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Kathua News: बिजली के अघोषित कटों से लोग व्यथित
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कठुआ। शहर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। रोजाना 9 से 10 घंटे की अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बार-बार बंद हो रही बिजली से दुकानदारों से लेकर गृहिणियां और विद्यार्थी वर्ग को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस बारे में विभाग की ओर से कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी जा रही है।
शुक्रवार को भी सुबह 5 से शाम 8 बजे तक बार-बार बिजली कटती रही। इस दौरान 7 बार बिजली गई और 15 घंटे में 9 घंटे बिजली गुल रही। इससे घरों में पेयजल से लेकर जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। मेंटेनेंस के नाम पर भी रोजाना अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। शहरवासियों का कहना है कि विभाग के अधिकारी हर बार ओवरलोड की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला छुड़ा लेते हैं लेकिन पूरा साल अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोगों को समस्या पेश आ रही है। बिजली विभाग की ओर से प्रतिवर्ष प्री-मेंटेनेंस का कार्य किया जाता है। लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद शहर में बार-बार बिजली गुल हो रही है। इस कटौती के कारण इन्वर्टर भी चार्ज नहीं हो पाते हैं। इससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है।
पेयजल के लिए भी लोग हो रहे परेशान
अघोषित बिजली कटौती के कारण पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। शहरवासी हरीश चंद्र, अरुण मेहता और अरुण खजूरिया का कहना है कि पेयजल सप्लाई का शेड्यूल भी प्रभावित हो रहा है। बिजली कटौती की वजह से समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों के घरों में बोर हैं। इसके अलावा कुछ इलाकों में ओवरहेड टैंक से पानी आ जाता है लेकिन जिनके यहां बोरवेल नहीं हैं या जिन्हें सीधा सरकारी ट्यूबवेल से पानी मिलता है, वहां बार-बार बिजली कटौती के कारण समय पर पानी नहीं मिल पाता। इससे उनके काम प्रभावित हो रहे हैं।
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सबसे ज्यादा परेशान स्कूली बच्चे
अघोषित बिजली कटौती के कारण दुकानदारों में रोष है। आटा चक्की, इलेक्ट्रॉनिक शॉप सहित अन्य दुकानदार परेशान हैं। वहीं, बिजली नहीं होने से गृहिणियों के घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। परीक्षाओं के दिन नजदीक हैं और रात में बिजली कटौती के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है तो सुबह स्कूल या कॉलेज जाने के समय बिजली बंद रहने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
खरोट में 24 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
शहर से सटे गांव खरोट में 24 घंटे लगातार बिजली गुल रहने पर लोगों ने बीते दिन विभाग के खिलाफ रोष भी जताया गया। इसके बाद पहुंचे विभागीय कर्मियों ने पैनल बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल की। गांव के पूर्व सरंपच मोहन सिंह ने गांव में बिजली बहाली करने की तुरंत मांग करते हुए विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की नसीहत दी है।
चक्की चालू करते ही लग जाता है बिजली कट
-पटेल नगर में आटा चक्की चलाने वाले अरुण खजूरिया ने कहा कि कई दिनों से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चक्की चालू करते ही बिजली बंद हो जाती है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना चाहिए।
कर्मचारी बिजली आपूर्ति सेवा को बनाए रखने में अक्षम
-स्थानीय निवासी अरुण मेहता ने बताया कि शहर में बिजली कब आती है और कब चली जाती है, इसका तो पता ही नहीं चलता। ऐसा लगता है कि विभाग के कर्मचारी बिजली आपूर्ति सेवा को बनाए रखने में अक्षम हो चुके हैं। मौजूदा सरकार के समय में बिजली के प्रति यूनिट मूल्य में वृद्धि भले कर दी गई हो लेकिन सेवाएं बद से बदतर होती चली जा रही हैं।
बिजली के इंतजार में कटता है पूरा दिन
-शहर के शिवा नगर निवासी हरीशचंद्र चिंगारी ने कहा कि 10 साल पहले शहर में जब बिजली आपूर्ति के लिए लगाई गई लाइनों में केबलिंग की व्यवस्था की गई तो यह कहा गया था कि इससे शहर में लोगों को 24 घंटे बिजली मिल पाएगी। लेकिन अब तो हालत यह है कि बिजली दो घंटे के बाद अगर बिजली आती है तो वह कब तक रहेगी, इसका कोई आता पता नहीं है। विभाग बिजली आपूर्ति करने के लिए अभी तक कोई टाइम टेबल ही नहीं तय कर पाया है। नतीजा यह है कि पूरा-पूरा दिन सिर्फ बिजली के इंतजार में ही कट जाता है।
4 घंटे का शेडयूल, अघोषित कट के लिए जम्मू से आदेश
पीडीडी के सहायक कार्यकारी अभियंता सुनील शर्मा ने कहा कि खरोट गांव की समस्या को दुरुस्त कर दिया गया है। शुक्रवार को शहर में मेंटीनेंस के लिए कोई कट नहीं लगाया गया। चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम बिजली बंद रखने का शेड्यूल है। उसके अलावा अगर कट लगता है तो वह अघोषित कट है, जिसके आदेश जम्मू से आते हैं।
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शुक्रवार को भी सुबह 5 से शाम 8 बजे तक बार-बार बिजली कटती रही। इस दौरान 7 बार बिजली गई और 15 घंटे में 9 घंटे बिजली गुल रही। इससे घरों में पेयजल से लेकर जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। मेंटेनेंस के नाम पर भी रोजाना अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। शहरवासियों का कहना है कि विभाग के अधिकारी हर बार ओवरलोड की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला छुड़ा लेते हैं लेकिन पूरा साल अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोगों को समस्या पेश आ रही है। बिजली विभाग की ओर से प्रतिवर्ष प्री-मेंटेनेंस का कार्य किया जाता है। लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद शहर में बार-बार बिजली गुल हो रही है। इस कटौती के कारण इन्वर्टर भी चार्ज नहीं हो पाते हैं। इससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है।
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पेयजल के लिए भी लोग हो रहे परेशान
अघोषित बिजली कटौती के कारण पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। शहरवासी हरीश चंद्र, अरुण मेहता और अरुण खजूरिया का कहना है कि पेयजल सप्लाई का शेड्यूल भी प्रभावित हो रहा है। बिजली कटौती की वजह से समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों के घरों में बोर हैं। इसके अलावा कुछ इलाकों में ओवरहेड टैंक से पानी आ जाता है लेकिन जिनके यहां बोरवेल नहीं हैं या जिन्हें सीधा सरकारी ट्यूबवेल से पानी मिलता है, वहां बार-बार बिजली कटौती के कारण समय पर पानी नहीं मिल पाता। इससे उनके काम प्रभावित हो रहे हैं।
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सबसे ज्यादा परेशान स्कूली बच्चे
अघोषित बिजली कटौती के कारण दुकानदारों में रोष है। आटा चक्की, इलेक्ट्रॉनिक शॉप सहित अन्य दुकानदार परेशान हैं। वहीं, बिजली नहीं होने से गृहिणियों के घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। परीक्षाओं के दिन नजदीक हैं और रात में बिजली कटौती के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है तो सुबह स्कूल या कॉलेज जाने के समय बिजली बंद रहने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
खरोट में 24 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
शहर से सटे गांव खरोट में 24 घंटे लगातार बिजली गुल रहने पर लोगों ने बीते दिन विभाग के खिलाफ रोष भी जताया गया। इसके बाद पहुंचे विभागीय कर्मियों ने पैनल बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल की। गांव के पूर्व सरंपच मोहन सिंह ने गांव में बिजली बहाली करने की तुरंत मांग करते हुए विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की नसीहत दी है।
चक्की चालू करते ही लग जाता है बिजली कट
-पटेल नगर में आटा चक्की चलाने वाले अरुण खजूरिया ने कहा कि कई दिनों से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चक्की चालू करते ही बिजली बंद हो जाती है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना चाहिए।
कर्मचारी बिजली आपूर्ति सेवा को बनाए रखने में अक्षम
-स्थानीय निवासी अरुण मेहता ने बताया कि शहर में बिजली कब आती है और कब चली जाती है, इसका तो पता ही नहीं चलता। ऐसा लगता है कि विभाग के कर्मचारी बिजली आपूर्ति सेवा को बनाए रखने में अक्षम हो चुके हैं। मौजूदा सरकार के समय में बिजली के प्रति यूनिट मूल्य में वृद्धि भले कर दी गई हो लेकिन सेवाएं बद से बदतर होती चली जा रही हैं।
बिजली के इंतजार में कटता है पूरा दिन
-शहर के शिवा नगर निवासी हरीशचंद्र चिंगारी ने कहा कि 10 साल पहले शहर में जब बिजली आपूर्ति के लिए लगाई गई लाइनों में केबलिंग की व्यवस्था की गई तो यह कहा गया था कि इससे शहर में लोगों को 24 घंटे बिजली मिल पाएगी। लेकिन अब तो हालत यह है कि बिजली दो घंटे के बाद अगर बिजली आती है तो वह कब तक रहेगी, इसका कोई आता पता नहीं है। विभाग बिजली आपूर्ति करने के लिए अभी तक कोई टाइम टेबल ही नहीं तय कर पाया है। नतीजा यह है कि पूरा-पूरा दिन सिर्फ बिजली के इंतजार में ही कट जाता है।
4 घंटे का शेडयूल, अघोषित कट के लिए जम्मू से आदेश
पीडीडी के सहायक कार्यकारी अभियंता सुनील शर्मा ने कहा कि खरोट गांव की समस्या को दुरुस्त कर दिया गया है। शुक्रवार को शहर में मेंटीनेंस के लिए कोई कट नहीं लगाया गया। चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम बिजली बंद रखने का शेड्यूल है। उसके अलावा अगर कट लगता है तो वह अघोषित कट है, जिसके आदेश जम्मू से आते हैं।