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Kathua News: कक्षा संचालन के लिए शिक्षक संसाधनों के विकास पर चर्चा
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प्रशिक्षण शिविर में मौजूद शिक्षक।
- फोटो : kathua news
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कठुआ। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बसोहली में कक्षा संचालन के लिए शिक्षक संसाधनों के विकास पर तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। इसमें मिडिल स्तर पर लर्निंग आउटकम के प्रभावी कक्षा संचालन के लिए शिक्षक संसाधनों के विकास पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और संसाधन व्यक्तियों को एक साथ लाया गया ताकि योग्यता-आधारित शिक्षा के साथ संरेखित अभिनव शिक्षण सामग्री को डिजाइन और विकसित किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य मिडिल स्कूलों में छात्रों के सीखने के अनुभवों को बढ़ाने के लिए शिक्षकों को व्यावहारिक और आकर्षक संसाधनों से लैस करना रहा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य डाइट स्वर्ण सिंह ने अपने संबोधन में सार्थक शिक्षण परिणामों को सुनिश्चित करने में अच्छी तरह से संरचित शिक्षण संसाधनों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए संसाधन कक्षा शिक्षण की प्रभावशीलता में काफी सुधार कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला मिडिल स्तर पर बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के उनके मिशन में एक अगला कदम है।
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कार्यशाला में इंटरैक्टिव सत्र, समूह चर्चा और व्यावहारिक गतिविधियां शामिल थीं, जिससे प्रतिभागियों ने विषय-विशिष्ट सामग्री बनाई। शिक्षकों ने पाठ योजनाएं, कार्यपत्रक, गतिविधि-आधारित शिक्षण मॉड्यूल और निर्धारित शिक्षण परिणामों के अनुरूप डिजिटल सामग्री विकसित करके सक्रिय रूप से योगदान दिया।
कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों ने कहा कि यह कार्यशाला एक समृद्ध अनुभव रहा है, जिसने उन्हें विद्यार्थियों को सिखाने के लिए और अधिक नवीन रणनीतियां व व्यावहारिक उपकरण प्रदान किए हैं। वहीं, डाइट संकाय ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों के समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया।
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कार्यशाला में शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और संसाधन व्यक्तियों को एक साथ लाया गया ताकि योग्यता-आधारित शिक्षा के साथ संरेखित अभिनव शिक्षण सामग्री को डिजाइन और विकसित किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य मिडिल स्कूलों में छात्रों के सीखने के अनुभवों को बढ़ाने के लिए शिक्षकों को व्यावहारिक और आकर्षक संसाधनों से लैस करना रहा।
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इस अवसर पर प्रधानाचार्य डाइट स्वर्ण सिंह ने अपने संबोधन में सार्थक शिक्षण परिणामों को सुनिश्चित करने में अच्छी तरह से संरचित शिक्षण संसाधनों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए संसाधन कक्षा शिक्षण की प्रभावशीलता में काफी सुधार कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला मिडिल स्तर पर बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के उनके मिशन में एक अगला कदम है।
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कार्यशाला में इंटरैक्टिव सत्र, समूह चर्चा और व्यावहारिक गतिविधियां शामिल थीं, जिससे प्रतिभागियों ने विषय-विशिष्ट सामग्री बनाई। शिक्षकों ने पाठ योजनाएं, कार्यपत्रक, गतिविधि-आधारित शिक्षण मॉड्यूल और निर्धारित शिक्षण परिणामों के अनुरूप डिजिटल सामग्री विकसित करके सक्रिय रूप से योगदान दिया।
कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों ने कहा कि यह कार्यशाला एक समृद्ध अनुभव रहा है, जिसने उन्हें विद्यार्थियों को सिखाने के लिए और अधिक नवीन रणनीतियां व व्यावहारिक उपकरण प्रदान किए हैं। वहीं, डाइट संकाय ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों के समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया।