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Kathua News: बिजली की अघोषित कटौती ने बढ़ाई परेशानी
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सुरेखा जमवाल
- हर दूसरे और तीसरे दिन सुबह 10 बजे से शाम बजे तक बंद कर दी जाती है बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में तीन महीने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। हर दूसरे और तीसरे दिन पूरा-पूरा दिन गुल रहने वाली बिजली ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। अघोषित कटौती से महिलाएं, विद्यार्थी, कारोबारी सहित आमजन प्रभावित है।
अघोषित कटौती के कारण जहां व्यापारी पूरा-पूरा दिन बिजली आने का इंतजार करते ही समय बिता रहे हैं। वहीं, लोगों के घरों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग की ओर से बिजली कटौती की सूचना भी नहीं दी जा रही। प्रभावितों का कहना यह है कि दिसंबर में शुरू हुई कटौती अब तक जारी है। विभाग बिजली ढांचे की मरम्मत करने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाती। शहर के आसपास बढ़ने वाले औद्योगिक क्षेत्र के साथ शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था इतनी चरमरा गई है कि कई बार घरों में पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पाती है।
कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाता है
हर दूसरे या तीसरे दिन सुबह नौ बजने के बाद बिजली गुल हो जाती है। शाम चार बजने के बाद ही बिजली आती है जिससे कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाता है। कई बार तो स्थिति यह हो जाती है कि दुकान में काम करने के लिए रखे गए कारीगरों को ओवर टाइम के अतिरिक्त पैसे देकर काम करवाना पड़ता है। क्योंकि सुबह उनके आने के समय पर बिजली चली जाती है और जब आती है तो उनके जाने का समय हो जाता है।
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-पवन कुमार, मिठाई विक्रेता।
तीन महीने से चल रहा सिलसिला
शहर में दिसंबर महीने से इस तरह की कटौती का दौर शुरू हुआ था। तब विभाग की ओर से बताया गया था कि भागथली औद्योगिक क्षेत्र में बिजली ढांचे को तैयार करने के लिए यह कटौती की जा रही है। लेकिन अब तो इस बात को तीसरा महीना हो चुका है और बिजली की अघोषित कटौती का दौर जारी है। जो हर आम आदमी के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
-अनिल शर्मा, स्थानीय दुकानदार
पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है
आज कल घर का रुटीन कामकाज बिना बिजली के संभव नहीं है। आम दिनों काम आठ बजने के बाद शुरू होता है। दस बजे से बिजली गुल हो जाती है। जिससे घरेलू काम के लिए लगाए सभी उपकरण पंगु हो जाते हैं और पूरा काम प्रभावित हो जाता है। बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा प्रभाव पानी की आपूर्ति पर पड़ता है।
सुरेखा जमवाल, गृहिणी।
परीक्षा के दिनों में तो आपूर्ति ठीक रखे विभाग
आज कल परीक्षा का दौर है ऐसे में बिजली की आपूर्ति बहुत जरूरी है। बिजली विभाग की शेड्यूल कटौती के अलावा दिन भर के लिए लगने वाले कट से कई बार इन्वर्टर भी जवाब दे जाता है। जिससे रात के समय परीक्षा की तैयारी में खलल पड़ता है। बिजली विभाग परीक्षा के दौरान बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को ठीक रखने के लिए काम करना चाहिए।
-रोहण मेहरा, विद्यार्थी
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कठुआ सब डिवीजन के अंतर्गत पड़ने वाले टीबीके फीडर की 66 केवीए लाइन में मरम्मत के काम के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। अब लोगों को विभाग के शेड्यूल के मुताबिक ही बिजली मिला करेगी।
-सुनील कुमार शर्मा, सहायक कार्यकारी अभियंता,
सब डिवीजन कठुआ, बिजली विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में तीन महीने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। हर दूसरे और तीसरे दिन पूरा-पूरा दिन गुल रहने वाली बिजली ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। अघोषित कटौती से महिलाएं, विद्यार्थी, कारोबारी सहित आमजन प्रभावित है।
अघोषित कटौती के कारण जहां व्यापारी पूरा-पूरा दिन बिजली आने का इंतजार करते ही समय बिता रहे हैं। वहीं, लोगों के घरों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग की ओर से बिजली कटौती की सूचना भी नहीं दी जा रही। प्रभावितों का कहना यह है कि दिसंबर में शुरू हुई कटौती अब तक जारी है। विभाग बिजली ढांचे की मरम्मत करने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाती। शहर के आसपास बढ़ने वाले औद्योगिक क्षेत्र के साथ शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था इतनी चरमरा गई है कि कई बार घरों में पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पाती है।
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कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाता है
हर दूसरे या तीसरे दिन सुबह नौ बजने के बाद बिजली गुल हो जाती है। शाम चार बजने के बाद ही बिजली आती है जिससे कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाता है। कई बार तो स्थिति यह हो जाती है कि दुकान में काम करने के लिए रखे गए कारीगरों को ओवर टाइम के अतिरिक्त पैसे देकर काम करवाना पड़ता है। क्योंकि सुबह उनके आने के समय पर बिजली चली जाती है और जब आती है तो उनके जाने का समय हो जाता है।
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-पवन कुमार, मिठाई विक्रेता।
तीन महीने से चल रहा सिलसिला
शहर में दिसंबर महीने से इस तरह की कटौती का दौर शुरू हुआ था। तब विभाग की ओर से बताया गया था कि भागथली औद्योगिक क्षेत्र में बिजली ढांचे को तैयार करने के लिए यह कटौती की जा रही है। लेकिन अब तो इस बात को तीसरा महीना हो चुका है और बिजली की अघोषित कटौती का दौर जारी है। जो हर आम आदमी के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
-अनिल शर्मा, स्थानीय दुकानदार
पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है
आज कल घर का रुटीन कामकाज बिना बिजली के संभव नहीं है। आम दिनों काम आठ बजने के बाद शुरू होता है। दस बजे से बिजली गुल हो जाती है। जिससे घरेलू काम के लिए लगाए सभी उपकरण पंगु हो जाते हैं और पूरा काम प्रभावित हो जाता है। बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा प्रभाव पानी की आपूर्ति पर पड़ता है।
सुरेखा जमवाल, गृहिणी।
परीक्षा के दिनों में तो आपूर्ति ठीक रखे विभाग
आज कल परीक्षा का दौर है ऐसे में बिजली की आपूर्ति बहुत जरूरी है। बिजली विभाग की शेड्यूल कटौती के अलावा दिन भर के लिए लगने वाले कट से कई बार इन्वर्टर भी जवाब दे जाता है। जिससे रात के समय परीक्षा की तैयारी में खलल पड़ता है। बिजली विभाग परीक्षा के दौरान बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को ठीक रखने के लिए काम करना चाहिए।
-रोहण मेहरा, विद्यार्थी
कठुआ सब डिवीजन के अंतर्गत पड़ने वाले टीबीके फीडर की 66 केवीए लाइन में मरम्मत के काम के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। अब लोगों को विभाग के शेड्यूल के मुताबिक ही बिजली मिला करेगी।
-सुनील कुमार शर्मा, सहायक कार्यकारी अभियंता,
सब डिवीजन कठुआ, बिजली विभाग