J&K: सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ शुरू किया 'ढूंढो और समाप्त करो' अभियान, रातभर गोलाबारी की, दो आतंकी घायल
ऑपरेशन सुफैन-2 के तहत पंजतीर्थी में सुरक्षाबलों ने रातभर गोलाबारी कर दो घायल आतंकियों को घेर लिया, जबकि मुठभेड़ स्थल से आतंकियों के इस्तेमाल किए गए कारतूस और स्नाइपर की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
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पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए आतंकियों के खात्मे के लिए चल रहे व्यापक सुरक्षा अभियान 'ऑपरेशन सुफैन' ने मंगलवार को अपना दसवां दिन पूरा किया। सोमवार देर रात उज्ज दरिया के पंजतीर्थी क्षेत्र में हुई नई मुठभेड़ में दो आतंकियों के घायल होने की जानकारी हुई है।
सुरक्षाबलों ने रात 4 बजे तक निरंतर गोलाबारी कर आतंकियों को घेरे में ले रखा था। भोर होते ही घेरा और सघन कर दिया गया। सोमवार सुबह से उज्ज दरिया के किनारे स्थित जंगली इलाके में आतंकियों की तलाश जारी है। यह क्षेत्र एक ओर वन भूमि तो दूसरी ओर आबादी वाले इलाकों से सटा हुआ है।
आतंकियों के पहाड़ी रास्तों से भागने की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने सभी संभावित मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है।पैरा कमांडो, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीमों ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर रखी है। पैरा कमांडो ने उज्ज दरिया से सटे जंगलों का बारीकी से निरीक्षण शुरू किया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, रात्रि मुठभेड़ में घायल आतंकियों के अधिक दूर भागने की संभावना नहीं है।
ऑपरेशन का मनोबल बढ़ाने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की समीक्षा कर नए निर्देश जारी किए। पूरे दिन उज्ज दरिया के आसपास जंगलों में गोलाबारी के साथ तलाशी अभियान चलता रहा।
विशेष जानकारी: पंजतीर्थी का यह वही क्षेत्र है जहां से उधमपुर के डुडू, बसंतगढ़ और लोहाई मल्हार की पहाड़ियों तक पहुंचने के लिए नाले विभिन्न दिशाओं में बंट जाते हैंआतंकी उज्ज, नाज, तलैन, सूत्र, भिनी और अन्य छोटे नालों का उपयोग पहाड़ी मार्गों तक पहुंचने के लिए करते हैं
स्नाइपर की मौजूदगी की पुष्टि : मुठभेड़ स्थल से बरामद एम-4 कार्बाइन के खाली कारतूसों से पता चला है कि आतंकियों के दल में कम से कम एक और स्नाइपर मौजूद है। पिछले वर्ष से पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित स्नाइपर्स को सीमा पार भेजे जाने की रणनीति सामने आई है, जिनका उद्देश्य सुरक्षाबलों पर छिपकर हमला करना है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल पर मिले जूतों के निशान और एम-4 व एके-47 के खाली कारतूसों से स्पष्ट है कि आतंकी अभी भी निकटवर्ती क्षेत्र में ही छिपे हुए हैं।
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