हीरानगर। किसी भी बच्चे के लिए उसके मां-बाप ही पूरी दुनिया होते हैं, लेकिन 8 वर्षीय चेतन के लिए यह दुनिया खत्म हो गई है। उसके बेरहम ताया ने ही उसकी दुनिया उजाड़ दी। मंगलवार की सुबह स्कूल पढ़ने गए चेतन को जरा सा भी यह ख्याल नहीं था कि जब वह घर लौटेगा तो उसके सर से मां-बाप का साया उठ चुका होगा। उसे नहीं मालूम था जमीन के एक टुकड़े के लिए उसका ताया उसे अनाथ बना देगा।
यही वजह थी कि अंतिम संस्कार के समय चेतन अपने माता-पिता के शवों को टकटकी लगाकर देख रहा था, लेकिन जब मुखाग्नि दी तो वह फूट-फूट कर रोने लगा। चेतन रोते हुए कहने लगा मुझे पता होता तो हम मम्मी-पापा को छोड़क र कभी स्कूल न जाते। इसके बाद चेतन की आंखों से आंसू की धार फूट पड़ी। उसकी सिसकियां और आंखों से बहते आंसू देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मंगलवार को राजबाग थाना के अंतर्गत पड़ने वाले गांव लब्दु चक के राज कुमार पुत्र भगत राम ने भूमि के टुकडे़ के लिए अपने छोटे भाई नरेश कुमार और उसकी पत्नी आरती देवी को तेजधार हथियार दराट से हमला कर बेरहमी से मार डाला था। पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को हीरानगर कस्बे के पास से गिरफ्तार कर लिया और हत्या के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार परत्याल गांव के पास से बरामद किया, जो आरोपी ने रास्ते में फेंक दिया था। बुधवार को मृत दंपती का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। 8 वर्षीय बेटे ने जब अपने माता-पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो यहां मौजूद हर शख्स की आंख भर आई और लोगों ने नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। यहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से गांव के लोगों और मृतकों के परिजनों ने बच्चों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। अधिकारियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया है। इस मौके पर सरपंच राहुल हंस, सरंपच राकेश चौधरी आदि भी मौजूद रहे।