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जिले के पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात
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कठुआ के बनी सब डिवीजन के सरथल में रविवार को हुई ताजा बर्फबारी के बाद चारो ओर फैली बर्फ की सफेद चाद?
- फोटो : KATHUA
कठुआ। शनिवार से ही रुक रुक कर बर्फबारी का सिलसिला पहाड़ी इलाकों में रात के समय अचानक तेज हो गया। बनी सब डिवीजन के अधिकांश पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। दुलंगल, संदरूण, डंडी गुट्टू के पहाड़ों की चोटियां जहां सफेद हो गई है। वहीं जिले के दूर दराज पर्यटन स्थल सरथल में सात इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। बनी भद्रवाह मार्ग पर छत्रगला टॉप पर एक फुट के लगभग बर्फ गिरी है। कैलाश कुंड, नुकनाली और बेहाली में दो से तीन फुट तक बर्फ कई इलाकों में गिर चुकी है। बर्फबारी से निचले इलाके भी शीतलहर की चपेट में चले गए हैं।
उधर, मैदानी इलाकों में रविवार दोपहर तक रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा है। सुबह तेज बारिश ने बिजली बहाली के कार्यों में भी खलल डाला लेकिन दोपहर होते तक कई इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई थी। बनी-बसोहली मार्ग पर बीकन के नजदीक पस्सियां गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। रविवार दोपहर बाद से जिले के मैदानी इलाकों में मौसम खुलने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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जिले में 150 से ज्यादा खंभे टूटे
तीन सब स्टेशन अभी भी बंद
शनिवार को रात के समय मैदानी इलाकों में बारिश का दौर थमने के बाद रात भर तेज हवाओं का दौर जारी रहा। ऐसे में बिजली ढांचे को कठुआ और हीरानगर के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता मदन लाल भगत ने बताया कि हीरानगर सब डिवीजन में ही 40 के लगभग खंभों की डिमांड आ चुकी है। फिलहाल नुकसान का आकलन जारी है। अन्य सब डिवीजन में भी सौ के लगभग खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगह खंभों के साथ-साथ अन्य उपकरणों को भी क्षति पहुंची है। बताया कि छन्न अरोड़िया, पहाड़पुर और मढ़ीन में बिजली सप्लाई फिलहाल बहाल नहीं हो पाई है ।
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खाना बदोशों के साथ ढोक में फंसे कई जमींदार
प्रशासन ने मौसम और बिगड़ने से पहले मैदानों को जाने के दिए निर्देश
अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में इस कदर बर्फबारी हो जाएगी इसका अंदाजा किसी को भी नहीं था। ऐसे में मैदानों को पलायन कर रहे कई खाना बदोश परिवार बीच रास्ते ही फंस गए हैं तो वहीं ढोक से मैदानों को उतरने वाले दर्जनों परिवार भी बर्फबारी वाले इलाकों में फंसकर रह गए हैं। प्रशासन ने ग्रेफ को बनी से सरथल के बीच रास्ता बहाल करने के निर्देश दिए, जिसके बाद लोगों को मौसम और खराब होने से पहले मैदानों की ओर चले जाने की हिदायत दी गई है। हालात पर नजर रखने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को भी सरथल रवाना कर दिया गया है। फिलहाल इलाके में किसी भी तरह से जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है लेकिन बनी भद्रवाह मार्ग फिलहाल वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गया है।
सरथल पहुंचे राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेफ ने सरथल तक यातायात बहाल कर दिया है। बनी भद्रवाह मार्ग फिलहाल ठप है। बेहाल में दो से तीन फुट बर्फ है, वहां पांच से छह ढोक में जमींदार लोग भी हैं। एक गुज्जर डेरा सौंपू में है जहां चार फुट तक बर्फ है। दो से तीन डेरे छत्रगलां और सरथल के बीच फंसे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों को इलाके को छोड़ने की हिदायत दी है ताकि सड़क बंद होने से पहले लोग अपने निचले डेरों तक पहुंच जाएं।
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उधर, मैदानी इलाकों में रविवार दोपहर तक रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा है। सुबह तेज बारिश ने बिजली बहाली के कार्यों में भी खलल डाला लेकिन दोपहर होते तक कई इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई थी। बनी-बसोहली मार्ग पर बीकन के नजदीक पस्सियां गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। रविवार दोपहर बाद से जिले के मैदानी इलाकों में मौसम खुलने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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जिले में 150 से ज्यादा खंभे टूटे
तीन सब स्टेशन अभी भी बंद
शनिवार को रात के समय मैदानी इलाकों में बारिश का दौर थमने के बाद रात भर तेज हवाओं का दौर जारी रहा। ऐसे में बिजली ढांचे को कठुआ और हीरानगर के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता मदन लाल भगत ने बताया कि हीरानगर सब डिवीजन में ही 40 के लगभग खंभों की डिमांड आ चुकी है। फिलहाल नुकसान का आकलन जारी है। अन्य सब डिवीजन में भी सौ के लगभग खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगह खंभों के साथ-साथ अन्य उपकरणों को भी क्षति पहुंची है। बताया कि छन्न अरोड़िया, पहाड़पुर और मढ़ीन में बिजली सप्लाई फिलहाल बहाल नहीं हो पाई है ।
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खाना बदोशों के साथ ढोक में फंसे कई जमींदार
प्रशासन ने मौसम और बिगड़ने से पहले मैदानों को जाने के दिए निर्देश
अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में इस कदर बर्फबारी हो जाएगी इसका अंदाजा किसी को भी नहीं था। ऐसे में मैदानों को पलायन कर रहे कई खाना बदोश परिवार बीच रास्ते ही फंस गए हैं तो वहीं ढोक से मैदानों को उतरने वाले दर्जनों परिवार भी बर्फबारी वाले इलाकों में फंसकर रह गए हैं। प्रशासन ने ग्रेफ को बनी से सरथल के बीच रास्ता बहाल करने के निर्देश दिए, जिसके बाद लोगों को मौसम और खराब होने से पहले मैदानों की ओर चले जाने की हिदायत दी गई है। हालात पर नजर रखने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को भी सरथल रवाना कर दिया गया है। फिलहाल इलाके में किसी भी तरह से जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है लेकिन बनी भद्रवाह मार्ग फिलहाल वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गया है।
सरथल पहुंचे राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेफ ने सरथल तक यातायात बहाल कर दिया है। बनी भद्रवाह मार्ग फिलहाल ठप है। बेहाल में दो से तीन फुट बर्फ है, वहां पांच से छह ढोक में जमींदार लोग भी हैं। एक गुज्जर डेरा सौंपू में है जहां चार फुट तक बर्फ है। दो से तीन डेरे छत्रगलां और सरथल के बीच फंसे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों को इलाके को छोड़ने की हिदायत दी है ताकि सड़क बंद होने से पहले लोग अपने निचले डेरों तक पहुंच जाएं।