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रविवार के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में आया उछाल
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कठुआ। नवरात्र के छठे दिन जिला के देवी मंदिरों में मां दुर्गा के कात्यायनी शुरू की आराधना की गई। इस दौरान हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने माता के समक्ष अपने सिर झुका कर सुख समृद्धि की कामना की। रविवार को मंदिरों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी से ज्यादा दर्ज की गई। जिसके चलते वहां सरकार के कोरोना निर्देशों का पालन करवाने में लगे पुलिस बलों और मंदिर के सेवादारों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
दूरदराज के क्षेत्रों में भी मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले लंगरों में भी दिन भर रौनक बनी रहे। मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का क्रम सुबह 5 बजे से जो एक बार शुरू हुआ तो वह देर शाम तक लगातार जारी रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा किए जा रहे भजन कीर्तन व माता रानी के जयघोष से मंदिरों का माहौल भक्ति में बना रहा। हालांकि मंदिरों में पूरे परिवार के साथ माता का दर्शन करने आए लोगों को इस दौरान देवी मंदिरों के आसपास लगने वाले मेले की कमी अखरी। लेकिन कोरोना संक्रमण के इस दौर में माता रानी का दर्शन मिल जाना ही अपना सौभाग्य समझा। जिला के जसरोटा स्थित काली माता मंदिर, बिलावर स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, सुकराला माता मंदिर के साथ-साथ बनी के जोड़यां माता मंदिर व दौले माता मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण वहां मेले जैसा माहौल को देखने को मिला। अब तक सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण वीरान दिख रहे लंगरों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आए भक्तों को देखकर उनकी सेवा के लिए लंगर लगाने वालों में भी खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान उन्होंने पूरा दिन लोगों को जलपान के साथ-साथ भोजन भी परोसा गया।
जिला के प्रमुख देवी मंदिरों दर्शन करने के लिए आए भक्तों की संख्या
मंदिर स्थान संख्या
सुकराला माता बिलावर 3600
बाला सुंदरी बिलावर 5000
काली माता मंदिर जसरोटा 8000
बाला सुंदरी नगरी 2800
चंद्रिका माता शेर कोटला 700
जोड़ेयां माता बनी 1500
दौले माता बनी 2500
काली माता मंदिर जांडी 800
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दूरदराज के क्षेत्रों में भी मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले लंगरों में भी दिन भर रौनक बनी रहे। मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का क्रम सुबह 5 बजे से जो एक बार शुरू हुआ तो वह देर शाम तक लगातार जारी रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा किए जा रहे भजन कीर्तन व माता रानी के जयघोष से मंदिरों का माहौल भक्ति में बना रहा। हालांकि मंदिरों में पूरे परिवार के साथ माता का दर्शन करने आए लोगों को इस दौरान देवी मंदिरों के आसपास लगने वाले मेले की कमी अखरी। लेकिन कोरोना संक्रमण के इस दौर में माता रानी का दर्शन मिल जाना ही अपना सौभाग्य समझा। जिला के जसरोटा स्थित काली माता मंदिर, बिलावर स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, सुकराला माता मंदिर के साथ-साथ बनी के जोड़यां माता मंदिर व दौले माता मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण वहां मेले जैसा माहौल को देखने को मिला। अब तक सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण वीरान दिख रहे लंगरों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आए भक्तों को देखकर उनकी सेवा के लिए लंगर लगाने वालों में भी खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान उन्होंने पूरा दिन लोगों को जलपान के साथ-साथ भोजन भी परोसा गया।
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जिला के प्रमुख देवी मंदिरों दर्शन करने के लिए आए भक्तों की संख्या
मंदिर स्थान संख्या
सुकराला माता बिलावर 3600
बाला सुंदरी बिलावर 5000
काली माता मंदिर जसरोटा 8000
बाला सुंदरी नगरी 2800
चंद्रिका माता शेर कोटला 700
जोड़ेयां माता बनी 1500
दौले माता बनी 2500
काली माता मंदिर जांडी 800