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Kathua News: रुकेंगे हादसे, जीएमसी कठुआ को मिलेगा नया प्रवेशद्वार
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कठुआ। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान को भव्यता प्रदान करने वाला गेट जल्द तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुके गेट से न सिर्फ संस्थान की पहचान होगी, बल्कि प्रतिदिन यहां इलाज की सुविधा लाभ उठाने के लिए आने वाले लोगों को सुरक्षा भी मिल सकेगी। इससे ब्लैक स्पॉट बन चुके हाईवे के इस प्वाइंट पर हादसों पर भी रोक लग सकेगी।
दरअसल कभी जिला अस्पताल रहे जीएमसी कठुआ का मुख्यद्वार जम्मू पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण की जद में आ गया था। इसके बाद तीन वर्ष पूर्व 1.64 करोड़ की लागत से परिसर की नई चाहरदीवारी और लोगाें के आने-जाने की सुविधा के लिए गेट का निर्माण शुरू किया गया था। इसमें पहले साल 12 फीट ऊंचाई वाली 900 मीटर चाहरदीवारी का निर्माण किया गया, जबकि गत वर्ष अस्पताल में आने जाने की सहूलियत के लिए तीन नए गेट का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से शुरू करवाया गया। इसमें हाईवे से जोड़ने वाला मुख्य गेट, शहर के लोगों को आने जाने के लिए ड्रीमलैंड पार्क रोड पर एक गेट और पटेल नगर के निकलने वाले रास्ते में इमरजेंसी गेट को शामिल किया गया। जो अब अंतिम चरण में है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अगले महीने ही गेट का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके सौंदर्यीकरण का काम भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
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क्या होगी विशेषता
जीएमसी कठुआ में बनाया जाने वाला गेट भव्य तरह का बनाया जा रहा है। मुख्य हाईवे से 35 फीट पीछे हटकर बनाए जाने वाले करीब 30 फीट चौड़े गेट को मुख्य चाहरदीवारी से यू आकार दिया गया है। इससे अस्पताल से निकलकर हाईवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी। वहीं मुख्य गेट के सामने का क्षेत्र भी 25 फीट खुला होगा। इससे यहां आने वाले यात्री वाहनों को सवारियों को चढ़ाने और उतारने के समय हाईवे पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा, जबकि परिसर में आने जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था के साथ एक गार्ड रूम व पैदल आने वाले लोगों के लिए रास्ता होगा।
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जीएमसी कठुआ में गेट के निर्माण में लोगों की सहूलियत, सुरक्षा और संस्थान की भव्यता को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान के इमरजेंसी गेट का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि ड्रीमलैंड पार्क रोड और हाईवे से जोड़ने वाले मुख्य गेट निर्माण अपने अंतिम चरण है। इसे भी जल्द पूरा किया जाएगा।
- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ
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दरअसल कभी जिला अस्पताल रहे जीएमसी कठुआ का मुख्यद्वार जम्मू पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण की जद में आ गया था। इसके बाद तीन वर्ष पूर्व 1.64 करोड़ की लागत से परिसर की नई चाहरदीवारी और लोगाें के आने-जाने की सुविधा के लिए गेट का निर्माण शुरू किया गया था। इसमें पहले साल 12 फीट ऊंचाई वाली 900 मीटर चाहरदीवारी का निर्माण किया गया, जबकि गत वर्ष अस्पताल में आने जाने की सहूलियत के लिए तीन नए गेट का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से शुरू करवाया गया। इसमें हाईवे से जोड़ने वाला मुख्य गेट, शहर के लोगों को आने जाने के लिए ड्रीमलैंड पार्क रोड पर एक गेट और पटेल नगर के निकलने वाले रास्ते में इमरजेंसी गेट को शामिल किया गया। जो अब अंतिम चरण में है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अगले महीने ही गेट का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके सौंदर्यीकरण का काम भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
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क्या होगी विशेषता
जीएमसी कठुआ में बनाया जाने वाला गेट भव्य तरह का बनाया जा रहा है। मुख्य हाईवे से 35 फीट पीछे हटकर बनाए जाने वाले करीब 30 फीट चौड़े गेट को मुख्य चाहरदीवारी से यू आकार दिया गया है। इससे अस्पताल से निकलकर हाईवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी। वहीं मुख्य गेट के सामने का क्षेत्र भी 25 फीट खुला होगा। इससे यहां आने वाले यात्री वाहनों को सवारियों को चढ़ाने और उतारने के समय हाईवे पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा, जबकि परिसर में आने जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था के साथ एक गार्ड रूम व पैदल आने वाले लोगों के लिए रास्ता होगा।
जीएमसी कठुआ में गेट के निर्माण में लोगों की सहूलियत, सुरक्षा और संस्थान की भव्यता को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान के इमरजेंसी गेट का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि ड्रीमलैंड पार्क रोड और हाईवे से जोड़ने वाले मुख्य गेट निर्माण अपने अंतिम चरण है। इसे भी जल्द पूरा किया जाएगा।
- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ