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हाईवे पर ई-रिक्शा चलते मिले तो होंगे जब्त: आरटीओ
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प्रतिबंध के बावजूद बेधड़क हाईवे पर दौड़ने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ आरटीओ कठुआ सुरेंद्र पाल शर्मा ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मिनी बस ऑपरेटरों की शिकायत पर उन्होंने कालीबड़ी में ई-रिक्शा चालकों से बात की और साफ शब्दों में कहा कि अगर हाईवे पर ई-रिक्शा चलते दिखेंगे तो उन्हें भारी चालान के साथ जब्त किया जाएगा।
सोमवार को कठुआ मिनी बस ऑपरेटरों की शिकायत पर कालीबड़ी पहुंचे आरटीओ सुरेंद्र पाल शर्मा ने ई-रिक्शा चालकों से बात की। ई-रिक्शा चालकों ने उनसे अलग-अलग श्रेणी के ई-रिक्शा को वर्गीकृत करते हुए 60 किमी प्रति घंटा तक रफ्तार से चल सकने वाले ई-रिक्शा को ऑटो की तरह हाईवे पर चलने की अनुमति देने की मांग की।
जबकि कठुआ मिनी बस आपरेटर यूनियन के प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी बसों को सड़क पर चलने के लिए हर साल दस्तावेजी प्रकिया को पूरा करने के लिए लाखों रुपये टैक्स जमा करना पड़ता है। रोजाना डीजल का खर्च वहन करना पड़ता है। जबकि ई-रिक्शा बिना इस तरह के किसी भी खर्च के हाईवे पर सवारियों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही उन्हें शहर में चलने की पूरी अनुमति है। अब अगर हाईवे पर भी वह बेधड़क चलेंगे तो मिनी बस चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करने वालों को काफी मुश्किल आएगी।
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दोनों पक्षों से बातचीत के बाद आरटीओ कठुआ ने ई-रिक्शा चालकों का स्पष्ट निर्देश दिया कि हाईवेे पर उनका चलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर आज के बाद कोई भी ई-रिक्शा हाईवे पर चलता दिखा तो उसे जब्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए परिवहन विभाग खुद भी सख्ती करेगा। ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए जाएंगे।
सीमित क्षेत्र में चलने से कर्ज पर लिए गए ई-रिक्शा किस्त भी नहीं निकाल सकेंगे
कठुआ ई-रिक्शा यूनियन के सदस्य जीएल गुप्ता ने कहा कि आरटीओ के इस निर्णय से ई-रिक्शा चालक प्रभावित होंगे। लाखों रुपये कीमत वाले ई-रिक्शा अगर सीमित क्षेत्र में संचालित होंगे तो कर्ज पर लिए गए ई-रिक्शा की किस्त भी नहीं निकल पाएगी। इससे वह आर्थिक कठिनाइयों में फंसेंगे। उन्होंने कहा कि आरटीओ कठुआ को इन परेशानियों के बारे में बताते हुए बड़े ई-रिक्शा का हाईवे पर जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि वह इस बाबत अपने प्रयास जारी रखेंगे।
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सोमवार को कठुआ मिनी बस ऑपरेटरों की शिकायत पर कालीबड़ी पहुंचे आरटीओ सुरेंद्र पाल शर्मा ने ई-रिक्शा चालकों से बात की। ई-रिक्शा चालकों ने उनसे अलग-अलग श्रेणी के ई-रिक्शा को वर्गीकृत करते हुए 60 किमी प्रति घंटा तक रफ्तार से चल सकने वाले ई-रिक्शा को ऑटो की तरह हाईवे पर चलने की अनुमति देने की मांग की।
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जबकि कठुआ मिनी बस आपरेटर यूनियन के प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी बसों को सड़क पर चलने के लिए हर साल दस्तावेजी प्रकिया को पूरा करने के लिए लाखों रुपये टैक्स जमा करना पड़ता है। रोजाना डीजल का खर्च वहन करना पड़ता है। जबकि ई-रिक्शा बिना इस तरह के किसी भी खर्च के हाईवे पर सवारियों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही उन्हें शहर में चलने की पूरी अनुमति है। अब अगर हाईवे पर भी वह बेधड़क चलेंगे तो मिनी बस चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करने वालों को काफी मुश्किल आएगी।
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दोनों पक्षों से बातचीत के बाद आरटीओ कठुआ ने ई-रिक्शा चालकों का स्पष्ट निर्देश दिया कि हाईवेे पर उनका चलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर आज के बाद कोई भी ई-रिक्शा हाईवे पर चलता दिखा तो उसे जब्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए परिवहन विभाग खुद भी सख्ती करेगा। ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए जाएंगे।
सीमित क्षेत्र में चलने से कर्ज पर लिए गए ई-रिक्शा किस्त भी नहीं निकाल सकेंगे
कठुआ ई-रिक्शा यूनियन के सदस्य जीएल गुप्ता ने कहा कि आरटीओ के इस निर्णय से ई-रिक्शा चालक प्रभावित होंगे। लाखों रुपये कीमत वाले ई-रिक्शा अगर सीमित क्षेत्र में संचालित होंगे तो कर्ज पर लिए गए ई-रिक्शा की किस्त भी नहीं निकल पाएगी। इससे वह आर्थिक कठिनाइयों में फंसेंगे। उन्होंने कहा कि आरटीओ कठुआ को इन परेशानियों के बारे में बताते हुए बड़े ई-रिक्शा का हाईवे पर जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि वह इस बाबत अपने प्रयास जारी रखेंगे।