{"_id":"67895d11f7576edf730dbffa","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1008-116620-2025-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: विवाह सहायता के लिए फर्जी दस्तावेजों का ले रहे सहारा, 150 आवेदन रद्द किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: विवाह सहायता के लिए फर्जी दस्तावेजों का ले रहे सहारा, 150 आवेदन रद्द किए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। उधमपुर और डोडा के बाद कठुआ में भी विवाह में वित्तीय सहायता लेने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। 2022 से अब तक समाज कल्याण विभाग ने जहां 33 सौ से ज्यादा आवेदन मंजूर किए हैं। वहीं फर्जी तारीख, फर्जी कार्ड यानि कि की फर्जी शादी बताकर विवाह के लिए वित्तीय सहायता हासिल करने के 150 आवेदनों को रद्द किया गया है।
दरअसल, मदद के तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर तबके को मिलने वाली यह मदद फर्जी शादी बताकर आसानी से हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से भी लगातार सतर्कता बरती जा रही है। विभाग की ओर से लोगों को आगाह भी किया गया है।
समाज कल्याण विभाग के तहसील अधिकारी विश्वबंधु शर्मा ने बताया कि जिले भर में अब तक 33 सौ लोगों की विवाह संबंधी सहायता विभाग की ओर से मंजूर की जा चुकी है। इसके तहत सभी आवेदकों को 50 हजार की राशि उपलब्ध करवाई गई है। पिछले ढाई वर्षों में 150 आवेदन विभाग ने सिर्फ इसलिए नकार दिए हैं कि आवेदकों ने सहायता राशि पाने के लिए फर्जी कार्ड या फर्जी तारीख बताई। फील्ड में टीम ने जाकर जांच की तो इसका खुलासा हुआ है। ऐसे मामलों पर सख्ती से नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि विभाग से विवाह संबंधी सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदनकर्ताओं को एक महीना पहले ऑनलाइन आवदेन देना पड़ता है वो भी सभी दस्तावेजों के अनुसार। आवेदन देने के बाद विभाग की ओर से जांच की जाती है। इसके बाद ही यह राशि उपलब्ध करवाई जाती है। लोगों को इस तरह के फर्जीवाड़े से बचना चाहिए।
विज्ञापन
दरअसल, मदद के तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर तबके को मिलने वाली यह मदद फर्जी शादी बताकर आसानी से हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से भी लगातार सतर्कता बरती जा रही है। विभाग की ओर से लोगों को आगाह भी किया गया है।
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग के तहसील अधिकारी विश्वबंधु शर्मा ने बताया कि जिले भर में अब तक 33 सौ लोगों की विवाह संबंधी सहायता विभाग की ओर से मंजूर की जा चुकी है। इसके तहत सभी आवेदकों को 50 हजार की राशि उपलब्ध करवाई गई है। पिछले ढाई वर्षों में 150 आवेदन विभाग ने सिर्फ इसलिए नकार दिए हैं कि आवेदकों ने सहायता राशि पाने के लिए फर्जी कार्ड या फर्जी तारीख बताई। फील्ड में टीम ने जाकर जांच की तो इसका खुलासा हुआ है। ऐसे मामलों पर सख्ती से नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि विभाग से विवाह संबंधी सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदनकर्ताओं को एक महीना पहले ऑनलाइन आवदेन देना पड़ता है वो भी सभी दस्तावेजों के अनुसार। आवेदन देने के बाद विभाग की ओर से जांच की जाती है। इसके बाद ही यह राशि उपलब्ध करवाई जाती है। लोगों को इस तरह के फर्जीवाड़े से बचना चाहिए।