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जिले में बिना अनुमति बेचे जा रहे पटाखे
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कठुआ। जिले में दीपावली से पूर्व बिना प्रशासन की अनुमति के पटाखों की बिक्री का दौर शुरू हो गया है। होलसेल विक्रेता भी जहां धड़ल्ले से रिटेल में पटाखों की बिक्री कर रहे हैं, वहीं रिटेल को लेकर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई भी अनुमति जारी नहीं की गई है। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर खरोट मोड़ के नजदीक पेट्रोल पंप के सौ मीटर दायरे में ही दो पटाखों की दुकानें सज गई हैं। ऐसा तब है जब यह इलाका डीसी कार्यालय से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
तहसीलदार कठुआ विक्रम कुमार ने बताया कि फिलहाल उनके कार्यालय से रिटेल को लेकर जारी होने वाली पटाखों की बिक्री की अनुमति किसी को भी जारी नहीं की गई है। होलसेल को लेकर अनुमति डीसी कार्यालय से जारी की जाती है। उधर, हैरत की बात यह है कि प्रशासनिक गाइडलाइन और लाइसेंस के प्रावधानों के अनुसार ही पटाखों की बिक्री हो रही है या नहीं, फिलहाल किसी भी प्रशासनिक टीम ने इसकी जांच करना भी जरूरी नहीं समझा है। ऐसा तब है जबकि कुछ वर्ष पूर्व ही कठुआ के मुख्य बाजार में पटाखों में बड़ा धमाका हुआ था जिसमें पांच लोग घायल भी हुए थे। हालात ऐसे हैं कि इस बार भी शहर के बाजार से लेकर गली मोहल्लों में बम पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। न तो इन्हें प्रशासनिक टीमों का खौफ है और न ही किसी कार्रवाई का। शहर के मुख्य बाजार की संकरी गलियों में चाइनीज पटाखे छोटे से लेकर बड़ी दुकानों तक पहुंच चुके हैं। वहीं मनियारी से लेकर गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी पटाखों की बिक्री जारी है।
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रिहायशी इलाकों में बिक रहे पटाखे, प्रशासन अंजान
शहर के कई रिहायशी इलाकों में पटाखों के कारोबार का यह खेल नया नहीं है। हर साल नियमों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री से लेकर संग्रह करने का काम शहर के कुछ पाश इलाकों में किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नियम बनाने वालों को भी इसका पता रहता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता ही पूरी की जाती है। यहां तक कि होलसेल पटाखा विक्रेताओं के लाइसेंस रिन्यू करने की पहले भी यह सोचने की जहमत नहीं उठाई जाती कि इन गोदामों को सुरक्षा के लिहाज से किन स्थानों पर चलाया जा रहा है। शहर में पटाखों का होल सेल और रिटेल बाजार काफी पुराना है। पंजाब से सटा इलाका होने के चलते चोरी-छिपे यहां पटाखों को लाया जाता है और यहां पर जम्मू सहित राज्य के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में लोग पटाखा खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।
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तहसीलदार कठुआ विक्रम कुमार ने बताया कि फिलहाल उनके कार्यालय से रिटेल को लेकर जारी होने वाली पटाखों की बिक्री की अनुमति किसी को भी जारी नहीं की गई है। होलसेल को लेकर अनुमति डीसी कार्यालय से जारी की जाती है। उधर, हैरत की बात यह है कि प्रशासनिक गाइडलाइन और लाइसेंस के प्रावधानों के अनुसार ही पटाखों की बिक्री हो रही है या नहीं, फिलहाल किसी भी प्रशासनिक टीम ने इसकी जांच करना भी जरूरी नहीं समझा है। ऐसा तब है जबकि कुछ वर्ष पूर्व ही कठुआ के मुख्य बाजार में पटाखों में बड़ा धमाका हुआ था जिसमें पांच लोग घायल भी हुए थे। हालात ऐसे हैं कि इस बार भी शहर के बाजार से लेकर गली मोहल्लों में बम पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। न तो इन्हें प्रशासनिक टीमों का खौफ है और न ही किसी कार्रवाई का। शहर के मुख्य बाजार की संकरी गलियों में चाइनीज पटाखे छोटे से लेकर बड़ी दुकानों तक पहुंच चुके हैं। वहीं मनियारी से लेकर गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी पटाखों की बिक्री जारी है।
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रिहायशी इलाकों में बिक रहे पटाखे, प्रशासन अंजान
शहर के कई रिहायशी इलाकों में पटाखों के कारोबार का यह खेल नया नहीं है। हर साल नियमों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री से लेकर संग्रह करने का काम शहर के कुछ पाश इलाकों में किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नियम बनाने वालों को भी इसका पता रहता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता ही पूरी की जाती है। यहां तक कि होलसेल पटाखा विक्रेताओं के लाइसेंस रिन्यू करने की पहले भी यह सोचने की जहमत नहीं उठाई जाती कि इन गोदामों को सुरक्षा के लिहाज से किन स्थानों पर चलाया जा रहा है। शहर में पटाखों का होल सेल और रिटेल बाजार काफी पुराना है। पंजाब से सटा इलाका होने के चलते चोरी-छिपे यहां पटाखों को लाया जाता है और यहां पर जम्मू सहित राज्य के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में लोग पटाखा खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।
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