कर दी जाएगी कि कौन अध्यक्ष बन रहा है? अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को लेकर जिज्ञासा 12 पार्षदों में होनी चाहिए। लेकिन, नरेश शर्मा ज्यादा उत्सुक हैं। पार्षद राजिंद्र सिंह बब्बी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट बुलाने के लिए अध्यक्ष को मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सात दिन दिए हैं। इनमें से चार दिन निकल गए हैं। अब अध्यक्ष के पास तीन दिन का समय है। जिसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी खुद बैठक बुलाएंगे। ऐसे में उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए।
बब्बी ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष के समर्थन में तीन ही पार्षद हैं। जबकि, अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 11 पार्षद चाहिए। ऐसे में जब वह खुद कह रहे हैं कि वह थक चुके हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर अब आराम करना चाहिए। कोर्ट के चक्कर लगाने छोड़ देने चाहिए। इस दौरान अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले अन्य पार्षद भी मौजूद रहे।