बसोहली। विश्वस्थली संस्था की ओर से बसोहली के रामलीला मैदान के नजदीक आयोजित दस दिवसीय पेंटिंग कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। संस्था के प्रधान जगदीश ब्रहमी ने बताया कि बसोहली चित्रकला को जीवंत रखने और आम लोगों में कला के प्रति रुझान पैदा करने और विद्यार्थियों में विद्यमान कला के गुण को निखारने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 26 विद्यार्थियों व चित्रकारों ने भाग लिया।
इस कार्यशाला में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल के जाने-माने कलाकार भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रतिभागियों ने चित्रकला की बारीकियां सीखी। प्रत्येक चित्रकार ने दो चित्र बनाकर दिए हैं, जिन्हें पेंटिंग संग्रहालय में रखा जाएगा। कार्यशाला में प्रतिभागियों को चित्रों के शुरुआत से लेकर अंत तक की बारीकियों को विस्तार पूर्वक समझाया गया। पद्मश्री विजय शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि बसोहली पेंटिंग विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखती है। आज दुनिया के बड़े-बड़े संग्रहालय में बसोहली पेंटिंग देखी जा सकती है। विश्वस्थली संस्था इसके संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि कलाकारों को प्रोत्साहन मिले और अधिक से अधिक कलाकार इस शैली के साथ जुड़े। इसी कड़ी में इस पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर विश्व स्थली संस्था के संस्थापक शक्ति पाठक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।