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Kathua News: माधोपुर बैराज के सभी 56 गेट हुए अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से लैस
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अब आपातकालीन परिस्थितियों में सभी गेटों को एक ही स्विच से तुरंत खोला और बंद किया जा सकेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। रावी दरिया पर बने माधोपुर बैराज के सभी 56 गेटों को अब पारंपरिक मैनुअल प्रणाली से हटाकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संचालन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब आपातकालीन परिस्थितियों में बैराज के सभी गेटों को एक ही स्विच के माध्यम से तुरंत खोला और बंद किया जा सकेगा।
इस आधुनिक व्यवस्था का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। लखनपुर निवासी एवं यूथ फेडरेशन के प्रधान सन्नी शर्मा ने नई प्रणाली शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रावी दरिया पर बने विभिन्न पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष 26 अगस्त को रावी दरिया का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के दौरान बैराज के मैनुअल संचालित गेट समय पर नहीं खुल पाए थे। इसके परिणामस्वरूप दरिया का बहाव अपनी दिशा बदल गया था, जिससे क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। रावी दरिया पर बने एक्सपोर्ट पुल, रेलवे पुल, पशुपालन विभाग की इमारत तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की इमारत को भी गंभीर क्षति पहुंची थी।
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सन्नी शर्मा ने कहा कि बैराज के गेटों का इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से संचालन शुरू होना क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। इससे भविष्य में बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायता मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। रावी दरिया पर बने माधोपुर बैराज के सभी 56 गेटों को अब पारंपरिक मैनुअल प्रणाली से हटाकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संचालन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब आपातकालीन परिस्थितियों में बैराज के सभी गेटों को एक ही स्विच के माध्यम से तुरंत खोला और बंद किया जा सकेगा।
इस आधुनिक व्यवस्था का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। लखनपुर निवासी एवं यूथ फेडरेशन के प्रधान सन्नी शर्मा ने नई प्रणाली शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रावी दरिया पर बने विभिन्न पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि गत वर्ष 26 अगस्त को रावी दरिया का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के दौरान बैराज के मैनुअल संचालित गेट समय पर नहीं खुल पाए थे। इसके परिणामस्वरूप दरिया का बहाव अपनी दिशा बदल गया था, जिससे क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। रावी दरिया पर बने एक्सपोर्ट पुल, रेलवे पुल, पशुपालन विभाग की इमारत तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की इमारत को भी गंभीर क्षति पहुंची थी।
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सन्नी शर्मा ने कहा कि बैराज के गेटों का इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से संचालन शुरू होना क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। इससे भविष्य में बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायता मिलेगी।