{"_id":"6a2869b4391bd76ed609a4c8","slug":"delhis-arun-defeated-kathuas-salim-kathua-news-c-201-1-knt1008-132982-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: दिल्ली के अरुण ने दी कठुआ के सलीम के पटकनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: दिल्ली के अरुण ने दी कठुआ के सलीम के पटकनी
विज्ञापन
कच्छेड़ नकाल में कुश्ती लड़ते पहलवान
कच्छेड़ के नकाल में वार्षिक दंगल में पहलवानों ने आजमाए दांवपेच
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। गांव कच्छेड़ के नकाल में रविवार को वार्षिक दंगल का आयोजन किया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नामी पहलवानों ने हिस्सा लेकर अपने दमखम का प्रदर्शन किया। दंगल में बड़ी माली का मुकाबला अरुण गुर्जर दिल्ली और सलीम पहलवान कठुआ के बीच हुआ। इसमें अरुण गुर्जर ने विरोधी पहलवान को पटकनी देकर मुकाबला अपने नाम किया।
इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विकास परिषद सदस्य नारायण दत्त त्रिपाठी और स्थानीय दंगल कमेटी ने पहलवानों का हाथ मिलकर करवाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पहलवान अखाड़े में उतरे और एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए जमकर जोर आजमाइश की। विजेता पहलवानों को मेला कमेटी की ओर से नकद राशि और गुर्ज देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों में रेफरी सुरजीत सिंह ने बताया कि कच्छेड़ नकाल का यह वार्षिक दंगल क्षेत्र की पुरानी परंपरा है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। गांव कच्छेड़ के नकाल में रविवार को वार्षिक दंगल का आयोजन किया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नामी पहलवानों ने हिस्सा लेकर अपने दमखम का प्रदर्शन किया। दंगल में बड़ी माली का मुकाबला अरुण गुर्जर दिल्ली और सलीम पहलवान कठुआ के बीच हुआ। इसमें अरुण गुर्जर ने विरोधी पहलवान को पटकनी देकर मुकाबला अपने नाम किया।
इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विकास परिषद सदस्य नारायण दत्त त्रिपाठी और स्थानीय दंगल कमेटी ने पहलवानों का हाथ मिलकर करवाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पहलवान अखाड़े में उतरे और एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए जमकर जोर आजमाइश की। विजेता पहलवानों को मेला कमेटी की ओर से नकद राशि और गुर्ज देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों में रेफरी सुरजीत सिंह ने बताया कि कच्छेड़ नकाल का यह वार्षिक दंगल क्षेत्र की पुरानी परंपरा है।
विज्ञापन