{"_id":"66ea0c1de6cf8d39ce0be7e4","slug":"electricity-news-kathua-news-c-201-1-knt1006-113266-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: बिजली के भारी बिल मिलने पर जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: बिजली के भारी बिल मिलने पर जताया रोष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। बिजली के भारी बिल भेजे जाने पर जराई गांव के लोगों ने रोष जताया है।
मंगलवार को कठुआ स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने एसी लगाया है, उन्हें तीन से 400 रुपये प्रतिमाह बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि गरीब लोगों को एक हजार से 1500 रुपये का बिल दिया जा रहा है। इससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
बिजली के बिलों की समस्या के बारे में आशा देवी ने बताया कि गांव के गरीब परिवारों से फ्लैट रेट के आधार पर एक हजार से 1500 रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं। जिन परिवारों को इतने बड़े-बड़े बिल भेजे जा रहे हैं, उनके घरों में एक एलईडी बल्ब और एक पंखे के सिवा कुछ नहीं है, जबकि एसी की ठंडी हवा लेने वालों को 400 से 500 रुपये के बीच बिल आ रहे हैं। इस बारे में जब विभाग के मीटर रीडर से बात की जाती है तो वह अभद्रता पर उतर आता है।
वहीं, सालू सल्गोत्रा ने कहा कि गांव में रहने वाले परिवार ज्यादातर गरीब हैं। इनके घरों में न तो एसी है और न ही बिजली का कोई ऐसा उपकरण, जिसका इतना बिल आए। इतना मोटा बिल भरना आसान नहीं है। इस पर विभाग के उच्च अधिकारियों को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और जिससे भी यह चूक हुई है, उस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को कठुआ स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने एसी लगाया है, उन्हें तीन से 400 रुपये प्रतिमाह बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि गरीब लोगों को एक हजार से 1500 रुपये का बिल दिया जा रहा है। इससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
बिजली के बिलों की समस्या के बारे में आशा देवी ने बताया कि गांव के गरीब परिवारों से फ्लैट रेट के आधार पर एक हजार से 1500 रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं। जिन परिवारों को इतने बड़े-बड़े बिल भेजे जा रहे हैं, उनके घरों में एक एलईडी बल्ब और एक पंखे के सिवा कुछ नहीं है, जबकि एसी की ठंडी हवा लेने वालों को 400 से 500 रुपये के बीच बिल आ रहे हैं। इस बारे में जब विभाग के मीटर रीडर से बात की जाती है तो वह अभद्रता पर उतर आता है।
विज्ञापन
वहीं, सालू सल्गोत्रा ने कहा कि गांव में रहने वाले परिवार ज्यादातर गरीब हैं। इनके घरों में न तो एसी है और न ही बिजली का कोई ऐसा उपकरण, जिसका इतना बिल आए। इतना मोटा बिल भरना आसान नहीं है। इस पर विभाग के उच्च अधिकारियों को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और जिससे भी यह चूक हुई है, उस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन