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Kathua News: जिले की तीन मुंसिफ अदालतों की हदों को दोबारा किया परिभाषित
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बसोहली व बिलावर की चार मुंसिफ अदालतों की फिर से हदबंदी हुई है। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। मुंसिफ न्यायालय बिलावर की राजस्व सीमा हद तक परिभाषित की गई है।
वहीं, बिलावर अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट को तहसील रामकोट और लोहाई मल्हार हद निर्धारित की गई है। मुंसिफ न्यायालय महानपुर को तहसील महानपुर तक और मुंसिफ बसोहली के लिए बसोहली की हद परिभाषित की गई है। दरअसल, पूर्व में जारी परिभाषित कोर्ट हदों में कई बार असमंजस की स्थिति बनी रही है। जिसके तलते जम्मू-कश्मीर आर लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक बार फिर से बिलावर, बसोहली और महानपुर मुंसिफ कोर्टों की एक बार फिर से स्पष्ट हदों को परिभाषित किया है।
कई बार महानपुर हद में रहने स्थानीय लोग बसोहली मुंसिफ में चले जाते थे। उनको सुनवाई के लिए फिर महानपुर कोर्ट में आना पड़ता था। अधिकार क्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं थे, जिन्हें अब परिभाषित किया गया है।
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कठुआ। बसोहली व बिलावर की चार मुंसिफ अदालतों की फिर से हदबंदी हुई है। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। मुंसिफ न्यायालय बिलावर की राजस्व सीमा हद तक परिभाषित की गई है।
वहीं, बिलावर अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट को तहसील रामकोट और लोहाई मल्हार हद निर्धारित की गई है। मुंसिफ न्यायालय महानपुर को तहसील महानपुर तक और मुंसिफ बसोहली के लिए बसोहली की हद परिभाषित की गई है। दरअसल, पूर्व में जारी परिभाषित कोर्ट हदों में कई बार असमंजस की स्थिति बनी रही है। जिसके तलते जम्मू-कश्मीर आर लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक बार फिर से बिलावर, बसोहली और महानपुर मुंसिफ कोर्टों की एक बार फिर से स्पष्ट हदों को परिभाषित किया है।
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कई बार महानपुर हद में रहने स्थानीय लोग बसोहली मुंसिफ में चले जाते थे। उनको सुनवाई के लिए फिर महानपुर कोर्ट में आना पड़ता था। अधिकार क्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं थे, जिन्हें अब परिभाषित किया गया है।
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