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Kathua News: बनी में हेपेटाइटिस व मलेरिया की दस्तक से हड़कंप, संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका
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-बीएमओ ने एसडीएम को ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी तय करने के संबंध में लिखा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के दूर-दराज बनी सब डिवीजन में हेपेटाइटिस और मलेरिया ने दस्तक दे दी है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। ब्लॉक मेडिकल अफसर (बीएमओ) बनी में मामले में ग्रामीण विकास विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए एसडीएम को विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए लिखा है।
दरअसल, बनी कस्बे के बीचोंबीच बहने वाले दो नालों को स्वास्थ्य महकमा संक्रामक बीमारियों के फैलने की वजह बता रहा है। बीएमओ बनी के मुताबिक सीएचसी बनी में हाल फिलहाल में हेपेटाइटिस के चार और मलेरिया के दो मामले सामने आए हैं। उन्होंने इसका कारण बनी में खुले गंदे नालों को बताया है और यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते इन्हें नहीं ढंका नहीं गया तो यह एक बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है। इसका आम लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने यह मुद्दा सब-डिबिजन मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाया है। पत्राचार के अनुसार खुले गंदे नालों में जमा दूषित पानी से हेपेटाइटिस, हैजा तथा मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका जताई गई है।
यह भी बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से उपजिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के तीन से चार और मलेरिया के दो मामले सामने आए हैं, जो चिंताजनक है। बीएमओ की ओर से जानकारी दी गई कि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग कई बार ग्रामीण विकास विभाग को अवगत करवा चुका है लेकिन अभी तक उनकी तरफ से नालों को ढंकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
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लक्ष्मी नरसिंह मंदिर और पीर बाबा से शुरू होकर मुख्य सड़क तक जाने वाले नालों से संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बताया गया कि इन नालों में हर वक्त गंदा कचरा तथा दूषित पानी जमा रहता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के दूर-दराज बनी सब डिवीजन में हेपेटाइटिस और मलेरिया ने दस्तक दे दी है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। ब्लॉक मेडिकल अफसर (बीएमओ) बनी में मामले में ग्रामीण विकास विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए एसडीएम को विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए लिखा है।
दरअसल, बनी कस्बे के बीचोंबीच बहने वाले दो नालों को स्वास्थ्य महकमा संक्रामक बीमारियों के फैलने की वजह बता रहा है। बीएमओ बनी के मुताबिक सीएचसी बनी में हाल फिलहाल में हेपेटाइटिस के चार और मलेरिया के दो मामले सामने आए हैं। उन्होंने इसका कारण बनी में खुले गंदे नालों को बताया है और यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते इन्हें नहीं ढंका नहीं गया तो यह एक बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है। इसका आम लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने यह मुद्दा सब-डिबिजन मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाया है। पत्राचार के अनुसार खुले गंदे नालों में जमा दूषित पानी से हेपेटाइटिस, हैजा तथा मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका जताई गई है।
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यह भी बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से उपजिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के तीन से चार और मलेरिया के दो मामले सामने आए हैं, जो चिंताजनक है। बीएमओ की ओर से जानकारी दी गई कि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग कई बार ग्रामीण विकास विभाग को अवगत करवा चुका है लेकिन अभी तक उनकी तरफ से नालों को ढंकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
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लक्ष्मी नरसिंह मंदिर और पीर बाबा से शुरू होकर मुख्य सड़क तक जाने वाले नालों से संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बताया गया कि इन नालों में हर वक्त गंदा कचरा तथा दूषित पानी जमा रहता है।