कठुआ। जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को कठुआ में एक पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। इसमें निजी स्कूल प्रबंधकों ने किताबों की किल्लत को लेकर नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी सतपाल मन्सौत्रा, नरेश कुमार और लावण्य खुल्लर ने कहा कि पहले यूटी प्रशासन की ओर से गत वर्ष आदेश जारी किया गया था कि छठी से लेकर 12वीं तक की किताबें एनसीईआरटी जम्मू कश्मीर बोर्ड से प्रकाशित होनी चाहिए लेकिन इस बार पहली से 12वीं तक की जम्मू कश्मीर बोर्ड की किताबों से ही पढ़ाई करवाने के आदेश निकाले गए। अभी तक परिजनों को दुकानों पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई विषय ऐसे हैं, जिनकी किताबें अभी तक दुकानों पर नहीं पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि इससे एक तरफ जहां विद्यार्थियों के परिजन परेशान हैं वहीं बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि पांचवीं कक्षा तक की हिंदी की किताब ही नहीं है। ऐसे में निजी स्कूल बच्चों को कैसे पढ़ाई करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन के फैसले का सभी स्कूल संचालकों ने स्वागत किया लेकिन अब किताबों की किल्लत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित कर रही है। बताया कि इसका विरोध परिजनों ने भी किया था क्योंकि अधिकतर निजी स्कूल कक्षा एक और दो के कुछ विषयों को लेकर तैयारी किंडर गार्टन में ही करवा देते हैं। सेशन शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक जम्मू-कश्मीर बोर्ड की किताबें नहीं मिल रहीं। उन्होंने यूटी प्रशासन से मांग की कि विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्या समझते हुए किताबें उपलब्ध करवाई जाएं।