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Kathua News: भरमोरा और प्राइमरी स्कूल पटेलनगर में बने बैडमिंटन, वॉलीबाल कोर्ट भी चौपट
Tue, 24 Mar 2026 02:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 24 Mar 2026 02:53 AM IST
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बैंडमिंटन कोर्ट की खस्ताहालतसंवाद
- फोटो : samvad
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- चार महीने के भीतर खुल चुकी है पोल, कहीं कोटिंग उतरी तो कहीं प्लास्टर, विभाग ने कहा दोबारा मरम्मत करवाई जाएगी
- विधायक बोले, मरम्मत के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो अधिकारियों पर करवाई जाएगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। युवाओं को खेल सुविधाएं देने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए बैडमिंटन और वॉलीबाल कोर्ट अब सरकारी लापरवाही और ठेकेदारों की मिलीभगत का उदाहरण बनकर सामने आ रहे हैं। उद्घाटन के कुछ ही महीनों में इन अत्याधुनिक कहे जाने वाले कोर्ट की हालत इतनी खराब हो गई है कि यह ग्रामीण विकास विभाग की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
आठ लाख रुपये की लागत से शहर के प्राइमरी स्कूल पटेलनगर में तैयार किया गया सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन 21 नवंबर 2025 को विधायक डॉ. भारत भूषण ने युवाओं को बेहतर सुविधा देने के वादे के साथ उद्घाटित किया था लेकिन उद्घाटन के एक माह बाद ही बारिश में कोर्ट जगह-जगह फूल गया। विभाग ने मरम्मत करवाई मगर हालात जस के तस रहे। युवाओं की उम्मीदें टूट गईं और कोर्ट शोपीस बनकर रह गया।
उधर, कुछ ही दूरी पर भरमोरा में बने कोर्ट की हालत तो और भी खराब है। यहां कोटिंग लगाई ही नहीं गई है। विभाग का कहना है कि ठेकेदार को राशि भी कंक्रीट डालने तक ही दी गई है जबकि आधा अधूरा यह कोर्ट युवाओं के काम कैसे आए फिलहाल युवा यह सोचकर परेशान हैं। स्कूल कमेटी के सदस्य बलविंदर सिंह राजू ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल और ठेकेदार-विभाग की मिलीभगत इसके पीछे जिम्मेदार है। युवाओं में नई सुविधा मिलने से उत्साह था, लेकिन कोर्ट की बदहाली ने उन्हें निराश कर दिया।
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बता दें कि बिलावर के धार डुगनू में भी वॉलीबाल कोर्ट उद्घाटन के चार महीने के भीतर ही बदहाल हो गया। विधायक सतीश शर्मा की फटकार के बाद मरम्मत शुरू हुई। ग्रामीण विकास विभाग के आरईडब्लू विंग के कार्यकारी अभियंता संदीप सिंह ने बताया कि धार डुगनू के ठेकेदार ने ही कठुआ शहर में एक कोर्ट का निर्माण करवाया था। फिलहाल पूरी राशि जारी नहीं की गई है। मामला संज्ञान में आ गया है और इसकी मरम्मत करवाई जाएगी। जिले में अन्य हुए कार्यों को भी देखा जाएगा।
कोट
ग्रामीण विकास विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी राशि से बनी यह सुविधाएं लाभ दे सकें। इसके लिए इसकी मरम्मत सुनिश्चित करनी होगी। यदि इसके बाद भी यह गुणवत्ता पर खरी नहीं उतरती हैं तो अधिकारियाें पर अपनी निगरानी में ऐसे काम करवाने के लिए कार्रवाई करवाई जाएगी।
- डॉ. भारत भूषण, विधायक कठुआ
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- चार महीने के भीतर खुल चुकी है पोल, कहीं कोटिंग उतरी तो कहीं प्लास्टर, विभाग ने कहा दोबारा मरम्मत करवाई जाएगी
- विधायक बोले, मरम्मत के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो अधिकारियों पर करवाई जाएगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। युवाओं को खेल सुविधाएं देने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए बैडमिंटन और वॉलीबाल कोर्ट अब सरकारी लापरवाही और ठेकेदारों की मिलीभगत का उदाहरण बनकर सामने आ रहे हैं। उद्घाटन के कुछ ही महीनों में इन अत्याधुनिक कहे जाने वाले कोर्ट की हालत इतनी खराब हो गई है कि यह ग्रामीण विकास विभाग की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
आठ लाख रुपये की लागत से शहर के प्राइमरी स्कूल पटेलनगर में तैयार किया गया सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन 21 नवंबर 2025 को विधायक डॉ. भारत भूषण ने युवाओं को बेहतर सुविधा देने के वादे के साथ उद्घाटित किया था लेकिन उद्घाटन के एक माह बाद ही बारिश में कोर्ट जगह-जगह फूल गया। विभाग ने मरम्मत करवाई मगर हालात जस के तस रहे। युवाओं की उम्मीदें टूट गईं और कोर्ट शोपीस बनकर रह गया।
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उधर, कुछ ही दूरी पर भरमोरा में बने कोर्ट की हालत तो और भी खराब है। यहां कोटिंग लगाई ही नहीं गई है। विभाग का कहना है कि ठेकेदार को राशि भी कंक्रीट डालने तक ही दी गई है जबकि आधा अधूरा यह कोर्ट युवाओं के काम कैसे आए फिलहाल युवा यह सोचकर परेशान हैं। स्कूल कमेटी के सदस्य बलविंदर सिंह राजू ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल और ठेकेदार-विभाग की मिलीभगत इसके पीछे जिम्मेदार है। युवाओं में नई सुविधा मिलने से उत्साह था, लेकिन कोर्ट की बदहाली ने उन्हें निराश कर दिया।
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बता दें कि बिलावर के धार डुगनू में भी वॉलीबाल कोर्ट उद्घाटन के चार महीने के भीतर ही बदहाल हो गया। विधायक सतीश शर्मा की फटकार के बाद मरम्मत शुरू हुई। ग्रामीण विकास विभाग के आरईडब्लू विंग के कार्यकारी अभियंता संदीप सिंह ने बताया कि धार डुगनू के ठेकेदार ने ही कठुआ शहर में एक कोर्ट का निर्माण करवाया था। फिलहाल पूरी राशि जारी नहीं की गई है। मामला संज्ञान में आ गया है और इसकी मरम्मत करवाई जाएगी। जिले में अन्य हुए कार्यों को भी देखा जाएगा।
कोट
ग्रामीण विकास विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी राशि से बनी यह सुविधाएं लाभ दे सकें। इसके लिए इसकी मरम्मत सुनिश्चित करनी होगी। यदि इसके बाद भी यह गुणवत्ता पर खरी नहीं उतरती हैं तो अधिकारियाें पर अपनी निगरानी में ऐसे काम करवाने के लिए कार्रवाई करवाई जाएगी।
- डॉ. भारत भूषण, विधायक कठुआ