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Kathua News: महाराजा हरि सिंह की जयंती पर लखनपुर से निकली भव्य रैली
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कठुआ। महाराजा हरि सिंह की जयंती के अवसर पर बुधवार को जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर से युवा राजपूत सभा की ओर से भव्य रैली निकाली गई। रैली से पहले महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। बड़ी संख्या में युवा मोटरसाइकिलों, कारों और अन्य वाहनों पर सवार होकर रैली में शामिल हुए और महाराजा हरि सिंह के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा।
रैली का नेतृत्व पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह ने किया जबकि राष्ट्रीय अधिकार करणी सेना के डॉ. राज शेखावत विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। लखनपुर से शुरू हुई रैली हटली मोड़, नया बस स्टैंड, शहीद भगत सिंह चौक, आंबेडकर ब्रिज और शहीदी चौक से होते हुए शहर के रामलीला मैदान पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ। इस दौरान पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह ने महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महाराजा हरि सिंह की जयंती पर मिलने वाले अवकाश को रद्द करने की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य ऐतिहासिक व्यक्तित्व की जयंती पर अवकाश की मांग की जा रही है तो वर्तमान सरकार उस पर निर्णय ले सकती है। लाल सिंह ने विशेष रूप से शेख अब्दुल्ला की जयंती पर अवकाश किए जाने की मांग का उल्लेख किया।
महाराजा हरि सिंह की जयंती के अवसर पर नगरी से भी दूसरी रैली निकाली गई। यह रैली नगरी से शुरू होकर चन्नग्रां और नगरी अड्डा होते हुए राजकीय डिग्री कॉलेज के बाहर शहीद भगत सिंह पार्क में संपन्न हुई। दोनों रैलियों के दौरान वक्ताओं ने महाराजा हरि सिंह के शासनकाल में विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने अपने शासनकाल में सामाजिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। वक्ताओं के अनुसार महाराजा हरि सिंह ने बाल विवाह और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, सभी वर्गों को शिक्षा का अधिकार देने, दलितों को मंदिरों में प्रवेश का अधिकार देने तथा प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया।
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वक्ताओं ने कहा कि डुग्गर समाज और जम्मू-कश्मीर के इतिहास में महाराजा हरि सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। यही कारण है कि उनकी जयंती पर समाज के विभिन्न वर्गों की ओर से कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके योगदान को याद किया जाता है।
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रैली का नेतृत्व पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह ने किया जबकि राष्ट्रीय अधिकार करणी सेना के डॉ. राज शेखावत विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। लखनपुर से शुरू हुई रैली हटली मोड़, नया बस स्टैंड, शहीद भगत सिंह चौक, आंबेडकर ब्रिज और शहीदी चौक से होते हुए शहर के रामलीला मैदान पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ। इस दौरान पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह ने महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महाराजा हरि सिंह की जयंती पर मिलने वाले अवकाश को रद्द करने की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य ऐतिहासिक व्यक्तित्व की जयंती पर अवकाश की मांग की जा रही है तो वर्तमान सरकार उस पर निर्णय ले सकती है। लाल सिंह ने विशेष रूप से शेख अब्दुल्ला की जयंती पर अवकाश किए जाने की मांग का उल्लेख किया।
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महाराजा हरि सिंह की जयंती के अवसर पर नगरी से भी दूसरी रैली निकाली गई। यह रैली नगरी से शुरू होकर चन्नग्रां और नगरी अड्डा होते हुए राजकीय डिग्री कॉलेज के बाहर शहीद भगत सिंह पार्क में संपन्न हुई। दोनों रैलियों के दौरान वक्ताओं ने महाराजा हरि सिंह के शासनकाल में विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने अपने शासनकाल में सामाजिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। वक्ताओं के अनुसार महाराजा हरि सिंह ने बाल विवाह और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, सभी वर्गों को शिक्षा का अधिकार देने, दलितों को मंदिरों में प्रवेश का अधिकार देने तथा प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया।
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वक्ताओं ने कहा कि डुग्गर समाज और जम्मू-कश्मीर के इतिहास में महाराजा हरि सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। यही कारण है कि उनकी जयंती पर समाज के विभिन्न वर्गों की ओर से कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके योगदान को याद किया जाता है।