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Kathua News: कचरे के ढेर में उड़ गई गारबेज कलेक्शन योजना
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कठुआ। शहर में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का काम शुरू हुए 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन शहर के बाजार और मोहल्लों में गंदगी के ढेर अभी भी लग रहे हैं। हालांकि नगर परिषद अधिकारी डोर-टू-डोर अभियान की शुरुआत से ही दावे करते आ रहे थे कि 15 दिसंबर तक शहर को डस्टबिन मुक्त कर दिया जाएगा लेकिन मौजूदा हालात में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है।
यह हालात तब हैं, जब घर-घर से कचरा उठाने के लिए 12 गाड़ियों को लगाया गया है और 24 कर्मचारी सिर्फ डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए ही तैनात किए गए हैं। वहीं, नगर परिषद हर महीने कार्यपालक कंपनी को प्रति वार्ड 47, 200 रुपये चुकाने का करार कर चुका है। बता दें कि कार्यपालक कंपनी के कर्मचारी भी काम के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे। अभियान शुरू होने के 12 दिन बाद भी कई गलियों में कार्यपालक कंपनी की गाड़ियां नहीं पहुंच पाई हैं। इसके चलते लोग कार्यपालक कंपनी की कार्यशैली और नगर परिषद के आश्वासनों से नाराज दिख रहे हैं।
नहीं स्थापित हो पाया आईटी सेल
नगर परिषद और कार्यपालक कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया था कि डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का काम शुरू होते ही एक आईटी सेल की स्थापना की जाएगी। इसमें एक एप और वेब पोर्टल डेवलप किया जाना था ताकि लोग किसी भी शिकायत के लिए इनका इस्तेमाल कर सकें। इसकी मॉनिटरिंग का दावा नगर परिषद अधिकारियों ने किया था लेकिन दावों के विपरीत अभी तक आईटी सेल की स्थापना ही नहीं हो पाई। इसके चलते लोग सरकारी अधिकारियों तक अपनी शिकायतें नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं, टोल फ्री नंबर संबंधी शहरवासियों को कोई जानकारी नहीं है।
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कार्यपालक कंपनी को महीने के दिए जाने हैं 9.91 लाख
टेंडर में यह प्रावधान किया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए ठेकेदार अपने स्तर पर कर्मचारी रखेगा। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि वाहनों की मरम्मत भी कंपनी करवाएगी। इसके अलावा गाड़ियों के ड्राइवर, हेल्पर और सुपरवाइजर समेत सभी कर्मचारियों का जिम्मा ठेकेदार का होगा। हालांकि लोगों से ली जाने वाली फीस नगर परिषद के कर्मचारी एकत्रित करेंगे और डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की एवज में नगर परिषद कार्यपालक कंपनी को प्रति वार्ड 47,200 रुपए रुपये अदा करेगी। यानी, 21 वार्डों के लिए कार्यपालक कंपनी को हर महीने नौ लाख 91 हजार रुपये दिए जाने हैं। 12 दिन बीतने के बावजूद शहर में लगे गंदगी के ढेर इस पूरी योजना को मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन होने के बाद भी शहर की सड़कों और चौक चौराहों पर कचरा दिखाई दे रहा है तो साफ है कि हर घर से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। इसके कारण जो भी हैं, उसकी नगर परिषद को जांच करनी चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो शहर को साफ सुधरा बनाया जाना एक सपना ही बना रहेगा।
-पंकज शर्मा, निवासी वार्ड 9
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शहर के सभी 21 वार्डों में हर घर से कचरा उठाए जाने की शुरुआत तो हो गई है लेकिन कार्यपालक एजेंसी की गाड़ी दैनिक रूप से मोहल्ले में नहीं आती है। इसके कारण लोगों को सड़कों पर ही कचरा फेंकना पड़ता है। अभी एक माह बीतने के बाद लोगों से पैसे लेने के लिए तो कर्मचारी आएंंगे लेकिन नियमित कचरा लेने की कार्रवाई नहीं हो रही है।
-मोहित वर्मा, निवासी वार्ड 1
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शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू होने के बाद भी अगर प्रमुख स्थानों पर कचरा दिखाई दे रहा है तो यह लोगों में जागरूकता के अभाव के कारण हो सकता है। जो कचरा लेने के लिए आने वाली गाड़ी को कचरा न देकर यहां वहां फेंक रहे हैं। नगर परिषद ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए ताकि शहर को साफ रखने के लिए की गई पहल सही साबित हो।
-एडवोकेट अजातशत्रु शर्मा, निवासी वार्ड 8
शहर को स्वच्छ बनाने के प्रयास के तहत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अभी शुरुआती दौर में है। अभी लोग पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं और घर-घर जाने वाली गाड़ी को कचरा देने के बजाय इधर-उधर फेंक रहे हैं लेकिन लगातार प्रयास किया जा रहा है कि लोग कचरा उनके घर के सामने आने वाली गाड़ी में ही डालें। लोगों को नई व्यवस्था से अभ्यस्त होने में कुछ समय लगेगा। लिहाजा शहर में लगने वाले कचरे को हटाना पड़ रहा है। एक से दो माह के बाद नगर परिषद सड़क पर कचरा फेंकने वालों के चालान भी करेगी। लिहाजा लोगों ने अपील की जाती है कि अपने शहर को साफ रखने में नगर परिषद का सहयोग करें।
-जोधराज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।
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यह हालात तब हैं, जब घर-घर से कचरा उठाने के लिए 12 गाड़ियों को लगाया गया है और 24 कर्मचारी सिर्फ डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए ही तैनात किए गए हैं। वहीं, नगर परिषद हर महीने कार्यपालक कंपनी को प्रति वार्ड 47, 200 रुपये चुकाने का करार कर चुका है। बता दें कि कार्यपालक कंपनी के कर्मचारी भी काम के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे। अभियान शुरू होने के 12 दिन बाद भी कई गलियों में कार्यपालक कंपनी की गाड़ियां नहीं पहुंच पाई हैं। इसके चलते लोग कार्यपालक कंपनी की कार्यशैली और नगर परिषद के आश्वासनों से नाराज दिख रहे हैं।
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नहीं स्थापित हो पाया आईटी सेल
नगर परिषद और कार्यपालक कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया था कि डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का काम शुरू होते ही एक आईटी सेल की स्थापना की जाएगी। इसमें एक एप और वेब पोर्टल डेवलप किया जाना था ताकि लोग किसी भी शिकायत के लिए इनका इस्तेमाल कर सकें। इसकी मॉनिटरिंग का दावा नगर परिषद अधिकारियों ने किया था लेकिन दावों के विपरीत अभी तक आईटी सेल की स्थापना ही नहीं हो पाई। इसके चलते लोग सरकारी अधिकारियों तक अपनी शिकायतें नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं, टोल फ्री नंबर संबंधी शहरवासियों को कोई जानकारी नहीं है।
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कार्यपालक कंपनी को महीने के दिए जाने हैं 9.91 लाख
टेंडर में यह प्रावधान किया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए ठेकेदार अपने स्तर पर कर्मचारी रखेगा। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि वाहनों की मरम्मत भी कंपनी करवाएगी। इसके अलावा गाड़ियों के ड्राइवर, हेल्पर और सुपरवाइजर समेत सभी कर्मचारियों का जिम्मा ठेकेदार का होगा। हालांकि लोगों से ली जाने वाली फीस नगर परिषद के कर्मचारी एकत्रित करेंगे और डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की एवज में नगर परिषद कार्यपालक कंपनी को प्रति वार्ड 47,200 रुपए रुपये अदा करेगी। यानी, 21 वार्डों के लिए कार्यपालक कंपनी को हर महीने नौ लाख 91 हजार रुपये दिए जाने हैं। 12 दिन बीतने के बावजूद शहर में लगे गंदगी के ढेर इस पूरी योजना को मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन होने के बाद भी शहर की सड़कों और चौक चौराहों पर कचरा दिखाई दे रहा है तो साफ है कि हर घर से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। इसके कारण जो भी हैं, उसकी नगर परिषद को जांच करनी चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो शहर को साफ सुधरा बनाया जाना एक सपना ही बना रहेगा।
-पंकज शर्मा, निवासी वार्ड 9
शहर के सभी 21 वार्डों में हर घर से कचरा उठाए जाने की शुरुआत तो हो गई है लेकिन कार्यपालक एजेंसी की गाड़ी दैनिक रूप से मोहल्ले में नहीं आती है। इसके कारण लोगों को सड़कों पर ही कचरा फेंकना पड़ता है। अभी एक माह बीतने के बाद लोगों से पैसे लेने के लिए तो कर्मचारी आएंंगे लेकिन नियमित कचरा लेने की कार्रवाई नहीं हो रही है।
-मोहित वर्मा, निवासी वार्ड 1
शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू होने के बाद भी अगर प्रमुख स्थानों पर कचरा दिखाई दे रहा है तो यह लोगों में जागरूकता के अभाव के कारण हो सकता है। जो कचरा लेने के लिए आने वाली गाड़ी को कचरा न देकर यहां वहां फेंक रहे हैं। नगर परिषद ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए ताकि शहर को साफ रखने के लिए की गई पहल सही साबित हो।
-एडवोकेट अजातशत्रु शर्मा, निवासी वार्ड 8
शहर को स्वच्छ बनाने के प्रयास के तहत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अभी शुरुआती दौर में है। अभी लोग पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं और घर-घर जाने वाली गाड़ी को कचरा देने के बजाय इधर-उधर फेंक रहे हैं लेकिन लगातार प्रयास किया जा रहा है कि लोग कचरा उनके घर के सामने आने वाली गाड़ी में ही डालें। लोगों को नई व्यवस्था से अभ्यस्त होने में कुछ समय लगेगा। लिहाजा शहर में लगने वाले कचरे को हटाना पड़ रहा है। एक से दो माह के बाद नगर परिषद सड़क पर कचरा फेंकने वालों के चालान भी करेगी। लिहाजा लोगों ने अपील की जाती है कि अपने शहर को साफ रखने में नगर परिषद का सहयोग करें।
-जोधराज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।