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Kathua News: शहर के 15 वार्डों में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का काम शुरू
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कठुआ। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का शुभारंभ हो गया है। निजी कार्यपालक एजेंसी के काम छोड़ने के बाद कठुआ नगर परिषद ने अपने स्तर पर इस अभियान को काम शुरू किया है। इसके लिए पहले फेज में 15 वार्डों से कचरा एकत्रित करने का काम शुरू किया गया है और अगले सप्ताह से पूरे शहर के 21 वार्डों में इस अभियान को चलाने की योजना है।
बता दें कि हरियाणा की कंपनी श्री शाइमा को बतौर कार्यपालक एजेंसी दिसंबर में ही डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने का काम दिया गया था। ढाई महीने बाद ही योजना की हवा निकल गई और शहर में एक बार फिर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए। इससे शहरवासी परेशान होने लगे। इसी के चलते शहीदी चौक से सटे मोहल्ले के लोगों ने गंदगी को लेकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया। इसके बाद नगर परिषद ने अपने स्तर पर कर्मचारियों की भर्ती की और अपने स्तर पर ही घर-घर से कचरा उठाने की मुहिम की शुरुआत कर दी। बकाया जमा न करवाने पर कंपनी को डायरेक्टर लोकल बॉडी ने अयोग्य करार दिया।
दिसंबर 2023 में टेंडर अलॉटमेंट से पहले कंपनी ने दो लाख रुपये जमा करवाए थे लेकिन उसके बाद जमा होने वाली छह लाख रुपये सिक्योरिटी दो महीने बाद भी जमा नहीं करवा सकी। इसके अलावा, शहर से निर्धारित यूजर चार्जेज भी इकट्ठा नहीं किया गया, जबकि नगर परिषद उसे हर माह प्रति वार्ड 46620 रुपये अदा कर रही थी। उक्त खामियों के चलते स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर ने कार्यपालक एजेंसी को आयोग्य बताकर टेंडर रद्द कर दिया।
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आवासीय यूनिट से 50 तो व्यावसायिक यूनिट के चुकाने होंगे 100 रुपये
डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए नगर परिषद लोगों से फीस भी लेगा। आवासीय से 50 और व्यावसायिक से 100 रुपये फीस ली जाएगी। हालांकि, बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों पैलेस, होटल और बैंक्वेट हॉल या बड़े शॉपिंग मॉल से कितनी फीस वसूली जानी है, इसके लिए नगर परिषद एक कमेटी का गठन करेगा। टीम सर्वे कर यह पता लगाएगी कि किस यूनिट से कितना टन कचरा निकल रहा है। उसके बाद ही यूनिट की मासिक फीस तय की जाएगी। इसके लिए कम से कम दो हजार और अधिकतम फीस 10 हजार रुपये तय किए जाने हैं।
11 वाहनों से एकत्रित होगा 21 वार्डों का कचरा
नगर परिषद के पास कार्यालय में कचरा एकत्रित करने के लिए 11 वाहन हैं। इसके अलावा 11 चालकों और 11 सहायकों को आउटसोर्स पर काम के लिए भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। भर्ती किए गए सभी कर्मचारी स्थानीय लोग हैं। परिषद अधिकारियों का दावा है कि परिषद की ओर से शुरू की जाने वाली योजना निजी कंपनी की तुलना में बेहतर काम करेगी। इससे शहर साफ सुथरा बनेगा और लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
शहर को स्वच्छ बनाने में लोग भी करें सहयोग : प्रशासक
जिला उपायुक्त व नगर परिषद प्रशासक डॉ. राकेश मिन्हास ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भी अब से हर रोज शहर में आठ घंटे अपनी ड्यूटी अंजाम देने के स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। 15 वार्डों में डोर-टू-डोर मुहिम की शुरुआत कर दी गई है। अगले सप्ताह से सभी 21 वार्डों को कवर किया जाएगा। शहर को स्वच्छ और खूबसूरत बनाने में शहरवासी सहयोग करें। सड़कों के किनारे कचरा फैलाने की बजाय उसे गाड़ी में फेंकें। जब तक सभी वार्डों में परिषद की गाड़ियां नहीं पहुंचतीं, तब तक लोग अपने घरों का कचरा नजदीकी कूड़ेदान में डालें।
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बता दें कि हरियाणा की कंपनी श्री शाइमा को बतौर कार्यपालक एजेंसी दिसंबर में ही डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने का काम दिया गया था। ढाई महीने बाद ही योजना की हवा निकल गई और शहर में एक बार फिर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए। इससे शहरवासी परेशान होने लगे। इसी के चलते शहीदी चौक से सटे मोहल्ले के लोगों ने गंदगी को लेकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया। इसके बाद नगर परिषद ने अपने स्तर पर कर्मचारियों की भर्ती की और अपने स्तर पर ही घर-घर से कचरा उठाने की मुहिम की शुरुआत कर दी। बकाया जमा न करवाने पर कंपनी को डायरेक्टर लोकल बॉडी ने अयोग्य करार दिया।
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दिसंबर 2023 में टेंडर अलॉटमेंट से पहले कंपनी ने दो लाख रुपये जमा करवाए थे लेकिन उसके बाद जमा होने वाली छह लाख रुपये सिक्योरिटी दो महीने बाद भी जमा नहीं करवा सकी। इसके अलावा, शहर से निर्धारित यूजर चार्जेज भी इकट्ठा नहीं किया गया, जबकि नगर परिषद उसे हर माह प्रति वार्ड 46620 रुपये अदा कर रही थी। उक्त खामियों के चलते स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर ने कार्यपालक एजेंसी को आयोग्य बताकर टेंडर रद्द कर दिया।
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आवासीय यूनिट से 50 तो व्यावसायिक यूनिट के चुकाने होंगे 100 रुपये
डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए नगर परिषद लोगों से फीस भी लेगा। आवासीय से 50 और व्यावसायिक से 100 रुपये फीस ली जाएगी। हालांकि, बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों पैलेस, होटल और बैंक्वेट हॉल या बड़े शॉपिंग मॉल से कितनी फीस वसूली जानी है, इसके लिए नगर परिषद एक कमेटी का गठन करेगा। टीम सर्वे कर यह पता लगाएगी कि किस यूनिट से कितना टन कचरा निकल रहा है। उसके बाद ही यूनिट की मासिक फीस तय की जाएगी। इसके लिए कम से कम दो हजार और अधिकतम फीस 10 हजार रुपये तय किए जाने हैं।
11 वाहनों से एकत्रित होगा 21 वार्डों का कचरा
नगर परिषद के पास कार्यालय में कचरा एकत्रित करने के लिए 11 वाहन हैं। इसके अलावा 11 चालकों और 11 सहायकों को आउटसोर्स पर काम के लिए भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। भर्ती किए गए सभी कर्मचारी स्थानीय लोग हैं। परिषद अधिकारियों का दावा है कि परिषद की ओर से शुरू की जाने वाली योजना निजी कंपनी की तुलना में बेहतर काम करेगी। इससे शहर साफ सुथरा बनेगा और लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
शहर को स्वच्छ बनाने में लोग भी करें सहयोग : प्रशासक
जिला उपायुक्त व नगर परिषद प्रशासक डॉ. राकेश मिन्हास ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भी अब से हर रोज शहर में आठ घंटे अपनी ड्यूटी अंजाम देने के स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। 15 वार्डों में डोर-टू-डोर मुहिम की शुरुआत कर दी गई है। अगले सप्ताह से सभी 21 वार्डों को कवर किया जाएगा। शहर को स्वच्छ और खूबसूरत बनाने में शहरवासी सहयोग करें। सड़कों के किनारे कचरा फैलाने की बजाय उसे गाड़ी में फेंकें। जब तक सभी वार्डों में परिषद की गाड़ियां नहीं पहुंचतीं, तब तक लोग अपने घरों का कचरा नजदीकी कूड़ेदान में डालें।