{"_id":"67b8cd06bcd458fa3f0d3130","slug":"discussion-on-problems-of-ex-servicemen-kathua-news-c-201-1-knt1006-117629-2025-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: बैठक में पूर्व सैनिकों ने रखीं अपनी समस्याएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: बैठक में पूर्व सैनिकों ने रखीं अपनी समस्याएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-कश्मीर एक वेलफेयर एसोसिएशन की मासिक बैठक में पूर्व सैनिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। चेयरमैन कैप्टन ज्ञान सिंह पठानिया ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए इन समस्याओं के समाधान के लिए एसोसिएशन की ओर से किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी।
उप चेयरमैन बलबीर सिंह जसरोटिया ने सरकार की ओर से आठवें वेतन आयोग की घोषणा पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आयोग में सेवा के जूनियर कमीशन ऑफिसर, नॉन कमीशन ऑफिसर के साथ भारतीय जल सेना और वायु सेना के सदस्यों को भी शामिल करने की मांग उठाई। कहा कि इससे इस वर्ग का भी प्रतिनिधित्व आयोग में बढ़ेगा। उन्होंने सेना मुख्यालय की ओर से नए आदेश के बारे में भी बताया।
इसके मुताबिक अब जेसीओ के रिकॉर्ड को पांच साल तक ही सुरक्षित रखने की बात कही जा रही है। जबकि पूर्व में सेवानिवृत्त होने वाले जवानों का रिकॉर्ड 25 साल तक सुरक्षित रखा जाता था, जिसे आज भी जारी रखने की जरूरत है। क्योंकि अगर रिकॉर्ड को इतने समय तक नहीं रखा गया तो आने वाले दिनों में परेशानियां बढ़ेंगी। बैठक में मदन सिंह जसरोटिया, महताब सिंह, जाट राम शर्मा, सुखराम, रतन वर्मा के अलावा कई अन्य पूर्व सैनिक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। जम्मू-कश्मीर एक वेलफेयर एसोसिएशन की मासिक बैठक में पूर्व सैनिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। चेयरमैन कैप्टन ज्ञान सिंह पठानिया ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए इन समस्याओं के समाधान के लिए एसोसिएशन की ओर से किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी।
उप चेयरमैन बलबीर सिंह जसरोटिया ने सरकार की ओर से आठवें वेतन आयोग की घोषणा पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आयोग में सेवा के जूनियर कमीशन ऑफिसर, नॉन कमीशन ऑफिसर के साथ भारतीय जल सेना और वायु सेना के सदस्यों को भी शामिल करने की मांग उठाई। कहा कि इससे इस वर्ग का भी प्रतिनिधित्व आयोग में बढ़ेगा। उन्होंने सेना मुख्यालय की ओर से नए आदेश के बारे में भी बताया।
विज्ञापन
इसके मुताबिक अब जेसीओ के रिकॉर्ड को पांच साल तक ही सुरक्षित रखने की बात कही जा रही है। जबकि पूर्व में सेवानिवृत्त होने वाले जवानों का रिकॉर्ड 25 साल तक सुरक्षित रखा जाता था, जिसे आज भी जारी रखने की जरूरत है। क्योंकि अगर रिकॉर्ड को इतने समय तक नहीं रखा गया तो आने वाले दिनों में परेशानियां बढ़ेंगी। बैठक में मदन सिंह जसरोटिया, महताब सिंह, जाट राम शर्मा, सुखराम, रतन वर्मा के अलावा कई अन्य पूर्व सैनिक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन