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Kathua News: प्रदेश को दिया जाए पूर्ण राज्य का दर्जा
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हीरानगर। इंटरनेशनल डेमोक्रेटिक प्लेटफार्म (आईडीपी) की ओर से रविवार को चड़वाल में एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश को राज्य का दर्जा दिलवाने के अलावा कई मुद्दों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में पूर्व सांसद शेख अब्दुल रहमान विशेष तौर पर मौजूद रहे।
आईडीपी के राष्ट्रीय समिति के सदस्य आईडी खजूरिया ने कहा कि राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर यहां की पहचान खत्म की गई है। राज्य के दर्जे के लिए हम सबको मिलकर आवाज उठानी होगी। इसके लिए हम संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार को भी राज्य का दर्जा देने के साथ यहां के लोगों को यह गारंटी भी देनी चाहिए कि हमारे रोजगार और जमीने यहां के लोगों को ही मिलें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्यपाल शासन को खत्म कर लोगों को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी चुनी हुई सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। एक तरफ सरकार यह दावे कर रही है कि प्रदेश में हालात शांतिपूर्ण है तो ऐसे हालात में चुनाव कराने में देरी क्यों हो रही है। इसी दौरान उन्होंने यह मांग भी की कि प्रदेश में जितने भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं वहां स्थानीय लोगों को काम दिया जाए। जैसा कि देखा जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में ज्यादातर बाहर से लोगों को लाया जा रहा है, जो यहां के स्थानीय लोगों के साथ बेइंसाफी है। सम्मेलन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन करने की भी बात कही।
सम्मेलन में आईडीपी के प्रदेश अध्यक्ष एसएस संब्याल, सचिव बलकार सिंह, संयुक्त सचिव कालिदास, राष्ट्रीय समिति सदस्य कुलभूषण सिंह, संतोष खजुरिया, पंच सुरेश शर्मा, शाम लाल, सुन्नी मेहता आदि भी मौजूद रहे।
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आईडीपी के राष्ट्रीय समिति के सदस्य आईडी खजूरिया ने कहा कि राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर यहां की पहचान खत्म की गई है। राज्य के दर्जे के लिए हम सबको मिलकर आवाज उठानी होगी। इसके लिए हम संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार को भी राज्य का दर्जा देने के साथ यहां के लोगों को यह गारंटी भी देनी चाहिए कि हमारे रोजगार और जमीने यहां के लोगों को ही मिलें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्यपाल शासन को खत्म कर लोगों को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी चुनी हुई सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। एक तरफ सरकार यह दावे कर रही है कि प्रदेश में हालात शांतिपूर्ण है तो ऐसे हालात में चुनाव कराने में देरी क्यों हो रही है। इसी दौरान उन्होंने यह मांग भी की कि प्रदेश में जितने भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं वहां स्थानीय लोगों को काम दिया जाए। जैसा कि देखा जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में ज्यादातर बाहर से लोगों को लाया जा रहा है, जो यहां के स्थानीय लोगों के साथ बेइंसाफी है। सम्मेलन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन करने की भी बात कही।
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सम्मेलन में आईडीपी के प्रदेश अध्यक्ष एसएस संब्याल, सचिव बलकार सिंह, संयुक्त सचिव कालिदास, राष्ट्रीय समिति सदस्य कुलभूषण सिंह, संतोष खजुरिया, पंच सुरेश शर्मा, शाम लाल, सुन्नी मेहता आदि भी मौजूद रहे।
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