आतंक के साये में जिंदगी: पंजतीर्थी में आतंकियों के खौफ से सहमे लोग, स्थानीय लोगों ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
पंजतीर्थी के निवासियों ने बढ़ते आतंकवादी हमलों के बीच क्षेत्र में सेना की स्थायी चौकियां स्थापित करने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
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आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र के निवासियों ने पंजतीर्थी में सेना की स्थायी चौकियां स्थापित करने की मांग की है।भड्डू पंचायत, लोअर भड्डू पंचायत, डडवाडा, अपर डूंगाडा, लोअर डूंगाडा और बरोटा पंचायत के लोगों ने बताया कि पंजतीर्थी कई वर्षों से आतंकवादियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग रहा है।
स्थानीय निवासियों ने कहा कि वर्तमान में जिस क्षेत्र में मुठभेड़ जारी है, वह अत्यंत संवेदनशील हो गया है। आधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों का जंगलों में छिपे रहना नागरिकों में भय पैदा कर रहा है। उन्होंने सरकार से उज्ज दरिया से सटे क्षेत्रों के निवासियों को तुरंत हथियार लाइसेंस जारी करने की अपील की है।
संवादजब तक यह सुनिश्चित नहीं किया जाता कि इस प्रकार की आतंकवादी घटनाएं नहीं होगी लोगों के दिलों में डर का माहौल है। दिलावर जैसे शांतिप्रिय इलाके में आए दिन इस प्रकार की वारदातों में बढ़ोतरी होने से लोगों ने बेवजह घरों से निकलना छोड़ दिया है।
मुकेश कुमार, स्थानीय निवासीलोअर डूंगाडा पंचायत से 500 मीटर की दूरी पर आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई है। इसकी वजह से गांव वासी डरे और सहमे हुए हैं। सरकार जल्द स्थानीय युवाओं को हथियार उपलब्ध करवाए ताकि आतंकवादी गतिविधियों को रोका जा सके।
सुरेंद्र त्रिपाठी, स्थानीयइलाके के 90% से अधिक लोग पशुपालन के सहारे जीविका चलाते हैं। मगर पिछले एक सप्ताह से इलाके का माहौल ठीक नहीं है, जिसकी वजह से लोगों ने मवेशियों को लेकर जंगलों की तरफ जाना छोड़ दिया है।
संजीव सिंह स्थानीयबिलावर के इलाके में पिछले कई महीनों से आतंकवादी सक्रिय हैं, जिन्होंने कई वारदातों को अंजाम दिया है। सरकार स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण दे और इलाके में सेना की भर्ती कराई जाए ताकि आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दे सके।
चमन लाल शर्मा, स्थानीयइलाके में ओवरग्राउंड वर्कर सक्रिय हैं। इसकी वजह से पाकिस्तानी आतंकवादियों को सहायता मिल रही है। सरकार को आतंकवादियों की मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।